जीएसटी काउंसिल की बैठक में इन मुद्दों पर होगी चर्चा, मोदी सरकार दे सकती है तोहफा

नई दिल्ली। आगामी 4 मई को वस्तु एवं सेवा कर(GST) काउंसिल की 27वीं बैठक होगी जिसमें आपके जीवन से जुड़े कई फैसले हो सकते हैं। यह बैठक वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी। इसमें पेट्रोल डीजल के जीएसटी में लाने और डिजिटल लेनदेन पर छूट जैसे कई बड़े फैसले संभव है। यह बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके तुरंत बाद कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।

27th Gst Council Meeting :

घट सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत

देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान चूर रहे हैं और जिसकी वजह से आम जनता का मासिक बजट भी काफी गड़बड़ा गया है। लंबे समय से इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग आम जनता कर रही है। पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के दायरे में आने के बाद इसकी कीमत काफी घट जाएगी। हालांकि कई राज्य इनको जीएसटी में लाने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा करने से राज्यों को टैक्स के जरिए होने वाली कमाई पर काफी असर पड़ेगा।

डिजिटल ट्रांजेक्शन पर मिलेगा कैशबैक या डिस्काउंट

डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा।

बढ़ सकते हैं चीनी के दाम

इस बैठक में एक ऐसा फैसला भी लिया जाएगा जिसे सुनकर आप काफी परेशान हो जाएंगे। दरअसल सरकार चीनी पर 5 फीसदी सेस लगा सकती है, जिसके चलते इसके दाम 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकते हैं। गन्ना किसानों का करीब 19,780 करोड़ रुपए का बकाया है। इस सेस से एक फंड बनेगा और उससे ही गन्ना किसानों का पैसा चुकाया जाएगा।

कारोबारियों को सिंगल रिटर्न फॉर्म

जीएसटी के दायरे में आने वाले करोड़ों कारोबारियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रही है। इन कारोबारियों को हर महीने 3 रिटर्न फाइल करने की बाध्यता से मुक्ति मिलने वाली है। इससे कारोबारी अपना बिजनेस आसानी से कर सकेंगे।

अधिकारी करेंगे जांच

टैक्स की चोरी रोकने के लिए सिस्टम हर तिमाही पर एक ऐसी लिस्ट को जेनरेट करेगा, जिससे टैक्स जमा न करने वाले डिफॉल्टरों पर नजर रखी जा सकेगी। टैक्स अधिकारी फिर ऐसे कारोबारियों पर नकेल भी कसेंगे। बड़े डिफॉल्टर से एडवांस में टैक्स जमा कराने के लिए कहा जाएगा।

चालान का होगा ऑटो जेनरेशन

अब नए फॉर्म में टैक्स पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट के अलावा होगा। इसके अलावा टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा।

नई दिल्ली। आगामी 4 मई को वस्तु एवं सेवा कर(GST) काउंसिल की 27वीं बैठक होगी जिसमें आपके जीवन से जुड़े कई फैसले हो सकते हैं। यह बैठक वित्तमंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए होगी। इसमें पेट्रोल डीजल के जीएसटी में लाने और डिजिटल लेनदेन पर छूट जैसे कई बड़े फैसले संभव है। यह बैठक इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके तुरंत बाद कर्नाटक में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। घट सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमत देश भर में पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान चूर रहे हैं और जिसकी वजह से आम जनता का मासिक बजट भी काफी गड़बड़ा गया है। लंबे समय से इन दोनों को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग आम जनता कर रही है। पेट्रोल-डीजल के जीएसटी के दायरे में आने के बाद इसकी कीमत काफी घट जाएगी। हालांकि कई राज्य इनको जीएसटी में लाने का विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ऐसा करने से राज्यों को टैक्स के जरिए होने वाली कमाई पर काफी असर पड़ेगा। डिजिटल ट्रांजेक्शन पर मिलेगा कैशबैक या डिस्काउंट डिजिटल लेनदेन कराने वाले दुकानदारों को भी बदले में कैशबैक जैसा आकर्षक लाभ मिल सकता है। इस व्यवस्था को लागू करने के एक प्रस्ताव पर सरकार विचार कर रही है। इस प्रस्ताव में डिजिटल तरीके से पेमेंट करने वाले उपभोक्ताओं को अधिकतम खरीद मूल्य यानी एमआरपी पर छूट का लाभ मिलेगा। ये छूट एक बार में अधिकतम 100 रुपये तक हो सकती है। दूसरी तरफ व्यापारी को भी उसके द्वारा डिजिटल तरीके से की गई बिक्री पर कैशबैक दिया जाएगा। बढ़ सकते हैं चीनी के दाम इस बैठक में एक ऐसा फैसला भी लिया जाएगा जिसे सुनकर आप काफी परेशान हो जाएंगे। दरअसल सरकार चीनी पर 5 फीसदी सेस लगा सकती है, जिसके चलते इसके दाम 15 रुपये प्रति किलो तक बढ़ सकते हैं। गन्ना किसानों का करीब 19,780 करोड़ रुपए का बकाया है। इस सेस से एक फंड बनेगा और उससे ही गन्ना किसानों का पैसा चुकाया जाएगा। कारोबारियों को सिंगल रिटर्न फॉर्म जीएसटी के दायरे में आने वाले करोड़ों कारोबारियों को केंद्र सरकार जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रही है। इन कारोबारियों को हर महीने 3 रिटर्न फाइल करने की बाध्यता से मुक्ति मिलने वाली है। इससे कारोबारी अपना बिजनेस आसानी से कर सकेंगे। अधिकारी करेंगे जांच टैक्स की चोरी रोकने के लिए सिस्टम हर तिमाही पर एक ऐसी लिस्ट को जेनरेट करेगा, जिससे टैक्स जमा न करने वाले डिफॉल्टरों पर नजर रखी जा सकेगी। टैक्स अधिकारी फिर ऐसे कारोबारियों पर नकेल भी कसेंगे। बड़े डिफॉल्टर से एडवांस में टैक्स जमा कराने के लिए कहा जाएगा। चालान का होगा ऑटो जेनरेशन अब नए फॉर्म में टैक्स पेमेंट करने का चालान ऑटो जेनरेट होगा। यह इनपुट टैक्स क्रेडिट के अलावा होगा। इसके अलावा टैक्सपेयर के पास क्रेडिट राशि को एडिट करने का ऑप्शन भी होगा।