तुर्की के हमलों से सीरिया में 26 लोगों की मौत, अमेरिका फिर भेज सकता है अपनी सेना

turkey air straike
तुर्की के हमलों से सीरिया में 26 लोगों की मौत, अमेरिका फिर भेज सकता है अपनी सेना

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तमाम दबाव के बावजूद तुर्की ने सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक रविवार को तुर्की के हमलों में करीब 26 आम नागरिकों की जान चली गई। उधर अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि सीरिया से सेना वापस न बुलाएं। इसे लेकर लेकर अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि कुर्दों पर हमले रोकने के लिए तुर्की पर कड़े प्रतिबंध लगाएंगे।

26 Killed In Syria Due To Turkish Attacks Us May Send Its Army Again :

गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते 6 अक्टूबर को पहले सीरिया से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने का फैसला लिया था जिसके बाद 9 अक्टूबर को तुर्की ने उत्तरी सीरिया में मौजूद कुर्दिश समूहों पर हमले तेज कर दिए। ट्रम्प के इस निर्णय का कई लोग विरोध कर रहे है। लोगों का कहना है कि कुर्दिशों ने आईएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका की मदद की थी और अब हमें भी उनकी मदद करनी चाहिए।

आपको बता दें कि तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में बीते बुधवार को हमले शुरू किए थे। इसके बाद अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। रविवार को तुर्की ने आम नागरिकों के वाहन काफिले पर हमला कर दिया। इसमें फ्रांस की एक टीवी पत्रकार स्टेफनी पेरेज बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बताया कि चैनल के कुछ अन्य सदस्य हमले में मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है।

रविवार को एक इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही राष्ट्रपति ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। इस समय कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।

सीरिया में रहते हैं 35 लाख कुर्द

कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी कुल आबादी करीब 3.5 करोड़ है। अकेले सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। कुर्द समुदाय अपनी आजादी के लिए मुहिम चला रहा है। आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं। कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली 7 जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं। कुर्द लड़ाके सीरिया में आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए।

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के तमाम दबाव के बावजूद तुर्की ने सीरिया में कुर्दिश ठिकानों पर हमले जारी रखे हैं। मानवाधिकार संगठन सीरियन ऑब्जर्वेटरी के मुताबिक रविवार को तुर्की के हमलों में करीब 26 आम नागरिकों की जान चली गई। उधर अमेरिका की विपक्षी डेमोक्रेट पार्टी ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से अपील की है कि सीरिया से सेना वापस न बुलाएं। इसे लेकर लेकर अमेरिकी संसद में एक प्रस्ताव भी रखा जाएगा। डोनाल्ड ट्रम्प पहले ही कह चुके हैं कि कुर्दों पर हमले रोकने के लिए तुर्की पर कड़े प्रतिबंध लगाएंगे। गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बीते 6 अक्टूबर को पहले सीरिया से अमेरिकी सेना को वापस बुलाने का फैसला लिया था जिसके बाद 9 अक्टूबर को तुर्की ने उत्तरी सीरिया में मौजूद कुर्दिश समूहों पर हमले तेज कर दिए। ट्रम्प के इस निर्णय का कई लोग विरोध कर रहे है। लोगों का कहना है कि कुर्दिशों ने आईएस के खिलाफ लड़ाई में अमेरिका की मदद की थी और अब हमें भी उनकी मदद करनी चाहिए। आपको बता दें कि तुर्की ने कुर्दों के खिलाफ सीरिया में बीते बुधवार को हमले शुरू किए थे। इसके बाद अब तक 104 कुर्द सैनिक और 60 आम नागरिक एयर स्ट्राइक में मारे जा चुके हैं। रविवार को तुर्की ने आम नागरिकों के वाहन काफिले पर हमला कर दिया। इसमें फ्रांस की एक टीवी पत्रकार स्टेफनी पेरेज बाल-बाल बच गईं। उन्होंने बताया कि चैनल के कुछ अन्य सदस्य हमले में मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक सीरिया में इस हिंसा की वजह से 1,30,000 लोगों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा है। रविवार को एक इंटरव्यू में सीनेट (अमेरिकी उच्च सदन) के नेता चार्ल्स शुमर ने कहा कि वे जल्द ही राष्ट्रपति ट्रम्प से अपील करेंगे कि वे सीरिया से सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला पलट दें। ताकि कुर्दों को बचाया जा सके और आईएस के सैनिकों को भागने से रोका जाए। इस समय कुर्दों की गिरफ्त में करीब 12 हजार इस्लामिक स्टेट आतंकवादी है। शुमर ने कहा कि हम यह भी तय करने की कोशिश करेंगे कि तुर्की अमेरिका के साथ किए गए समझौतों का सम्मान करे।

सीरिया में रहते हैं 35 लाख कुर्द

कुर्द इराक, सीरिया, तुर्की, ईरान और अर्मेनिया के पहाड़ी इलाकों में रहते हैं। इनकी कुल आबादी करीब 3.5 करोड़ है। अकेले सीरिया में 35 लाख कुर्द रहते हैं। कुर्दों का अपना अलग देश नहीं है। कुर्द समुदाय अपनी आजादी के लिए मुहिम चला रहा है। आजादी की मुहिम के कारण कुर्दों का तुर्की, इराक, सीरिया और ईरान की सरकारों से अच्छे संबंध नहीं हैं। कुर्द लड़ाकू अपने कब्जे वाली 7 जेलों में बंद 12 हजार आईएस आतंकियों, उनके परिजन की निगरानी करते हैं। कुर्द लड़ाके सीरिया में आतंकी संगठन आईएस को हराने में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी रहे हैं। इस लड़ाई में 11 हजार कुर्द लड़ाके मारे गए।