नासा में इंटर्नशिप कर रहे 17 वर्षीय छात्र ने ढूंढा पृथ्वी से सात गुना बड़ा ग्रह

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नासा में इंटर्नशिप कर रहे 17 वर्षीय छात्र ने ढूंढा पृथ्वी से सात गुना बड़ा ग्रह

नई दिल्ली। अमेरिका के 17 साल के एक किशोर ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में वो कारनामा कर दिखाया जिसे करने के लिए बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं। दरअसल, न्यूयॉर्क के रहने वाले वॉल्फ कुकियर ने नासा में इंटर्नशिप के तीसरे दिन ही ब्रह्मांड में एक नवीन ग्रह की खोज कर डाली। यह  ग्रह  पृथ्वी से लगभग 1,300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।  

17 Year Old Student Doing An Internship At Nasa Finds A Planet Seven Times Larger Than Earth :

ग्रह का नाम TOI 1388b रखा गया है। इसके आकार की बात करें तो यह नेप्च्यून और सैटर्न (अरुण और वरुण) के बीच है। इसकी एक और खास बात यह है कि यह दो सितारों की परिक्रमा करता है, जिनमें से एक हमारे सूर्य से 15 प्रतिशत बड़ा है, जबकि दूसरा काफी छोटा है।

ग्रह अंतरिक्ष के टीओआई 1338 नाम के बाइनरी स्टार सिस्टम में खोजा गया है, जो पृथ्वी से 1300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारामंडल में मौजूद है। अब यह इस सिस्टम का एकमात्र ज्ञात ग्रह है। ग्रह पृथ्वी से 6.9 गुना बड़ा है और अपने सूर्य के बैहद करीब है।

नासा के मुताबिक, कुकियर अंतरिक्ष एजेंसी के मैरीलैंड स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में इंटर्नशिप के लिए चयनित हुए। उन्होंने यहां पहुंचने के तीसरे दिन ही ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टेसा) के जरिये ग्रह की खोज कर डाली। कुकियर ने कहा, जब मैं खोज कर रहा था तो मुझे अंतरिक्ष में तारों का एक गुच्छा दिखा, जहां ग्रह होने के संकेत थे। मुझे यह सत्यापित करने में कुछ घंटे लगे कि यह बोनाफाइड ग्रह है।

100 में से 1 खोजा

कुकियर ने कहा कि अंतरिक्ष के उस हिस्से में मुझे 100 चमकीली चीजें दिखीं। उन में से मैंने प्रत्येक पर काम किया और पाया कि यहां एक ग्रह मौजूद है। 100 में से एक की चमक बिल्कुल अलग थी और इससे मैं समझ चुका था कि वह ग्रह हो सकता है। मैंने उस पर कई घंटों तक काम किया और निष्कर्ष निकाला कि वह एक ग्रह ही है। बाद में मेरे वरिष्ठों ने भी मेरी खोज पर मुहर लगा दी।  

नई दिल्ली। अमेरिका के 17 साल के एक किशोर ने अंतरिक्ष के क्षेत्र में वो कारनामा कर दिखाया जिसे करने के लिए बड़े-बड़े वैज्ञानिक भी अपनी पूरी जिंदगी लगा देते हैं। दरअसल, न्यूयॉर्क के रहने वाले वॉल्फ कुकियर ने नासा में इंटर्नशिप के तीसरे दिन ही ब्रह्मांड में एक नवीन ग्रह की खोज कर डाली। यह  ग्रह  पृथ्वी से लगभग 1,300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।   ग्रह का नाम TOI 1388b रखा गया है। इसके आकार की बात करें तो यह नेप्च्यून और सैटर्न (अरुण और वरुण) के बीच है। इसकी एक और खास बात यह है कि यह दो सितारों की परिक्रमा करता है, जिनमें से एक हमारे सूर्य से 15 प्रतिशत बड़ा है, जबकि दूसरा काफी छोटा है। ग्रह अंतरिक्ष के टीओआई 1338 नाम के बाइनरी स्टार सिस्टम में खोजा गया है, जो पृथ्वी से 1300 प्रकाश वर्ष दूर स्थित एक तारामंडल में मौजूद है। अब यह इस सिस्टम का एकमात्र ज्ञात ग्रह है। ग्रह पृथ्वी से 6.9 गुना बड़ा है और अपने सूर्य के बैहद करीब है। नासा के मुताबिक, कुकियर अंतरिक्ष एजेंसी के मैरीलैंड स्थित गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर में इंटर्नशिप के लिए चयनित हुए। उन्होंने यहां पहुंचने के तीसरे दिन ही ट्रांसिटिंग एक्सोप्लेनेट सर्वे सैटेलाइट (टेसा) के जरिये ग्रह की खोज कर डाली। कुकियर ने कहा, जब मैं खोज कर रहा था तो मुझे अंतरिक्ष में तारों का एक गुच्छा दिखा, जहां ग्रह होने के संकेत थे। मुझे यह सत्यापित करने में कुछ घंटे लगे कि यह बोनाफाइड ग्रह है। 100 में से 1 खोजा कुकियर ने कहा कि अंतरिक्ष के उस हिस्से में मुझे 100 चमकीली चीजें दिखीं। उन में से मैंने प्रत्येक पर काम किया और पाया कि यहां एक ग्रह मौजूद है। 100 में से एक की चमक बिल्कुल अलग थी और इससे मैं समझ चुका था कि वह ग्रह हो सकता है। मैंने उस पर कई घंटों तक काम किया और निष्कर्ष निकाला कि वह एक ग्रह ही है। बाद में मेरे वरिष्ठों ने भी मेरी खोज पर मुहर लगा दी।