शिवपाल के लिए पीडब्ल्यूडी महकमे का जाना घाटे का सौदा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव के रिश्तों में लंबे समय से कड़वाहट चली आ रही है। दोनों की लड़ाई पार्टी और सरकार में वर्चस्व की लड़ाई के तौर पर देखी जाती रही है। इसके चलते मुलायम सिंह यादव के फैसले के बाद समाजवादी पार्टी में आया तूफान अब थमता हुआ दिख रहा है। भले ही दोनों के बीच समझौत हो गया हो लेकिन दोनों को ही बड़ी कीमत चुकानी पड़ी है। शिवपाल के लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) महकमे का जाना घाटे का सौदा है। बता दें कि शिवपाल के पास पूर्व के महकमे से साल में करीब 66,480 करोड़ का बजट आता है। पीडब्ल्यूडी जाने के बाद ये 26,019 करोड़ रह गया। पीडब्ल्यूडी का बजट 40460.81 करोड़ रुपए है। पर हां एक के बदले तीन नए महकमे देकर पुराने बजट की भरपाई की कोशिश जरूर की गई है। लेकिन उससे जुड़ने वाले 33,500 करोड़ रुपए का बड़ा हिस्सा नॉन प्लान व छात्रवृत्ति जैसे मदों में जाएगा।




मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपने चाचा शिवपाल यादव को पीडब्ल्यूडी को छोड़कर वे सभी विभाग लौटा दिए हैं, जिन्हें उनसे वापस ले लिया था। लोक निर्माण विभाग को खासा महत्वपूर्ण माना जाता है। इस विभाग को अखिलेश ने अपने पास ही रखा है। इसके अलावा शिवपाल यादव को मेडिकल एजुकेशन और लघु सिंचाई जैसे विभाग भी सौंप दिए गए हैं। इस तरह शिवपाल यादव के पास फिलहाल 13 विभाग हैं।

शिवपाल के पास पहले ये विभाग थे

भूमि विकास एदं जल संसाधन, परती भूमि विकास- 306.52 करोड़
सहकारिता- 477.09 करोड़
राजस्व, अभाव, सहायता एदं पुनर्वास- 11469.23 करोड़
लोक निर्माण- 40460.81 करोड़
सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण- 13610.76 करोड़
लोक सेवा- 156.11 करोड़
कुल बजट- 66480.52 करोड़

नए विभाग के बजट
समाज कल्याण-27887.12 करोड़
लघु सिंचाई-424.45 करोड़
चिकित्सा शिक्षा व आयुष- 5128.73 करोड़
कुल- 33440.3 करोड़

वर्तमान विभागो के बजट
पुरने बचे विभागों के बजट- 26019.71 करोड़
नए विभाग के बजट- 33440.3 करोड़
कुल- 59460.01 करोड़