Update: मुंबई इमारत हादसे में 22 की मौत, 20 लोग अभी भी मलबे में दबे

Update: मुंबई इमारत हादसे में 22 की मौत, 20 लोग अभी भी मलबे में दबे

मुंबई। मुंबई के डोंगरी इलाके के भिंडी बाजार में जेजे फ्लाईओवर के पास गिरी पांच मंजिला इमारत के मलवे से 22 शवों को बाहर निकाला जा चुका है। बताया जा रहा है कि मलवे में तब्दील हुई इमारत को इलाके में अर्सीवाला बिल्डिंग के नाम से जाना जाता था, जो 100 साल से ज्यादा पुरानी थी। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़नवीस ने घटना स्थल का दौरा कर मृतकों के परिजन को 5 लाख का मुआवजा देने की घोषणा की है। वहीं इस हादसे में बढ़ती मृतकों की संख्या पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट कर दुख जताया है।

मिली जानकारी के मुताबिक अर्सीवाला बिल्डिंग में मरम्मत का काम चल रहा था। पांच तलों वाली इस बिल्डिंग में करीब 10 परिवार रह रहे थे, जबकि बच्चों का क्रच भी संचालित किया जा रहा था। बिल्डिंग के सबसे निचले तल में एक रेस्टोरेंट की गोदाम थी, जिसमें रोस्टोरेंट में काम करने वाले कुछ कारीगर रहा भी करते थे। स्थानीय लोगों की माने तो निचले तल में तकरीबन हर समय करीब 20 लोग रहा करते थे। जिस समय यह घटना घटी उस समय बिल्डिंग में कितने लोग मौजूद थे यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

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घटना के वक्त नहीं खुला था क्रच —

बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर एक क्रच संचालित होता था। जहां इलाके के करीब 20 बच्चे प्रतिदिन आया करते थे। स्थानीय लोगों का कहना यह हादसा अगर एक घंटे की देर से हुआ होता तो इस हादसे से कई नवजात की जिन्दगी खतरे में आ सकती थी। हादसा सुबह 8ण्30 पर हो गया जबकि क्रच 9ण्30 बजे खुलता था।

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बीएमसी के नोटिस के बाद कई परिवार खाली कर गए थे बिल्डिंग —

अ​र्सीवाला बिल्डिंग के आस पास रहने वाले लोगों का कहना है कि यह बिल्डिंग करीब 119 साल पुरानी है। यहां कई परिवार ऐसे थे जिनकी तीन पीढ़ियां इसी बिल्डिंग में गुजर गईं। बिल्डिंग की जर्जर हालत और बीएमसी की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए कई परिवारों ने बिल्डिंग को खाली कर दिया था। कुछ 10 परिवार ऐसे भी थे जो बिल्डिंग को छोड़ने की माली हालत में नहीं थे। लोगों का कहना है कि बिल्डिंग का एक तल पूरी तरह से खाली था।

फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ को राहत कार्य में आ रही परेशानी —

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मिल रही जानकारी के मुताबिक अर्सीवाला बिल्डिंग भिंडी बाजार की तंग गलियों वाले मुस्लिम बाहुल्य इलाके में स्थित है। गलियां संकरी होने की वजह से राहत कार्य में बड़ी मशीनों का प्रयोग नहीं किया जा सकता। पूरा कार्य हाथों से करना पड़ रहा है। अब तक के की कार्रवाई में 5 राहतकर्मी भी चोटिल हो चुके हैं जिन्हेंं इलाज के लिए जेजे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।

क्या कहना है बीएमसी का —

इस हादसे के बाद बीएमसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि 625 बिल्डिंगों को खतरनाक घोषित किया है। जिनमें अर्सीवाला बिल्डिंग का नाम भी शामिल था।

 

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