छात्रा का हेडमास्टर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, केस वापस न लेने पर जिंदा जलाया

rafi
छात्रा का हेडमास्टर पर यौन उत्पीड़न का आरोप, केस वापस न लेने पर जिंदा जलाया

नई दिल्ली। बांग्लादेश में 19 साल की एक लड़की को यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत करने का खमियाजा अपनी मौत से चुकाना पड़ा। 19 साल की नुसरत जहान रफी को उसके ही स्कूल में जिंदा जलाकर मार दिया गया। नुसरत ने दो हफ्ते पहले ही अपने हेडमास्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी।

19 Year Old Girl Burned To Death For Reporting Sexual Harassment In Bangladesh :

पीड़ित लड़की ढाका से करीब 160 किलोमीटर दूर छोटे से कस्बे फेनी में रहती थी। वह वहां के एक मदरसे में पढ़ रही थी। 27 मार्च को उसे हेडमास्टर ने अपने कैबिन में बुलाया और गलत ढंग से उन्हें छूने लगा। बात आगे बढ़ने से पहले ही पीड़िता वहां से भाग गई।

पीड़िता ने घर जाकर अपने परिजनों को इस घटना से अवगत कराया। पीड़ित लड़की ने अपने खिलाफ हुए अत्याचार को लेकर आवाज उठाते हुए अपने घरवालों के साथ जाकर पुलिस से शियाकत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी मास्टर को गिरफ्तार कर लिया।

हेडमास्टर की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग थाने के बाहर उसे रिहा करने को लेकर प्रदर्शन करने लगे। पीड़िता ने मरने से पहले पुलिस को बयान दिया कि 6 अप्रैल को वो अपने आखिरी पेपर के लिए स्कूल गई थी। उसके साथ पढ़ने वाली एक छात्रा बहाना बनाकर उसे छत पर ले गई जहां 4-5 लोग बुरका पहन कर खड़े हुए थे।

बुरका पहने लोगों ने पीड़िता से शिकायत वापस लेने को कहा। मना करने पर उन लोगों ने लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के प्रमुख मजूमदार ने कहा कि हत्यारे चाहते थे कि यह सब कुछ एक आत्महत्या जैसा लगे। पर 10 अप्रैल को मरने से पहले पीड़िता ने अस्पताल में आरोपियों के खिलाफ बयान दे दिया।

पुलिस ने 19 वर्षीय लड़की की हत्या के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से सात लोग सीधे तौर पर हत्या में शामिल थे। इनमें से दो छात्र वे भी थे, जिन्होंने हेडमास्टर को रिहा कराने के लिए प्रदर्शन किया था। बता दें कि बांग्लादेश में लड़की की मौत को लेकर प्रदर्शन हुआ जिसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पीड़िता के परिवार वालों से मुलाकात की और हत्या में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को सजा दिलाने का वादा किया।

नई दिल्ली। बांग्लादेश में 19 साल की एक लड़की को यौन उत्पीड़न के खिलाफ शिकायत करने का खमियाजा अपनी मौत से चुकाना पड़ा। 19 साल की नुसरत जहान रफी को उसके ही स्कूल में जिंदा जलाकर मार दिया गया। नुसरत ने दो हफ्ते पहले ही अपने हेडमास्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित लड़की ढाका से करीब 160 किलोमीटर दूर छोटे से कस्बे फेनी में रहती थी। वह वहां के एक मदरसे में पढ़ रही थी। 27 मार्च को उसे हेडमास्टर ने अपने कैबिन में बुलाया और गलत ढंग से उन्हें छूने लगा। बात आगे बढ़ने से पहले ही पीड़िता वहां से भाग गई। पीड़िता ने घर जाकर अपने परिजनों को इस घटना से अवगत कराया। पीड़ित लड़की ने अपने खिलाफ हुए अत्याचार को लेकर आवाज उठाते हुए अपने घरवालों के साथ जाकर पुलिस से शियाकत दर्ज कराई। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी मास्टर को गिरफ्तार कर लिया। हेडमास्टर की गिरफ्तारी के बाद कुछ लोग थाने के बाहर उसे रिहा करने को लेकर प्रदर्शन करने लगे। पीड़िता ने मरने से पहले पुलिस को बयान दिया कि 6 अप्रैल को वो अपने आखिरी पेपर के लिए स्कूल गई थी। उसके साथ पढ़ने वाली एक छात्रा बहाना बनाकर उसे छत पर ले गई जहां 4-5 लोग बुरका पहन कर खड़े हुए थे। बुरका पहने लोगों ने पीड़िता से शिकायत वापस लेने को कहा। मना करने पर उन लोगों ने लड़की पर मिट्टी का तेल छिड़कर आग लगा दी। पुलिस ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के प्रमुख मजूमदार ने कहा कि हत्यारे चाहते थे कि यह सब कुछ एक आत्महत्या जैसा लगे। पर 10 अप्रैल को मरने से पहले पीड़िता ने अस्पताल में आरोपियों के खिलाफ बयान दे दिया। पुलिस ने 19 वर्षीय लड़की की हत्या के आरोप में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से सात लोग सीधे तौर पर हत्या में शामिल थे। इनमें से दो छात्र वे भी थे, जिन्होंने हेडमास्टर को रिहा कराने के लिए प्रदर्शन किया था। बता दें कि बांग्लादेश में लड़की की मौत को लेकर प्रदर्शन हुआ जिसके बाद प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पीड़िता के परिवार वालों से मुलाकात की और हत्या में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को सजा दिलाने का वादा किया।