पूर्वांचल में थम नहीं रहा इंसेफेलाइटिस का कहर, दो और बच्चों की मौत

गोरखपुर: पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। शासन का दावा है कि इंसेफेलाइटिस के मरीज अब नहीं आ रहे हैं लेकिन 68 मरीजों के रक्त की जांच में जापानी इंसेफेलाइटिस की पुष्टि हुई है। गोरखपुर के बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस से पीड़ित दो और बच्चों की शुक्रवार को मौत होने के साथ ही इस बीमारी से मरने वालों की संख्या बढ़कर 315 हो गयी है।सूत्रों ने बताया कि उपचार के दौरान इंसेफेलाइटिस से जिन दो बच्चों की मौत हुई है, वे दोनों गोरखपुर जिले के हैं।




पिछली एक जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से पीड़ित 1204 रोगियों को मेडिकल कालेज में भर्ती कराया, इनमें से अब तक 315 बच्चों की मृत्यु हो चुकी है। मेडिकल कालेज में इस दौरान 10 नये रोगियों को भर्ती कराया गया है जबकि 104 मरीजों का उपचार पहले से चल रहा है।इस मेडिकल कालेज में गोरखपुर और बस्ती मंडल के सात जिलों के अलावा आजमगढ़, बलिया, गोण्डा, मऊ, गाजीपुर, बलरामपुर, अम्बेडकर नगर , बदायूं से लेकर-झारखण्ड, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल के भी मरीज भर्ती हैं। सूत्रों ने बताया कि बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में इस साल बिहार के 135 मरीजों में 33 तथा पड़ोसी देश नेपाल के दो मरीजों में से एक मरीज की मृत्यु हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि जांच के लिए भेजे गये खून के नमूनों की जांच के बाद 68 में जापानीज इंसेफेलाइटिस (जेई) की पुष्टि हुई है । गौरतलब है कि बाबा राघवदास मेडिकल कालेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों के लगातार भर्ती होने और मृत्यु के बावजूद संसाधनों की कमी बनी हुई है। बिस्तरों की कमी से गहन चिकित्सा कक्ष में एक बेड पर दो-दो मरीजों को रखना पड़ रहा है। मुख्य सचिव ने दो दिन पूर्व मेडिकल कालेज का दौरा करने के बाद जरूरी संसाधनों में बढ़ोतरी के निर्देश दिये हैं।