2002 गुजरात दंगा मामला : PM मोदी को क्लीनचिट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टली

2002 गुजरात दंगा मामला : PM मोदी को क्लीनचिट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टली
2002 गुजरात दंगा मामला : PM मोदी को क्लीनचिट के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई टली

नई दिल्ली। साल 2002 के गुजरात दंगों के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जाकिया जाफरी की याचिका पर सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते तक टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट अब इस याचिका पर अगले साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता की और से इस संबध में और दस्तावेज दाखिल करने के लिए वक्त मांगा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने का फैसला किया।

2002 Gujarat Riots Supreme Court Hear Plea On Zakia Jafari :

पिछले साल गुजरात हाई कोर्ट ने गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार मामले में एसआइटी द्वारा मोदी और अन्य को क्लीन चिट दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा था। इसके साथ ही कोर्ट ने जकिया जाफरी और तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही उन्हें आगे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्देश दिया था। जकिया ने पांच अक्टूबर, 2017 के गुजरात हाई कोर्ट के इस फैसले को खारिज करने की अपील सुप्रीम कोर्ट में की थी।

वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी एसआईटी की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने दलील दी थी कि जाकिया जाफरी की याचिका सुनवाई के लिए योग्य नहीं है। बता दें कि साल 2012 में मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस अग्निकांड के बाद हुई हिंसा में 58 लोगों को बरी कर दिया था, इस हिंसा में 69 लोगों की मौत हुई थी।

नई दिल्ली। साल 2002 के गुजरात दंगों के एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने जाकिया जाफरी की याचिका पर सुनवाई जनवरी के तीसरे हफ्ते तक टाल दी है। सुप्रीम कोर्ट अब इस याचिका पर अगले साल जनवरी के तीसरे हफ्ते में सुनवाई करेगा। याचिकाकर्ता की और से इस संबध में और दस्तावेज दाखिल करने के लिए वक्त मांगा था। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई टालने का फैसला किया।पिछले साल गुजरात हाई कोर्ट ने गुलबर्ग सोसाइटी नरसंहार मामले में एसआइटी द्वारा मोदी और अन्य को क्लीन चिट दिए जाने के फैसले को बरकरार रखा था। इसके साथ ही कोर्ट ने जकिया जाफरी और तीस्ता सीतलवाड़ की याचिका को खारिज कर दिया था। साथ ही उन्हें आगे की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट जाने का निर्देश दिया था। जकिया ने पांच अक्टूबर, 2017 के गुजरात हाई कोर्ट के इस फैसले को खारिज करने की अपील सुप्रीम कोर्ट में की थी।वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी एसआईटी की तरफ से हाईकोर्ट में पेश हुए थे। उन्होंने दलील दी थी कि जाकिया जाफरी की याचिका सुनवाई के लिए योग्य नहीं है। बता दें कि साल 2012 में मेट्रोपोलिटन कोर्ट ने गोधरा में साबरमती एक्सप्रेस अग्निकांड के बाद हुई हिंसा में 58 लोगों को बरी कर दिया था, इस हिंसा में 69 लोगों की मौत हुई थी।