ह्यूमन ट्रैफिकिंग: रग्बी ट्रेनिंग के लिए पेरिस गए 22 नाबालिग गायब, सीबीआई हुई सक्रिय

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ह्यूमन ट्रैफिकिंग: रग्बी ट्रेनिंग के लिए पेरिस गए 22 नाबालिग गायब, सीबीआई हुई सक्रिय

नई दिल्ली। रग्बी ट्रेनिंग कैंप के बहाने 2016 ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार बनाकर फ्रांस भेजे गए 25 नाबालिग बच्चों के मामले में सीबीआई ने तीन ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है इंसानों की तस्करी करने वाले इन तीनों एजेंट्स के गैंग ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 25 नाबालिग बच्चों को रग्बी की ट्रेनिंग के नाम पर पेरिस भेजाने के लिए परिजनों की सह​मति के साथ खर्चा भी बसूल किया था। फ्रांस भेजने के लिए बच्चों को रग्बी का खिलाड़ी बताकर ही उनके नाम पर वीजा जारी करवाया गया, लेकिन फ्रांस जाने के बाद इन बच्चों में से 22 बच्चे गायब बताए जा रहे हैं।

सूत्रों की माने तो सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली और फरीदाबाद के ललित डेविड डीन, संजीव रॉय और वरुण चौधरी नाम के एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज कर छापेमारी की कार्रवाई की है। सीबीआई की पूछताछ में सामने आया है कि इन तीनों ने साल 2016 में 25 नाबालिग छात्रों को रग्बी का खिलाड़ी बनाने के लिए फ्रांस भेजने के नाम पर उनके मां बाप से 25 से 30 लाख रुपए बसूले थे।

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भारत में बैठे इन बच्चों के मां बाप अपने बच्चों के स्वर्णिम भविष्य का सपना देख रहे थे तो दूसरी ओर उनके बच्चों का फ्रांस में कोई अता पता नहीं चल रहा था। इन 25 बच्चों के साथ फ्रांस पहुंचा एक बच्चा कुछ दिन पहले ही फ्रांसीसी सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ा था। जहां से पूरे मामले का खुलासा हुआ। इसके बाद फ्रांसीसी एजेंसियों ने भारत स्थित दूतावास से इस पूरे मामले में पड़ताल की तो पता चला कि वह 25 बच्चों की रग्बी टीम का सदस्य था। वीजा के लिए दूतावास को दिए गए दस्तावेजों जांच में फर्जी पाए जाने के बाद भारतीय एजेंसियों को इस बात की जानकारी भेजी गई थी।

फ्रांसीसी ऐजेंसियों से मिली जानकारी के आधार पर सीबीआई ने इस मामले में छानबीन की तो पता चला कि दिल्ली और फरीदाबाद से आने वाले तीन एजेंटों ने ह्यूमन ट्रैफिकिंग की नियत के साथ इन बच्चों को फ्रांस भेजा था। इन तीनों ठगों ने रग्बी कैंप का आयोजन कर बच्चों और उनके मां बाप को अपने चुंगल में फंसाया था। बड़ी संख्या में बच्चों को शॉर्टलिस्ट कर योजनाबद्ध तरीके से कुछ दिनों तक खेल की ट्रेनिंग भी दी गई। जिसके बाद उन बच्चों के मां बाप के सामने ट्रेनिंग के लिए फ्रांस के पेरिस भेजने का जाल बुना गया, जिसकी फीस 25 से 30 लाख रूपए बताई गई। इन धोखेबाजों का प्लान उस समय कामयाब हो गया जब 25 बच्चों के मां बाप ने अपने बच्चों को फ्रांस भेजने के लिए 25 से 30 लाख की फीस जमा करवा दिए।

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एक ओर बच्चों के मां—बाप को ट्रेनिंग की बात कही गई तो दूसरी ओर फ्रांसीसी दूतावास में रग्बी टूर्नामेंट खेलने जाने के लिए वीजा आवेदन किया गया। मानव तस्करी की नियत से किए जा रहे इस काम में इन एजेंटों को दूसरी सफता उस समय ​मिली जब फ्रांसीसी दूतावास ने उनके फर्जी दस्तावेजों के आधार पर वीजा प्रदान कर दिया।

अब सीबीआई के सामने इन तीनों एजेंटों के कारनामों की तह तक जाना बड़ी चुनौती बन चुका है। 2016 में फ्रांस गए इन 25 बच्चों में से केवल तीन के बारे में ही जानकारी मिल सकी है जबकि 22 बच्चों के बारे में फ्रांस की जांच एजेंसियां छानबीन कर रही है, जबकि सीबीआई भारत से संचालित हो रहे इस गैंग से इस मामले में जानकारी जुटाने में लगी है।

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नई दिल्ली। रग्बी ट्रेनिंग कैंप के बहाने 2016 ह्यूमन ट्रैफिकिंग का शिकार बनाकर फ्रांस भेजे गए 25 नाबालिग बच्चों के मामले में सीबीआई ने तीन ट्रेवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बताया जा रहा है इंसानों की तस्करी करने वाले इन तीनों एजेंट्स के गैंग ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के 25 नाबालिग बच्चों को रग्बी की ट्रेनिंग के नाम पर पेरिस भेजाने के लिए परिजनों की सह​मति के साथ खर्चा भी बसूल किया था। फ्रांस भेजने के…
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