राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित होंगे ये 22 बहादुर बच्चे

राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित होंगे ये 22 बहादुर बच्चे
राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित होंगे ये 22 बहादुर बच्चे

नई दिल्ली। भारतीय बाल कल्याण परिषद (आइसीसीडब्ल्यू) द्वारा देश के बहादुर बच्चों को 62 साल से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है। तमाम विवादों में घिरे होने के बाद भी इस बार यह दिया जाएंगे। वर्ष 2019 के 22 बच्चों का चयन किया गया है। जिनमें 10 लड़कियां हैं और 12 लड़के हैं हालांकि एक लड़के को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जाएगा। फिल्हाल अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल सही है कि इन बच्चों को यह पुरस्कार कब और किसके हाथों दिया जाएगा।

22 Children To Be Given National Bravery Award On Republic Day :

सम्मानित होंगे ये बच्चे

मणिपुर की आठ वर्षीय लारेंबम याईखोंबा मंगांग
मिजोरम की पौने 17 वर्षीय लालियानसांगा
कर्नाटक की सवा 11 वर्षीय बेंकटेश
छत्तीसगढ के सवा नौ वर्ष के कांति पैकरा
जम्मू कश्मीर के साढे 18 वर्षीय मुदासिर अशरफ
कर्नाटक की 9 वर्षीय आरती किरण शेट
मिजोरम की 11 वर्षीय कैरोलिन मलसामतुआंगी
छत्तीसगढ की साढे 12 वर्षीय भामेरी निर्मलकर
मेघालय के पौने 11 वर्षीय एवरब्लूम के नोंगरम
हिमाचल प्रदेश के साढे 13 वर्षीय अलाईका
असम के पौने 11 वर्षीय कमल कृष्णा दास
केरला के सवा 13 वर्षीय फतह पीके
मिजोरम के पौने 13 वर्षीय बनलालरियातरेंगा
महाराष्ट्र के पौने 11 वर्षीय जेन सदावरते
15 वर्षीय आकाश मच्छिंद्रा खिल्लारे शामिल हैं।

इसके अलावा सामान्य सम्मान के तहत प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है।

बता दें कि राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों की शुरुआत भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा 1957 में बच्चों के बहादुरी और मेधावी सेवा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए पहचानने और दूसरों के लिए उदाहरण बनने और अनुकरण करने के लिए प्रेरित करने के लिए की गई थी। आईसीसीडब्यू ने अब तक 1,004 बच्चों को पुरस्कार के साथ सम्मानित किया है, जिसमें 703 लड़के और 301 लड़कियां शामिल हैं। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक प्रमाण पत्र और नकद मिलता है और चयनित बच्चों को तब वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, जब तक कि वे स्नातक पूरा नहीं कर लेते हैं। इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए चयन करने वालों को छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता मिलती है।

नई दिल्ली। भारतीय बाल कल्याण परिषद (आइसीसीडब्ल्यू) द्वारा देश के बहादुर बच्चों को 62 साल से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है। तमाम विवादों में घिरे होने के बाद भी इस बार यह दिया जाएंगे। वर्ष 2019 के 22 बच्चों का चयन किया गया है। जिनमें 10 लड़कियां हैं और 12 लड़के हैं हालांकि एक लड़के को यह पुरस्कार मरणोपरांत दिया जाएगा। फिल्हाल अभी इस बात की जानकारी नहीं मिल सही है कि इन बच्चों को यह पुरस्कार कब और किसके हाथों दिया जाएगा। सम्मानित होंगे ये बच्चे मणिपुर की आठ वर्षीय लारेंबम याईखोंबा मंगांग मिजोरम की पौने 17 वर्षीय लालियानसांगा कर्नाटक की सवा 11 वर्षीय बेंकटेश छत्तीसगढ के सवा नौ वर्ष के कांति पैकरा जम्मू कश्मीर के साढे 18 वर्षीय मुदासिर अशरफ कर्नाटक की 9 वर्षीय आरती किरण शेट मिजोरम की 11 वर्षीय कैरोलिन मलसामतुआंगी छत्तीसगढ की साढे 12 वर्षीय भामेरी निर्मलकर मेघालय के पौने 11 वर्षीय एवरब्लूम के नोंगरम हिमाचल प्रदेश के साढे 13 वर्षीय अलाईका असम के पौने 11 वर्षीय कमल कृष्णा दास केरला के सवा 13 वर्षीय फतह पीके मिजोरम के पौने 13 वर्षीय बनलालरियातरेंगा महाराष्ट्र के पौने 11 वर्षीय जेन सदावरते 15 वर्षीय आकाश मच्छिंद्रा खिल्लारे शामिल हैं। इसके अलावा सामान्य सम्मान के तहत प्रत्येक को 20-20 हजार रुपये की राशि प्रदान की जाती है। बता दें कि राष्ट्रीय वीरता पुरस्कारों की शुरुआत भारतीय बाल कल्याण परिषद द्वारा 1957 में बच्चों के बहादुरी और मेधावी सेवा के उत्कृष्ट कार्यों के लिए पहचानने और दूसरों के लिए उदाहरण बनने और अनुकरण करने के लिए प्रेरित करने के लिए की गई थी। आईसीसीडब्यू ने अब तक 1,004 बच्चों को पुरस्कार के साथ सम्मानित किया है, जिसमें 703 लड़के और 301 लड़कियां शामिल हैं। प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, एक प्रमाण पत्र और नकद मिलता है और चयनित बच्चों को तब वित्तीय सहायता प्राप्त होती है, जब तक कि वे स्नातक पूरा नहीं कर लेते हैं। इंजीनियरिंग और चिकित्सा जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए चयन करने वालों को छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से वित्तीय सहायता मिलती है।