यूपी में जहरीली शराब का कहर, दो दिनों में 36 लोगों की गई जान

kushinager and saharanpur
यूपी में जहरीली शराब का कहर, दो दिनों में 26 लोगों की गई जान

नई दिल्ली। प्रदेश में शराब नीति की क्या हालत है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते चौबीस घंटे के अंदर प्रदेश के अलग—अलग जिलों में कुल 26 लोगों की मौत हो गई। जहरीली शराब से इतने लोगों की मौत होने के बाद सत्ताधारी पार्टी ने खुद को बचाने के लिए इसका ठीकरा पूर्ववर्ती सरकार पर फोड़ दिया, जबकि लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों को लुभाने के लिए नेताओं द्वारा ही शराब बंटवाई जा रही है।

26 People Killed Due To Poisonous Liquor In Kushinager And Saharnpur :

बता दें कि कुशीनगर में गुरूवार को जहरीली शराब पीने से शुरु हुआ मौत का सिलसिला अभी तक जारी है। यहां अभी तक कुल दस लोगों की मौत हो चुकी है। डाक्टरों का कहना है कि इन लोगों ने स्प्रिट से बनी शराब अत्यधिक मात्रा में पी लिया है, जिसके चलते इनकी मौत हो गई। वहीं सहारनपुर में इसी तरह की शराब पीने से अब तक कुल 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यहां बांटी गई शराब की खेप उत्तराखंड से आई थी।

फिलहाल लगातार मौत होने से इलाके में दहशत फैल गई है और प्रशासन में हड़कंप मच गया। थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत 10 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने कच्ची शराब कारोबारी पर मुकदमा दर्ज करते हुए एक कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि मौनी अमावस्या पर नारायणी नदी के किनारे लगे मेले में कच्ची शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद 3 लोगों का आनन-फानन अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस को 2 शव ही मिले थे। इन लोगों का पीएम भी नहीं हो पाया था कि शुक्रवार को पांच और लोगों की मौत हो गई।

वहीं सहारनपुर में भी अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में सख्ती दिखाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच रिपोर्ट तलब की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। सीएम मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और गंभीर बीमार को 50 हजार आर्थिक मदद का ऐलान किया है।

नई दिल्ली। प्रदेश में शराब नीति की क्या हालत है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीते चौबीस घंटे के अंदर प्रदेश के अलग—अलग जिलों में कुल 26 लोगों की मौत हो गई। जहरीली शराब से इतने लोगों की मौत होने के बाद सत्ताधारी पार्टी ने खुद को बचाने के लिए इसका ठीकरा पूर्ववर्ती सरकार पर फोड़ दिया, जबकि लोगों का कहना है कि लोकसभा चुनाव नजदीक आते ही ग्रामीण क्षेत्रों में वोटरों को लुभाने के लिए नेताओं द्वारा ही शराब बंटवाई जा रही है।बता दें कि कुशीनगर में गुरूवार को जहरीली शराब पीने से शुरु हुआ मौत का सिलसिला अभी तक जारी है। यहां अभी तक कुल दस लोगों की मौत हो चुकी है। डाक्टरों का कहना है कि इन लोगों ने स्प्रिट से बनी शराब अत्यधिक मात्रा में पी लिया है, जिसके चलते इनकी मौत हो गई। वहीं सहारनपुर में इसी तरह की शराब पीने से अब तक कुल 16 लोगों की मौत हो चुकी है। बताया जा रहा है कि यहां बांटी गई शराब की खेप उत्तराखंड से आई थी।फिलहाल लगातार मौत होने से इलाके में दहशत फैल गई है और प्रशासन में हड़कंप मच गया। थानेदार और आबकारी निरीक्षक समेत 10 लोगों को सस्पेंड कर दिया गया है। पुलिस ने कच्ची शराब कारोबारी पर मुकदमा दर्ज करते हुए एक कारोबारी को गिरफ्तार कर लिया है। बता दें कि मौनी अमावस्या पर नारायणी नदी के किनारे लगे मेले में कच्ची शराब पीने से 5 लोगों की मौत हो गई थी। जिसके बाद 3 लोगों का आनन-फानन अंतिम संस्कार कर दिया गया था। पुलिस को 2 शव ही मिले थे। इन लोगों का पीएम भी नहीं हो पाया था कि शुक्रवार को पांच और लोगों की मौत हो गई।वहीं सहारनपुर में भी अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है, जिनकी हालत नाजुक बनी हुई है। फिलहाल इस मामले में सख्ती दिखाते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने जांच रिपोर्ट तलब की है। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है। सीएम मृतकों के परिजनों को दो लाख रुपये और गंभीर बीमार को 50 हजार आर्थिक मदद का ऐलान किया है।