26/11 हमले की साजिश में शामिल तहव्वुर राणा जल्द लाया जा सकता है भारत

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26/11 हमले की साजिश में शामिल तहव्वुर राणा जल्द लाया जा सकता है भारत

नई दिल्ली। मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले की सजिश में शामिल तहव्वुर हुसैन राणा को जल्द ही अमेरिका से भारत लाया जा सकता है। एक सूत्र ने इसकी जानकारी दी। भारतीय सरकार ट्रम्प प्रशासन के ‘पूरे सहयोग’ के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है। राणा की जेल की सजा दिसम्बर 2021 में पूरी होने वाली है। मुम्बई 26/11 हमले की साजिश रचने के मामले में राणा को 2009 में गिरफ्तार किया गया था।

26 11 Attacks Conspirator Tahawwur Rana May Be Extradited To India Soon :

लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा किए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी। पुलिस ने नौ आतंकवादियों को मौके पर मार गिराया था और जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी। राणा को 2013 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार उसे दिसंबर 2021 में रिहा किया जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, ‘यहां सजा पूरी होने पर राणा को भारत भेजे जाने की प्रबल संभावना है।’

सूत्र ने कहा कि इस दौरान जरूरी कागजी कार्रवाई और जटिल प्रक्रिया को पूरा करना एक ‘चुनौती’ है। भारत का विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा कानून एवं विधि मंत्रालय और अमेरिकी विदेश मंत्रालय और न्याय मंत्रालय सभी की अपनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया है। उसने कहा कि जब प्रत्यर्पण की बात आती है तो वे अपनी प्रक्रिया को ना धीमा करना चाहते हैं और ना ही तेज करना चाहते हैं। भारतीय दूतावास और राणा के वकील ने हालांकि इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।

नई दिल्ली। मुंबई में 26/11 को हुए आतंकी हमले की सजिश में शामिल तहव्वुर हुसैन राणा को जल्द ही अमेरिका से भारत लाया जा सकता है। एक सूत्र ने इसकी जानकारी दी। भारतीय सरकार ट्रम्प प्रशासन के ‘पूरे सहयोग’ के साथ पाकिस्तानी कैनेडियाई नागरिक के प्रत्यर्पण के लिए आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर रही है। राणा की जेल की सजा दिसम्बर 2021 में पूरी होने वाली है। मुम्बई 26/11 हमले की साजिश रचने के मामले में राणा को 2009 में गिरफ्तार किया गया था। लश्कर-ए-तैयबा के 10 आतंकवादियों द्वारा किए हमले में अमेरिकी नागरिकों सहित करीब 166 लोगों की जान गई थी। पुलिस ने नौ आतंकवादियों को मौके पर मार गिराया था और जिंदा गिरफ्तार किए गए आतंकवादी अजमल कसाब को बाद में फांसी दी गई थी। राणा को 2013 में 14 साल की सजा सुनाई गई थी। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार उसे दिसंबर 2021 में रिहा किया जाएगा। मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, 'यहां सजा पूरी होने पर राणा को भारत भेजे जाने की प्रबल संभावना है।' सूत्र ने कहा कि इस दौरान जरूरी कागजी कार्रवाई और जटिल प्रक्रिया को पूरा करना एक 'चुनौती' है। भारत का विदेश मंत्रालय, गृह मंत्रालय तथा कानून एवं विधि मंत्रालय और अमेरिकी विदेश मंत्रालय और न्याय मंत्रालय सभी की अपनी प्रत्यर्पण प्रक्रिया है। उसने कहा कि जब प्रत्यर्पण की बात आती है तो वे अपनी प्रक्रिया को ना धीमा करना चाहते हैं और ना ही तेज करना चाहते हैं। भारतीय दूतावास और राणा के वकील ने हालांकि इस पर कोई टिप्पणी नहीं की।