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छह महीने में बच्चों के साथ दुष्कर्म के 24 हजार मामले, सुप्रीम कोर्ट चिंतित

24 Thousand Cases Of Misbehavior With Children In Six Months Supreme Court Concerned

By शिव मौर्या 
Updated Date

नई दिल्ली। देशभर में बच्चों के साथ 2019 के शुरूआती छह महीनों में ही बच्चों के साथ दुष्कर्म के 24 हजार मामले सामने आये हैं। देश को झकझोर देने वाले आकंड़े सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट चिंतित है। सीजेआई रंजन गोगोई ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दाखिल की है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ वकील वी गिरी को न्याय मित्र नियुक्त किया है। वहीं सॉलिस्टिर जनरल तुषार मेहता को भी सुनवाई में मदद करने का निर्देश दिया।

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मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की पीठ ने बताया कि एक जनवरी से जून तक देशभर में बच्चों से दुष्कर्म की 24,212 मुकदमें दर्ज हुए हैं। इनमें से 11981 मामलों में जांच चल रही है, जबकि 12231 केस में चार्जशीट पेश हो चुकी है लेकिन ट्रायल सिर्फ 6449 मामलों में ही शुरू हुआ है। वहीं इनमें सिर्फ चार ​फीसदी यानी 911 मामलों का निपटारा हुआ है। अदालत ने वरिष्ठ वकील वी गिरि को न्याय मित्र नियुक्त करते हुए कहा, आप आंकड़ों का अध्ययन करें और सोमवार को सुझाव दें कि अदालत क्या निर्देश जारी कर सकती है।

वहीं, इस मामले में एक वकील के हस्तक्षेप करने पर कोर्ट ने उन्हें बैठा दिया और कहा कि इस मामले में किसी को दखल देने की अनुमति नहीं होगी। सिर्फ वरिष्ठ अधिवक्ता गिरि ही कोर्ट की मदद करेंगे। सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार संजीदा हैं और इस मामले में पूरा सहयोग देंगे।

हालात बेहद गंभीर
मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि, हालात बेहद गंभीर हैं। कोर्ट ने सरकार को भी आंकड़े बताए और कहा ​कि हम विशेष अदालतें, तेज जांच और निर्धारित समय सीमा में ट्रायल, इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग और संसाधन बढ़ाने पर विचार करेंगे।

पुलिस की लापरवाही भी जिम्मेदार
बच्चों से रेप के संवेदनशील मामलों में पुलिस की लापरवाही को भी जिम्मेदार बताया गया है। बताया जा रहा है कि, यूपी के 50 फीसदी से ज्यादा यानी 1779 मुकदमों की जांच तक अभी पूरी नहीं हो सकी है। इस सूची में मध्यप्रदेश 2389 मामलों के साथ दूसरे नंबर पर हैं लेकिन पुलिस 1841 मामलों में जांच पूरी कर चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है। प्रदेश की निचली अदालतों ने 247 मामलों में तो ट्रायल भी पूरा कर लिया है।

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