जम्मू डिवीजन के सभी 10 जिलों में 2-जी मोबाइल सेवा बहाल, कश्मीर में चल सकेगी प्रीपेड सेवा

Internet restored in Kashmir
जम्मू डिवीजन के सभी 10 जिलों में 2-जी मोबाइल सेवा बहाल, कश्मीर में चल सकेगी प्रीपेड सेवा

नई दिल्ली। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने मोबाइल कम्पनियों को जम्मू डिवीजन के सभी 10 जिलों में 2-जी स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने की मंजूरी दे दी है। कश्मीर संभाग में भी प्रीपेड मोबाइल सेवा पर लगी पाबंदी हटा ली गई है। जल्द ही जम्मू व कश्मीर के लोग इन सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। अभी जम्मू संभाग में मोबाइल इंटरनेट सेवा का लाभ केवल पोस्टपेड उपभोक्ता ही उठा पाएंगे। वहीं कश्मीर में शुरू होने वाले प्रीपेड मोबाइल से भी उपभोक्ता केवल कॉलिंग व एसएमएस ही कर पाएंगे।

2g Mobile Service Restored In All 10 Districts Of Jammu Division Prepaid Service Will Be Able To Run In Kashmir :

जम्मू-कश्मीर में सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि इस संबंध में सभी मोबाइल कंपनियों को लिखित निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अलावा कश्मीर के जिन जिलों में प्रीपेड मोबाइल सेवा शुरू नहीं हुई थी, वहां भी यह सेवा बहाल कर दी गई है। परंतु प्रीपेड उपभोक्ता कॉलिंग व एसएमएस सेवा का लाभ ही उठा पाएंगे। इंटरनेट सेवा अभी नहीं मिल पाएगी। हालांकि घाटी में पोस्टपेड मोबाइल सेवा गत वर्ष 14 अक्टूबर से बहाल कर दी गई थी। परंतु कश्मीर में शांति बहाली के लिए सरकार ने वहां पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू करने की स्वीकृति नहीं दी। अब हालात सामान्य होने पर प्रशासन ने कश्मीर के बांडीपोरा और कुपवाड़ा इलाकों में पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए भी 2-जी स्पीड के साथ मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर में स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्य प्रशासन से मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने को कहा था। इस आदेश के बाद ही प्रशासन ने पहले चरण में मकर संक्रांति के दिन जम्मू के पांच जिलों में 2-जी स्पीड के साथ पोस्टपेड मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की थी। उपभोक्ता इस सेवा के जरिए केवल बैंकिग आदि सेवाओं का लाभ ही उठा पा रहे हैं। मोबाइल कंपनियों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि सेवा शुरू होने पर जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ता मोबाइल पर किसी भी तरह की सोशल मीडिया साइट्स न खोल पाएं। ऐसा होने पर फिर अफवाहों का बाजार गरम होगा और राज्य की शांति को नुकसान पहुंचेगा। यदि किसी तरह की भी सोशल साइट्स के जरिए राज्य में फिर से अशांति का माहौल पैदा होता है तो राज्य प्रशासन संबंधित मोबाइल कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा।

अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बंद थी सेवा
बता दें कि पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के फैसले से पहले कानून और व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देकर प्रशासन ने संचार की सभी लाइनों- लैंडलाइन टेलीफोन सेवा, मोबाइल फोन सेवा और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया था। करीब दो महीने बाद लैंडलाइन सेवा को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद 14 अक्टूबर को कश्मीर में मोबाइल पोस्टपेड सेवा को बहाल किया गया। 27 दिसंबर को लद्दाख के कारगिल और द्रास में मोबाइल इंटरनेट सेवा को शुरू कर दिया गया। कश्मीर के कुछ सरकारी दफ्तरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को छोड़कर समूची घाटी में अभी भी इंटरनेट सेवा बंद चल रही है।

नई दिल्ली। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में प्रशासन ने मोबाइल कम्पनियों को जम्मू डिवीजन के सभी 10 जिलों में 2-जी स्पीड मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल करने की मंजूरी दे दी है। कश्मीर संभाग में भी प्रीपेड मोबाइल सेवा पर लगी पाबंदी हटा ली गई है। जल्द ही जम्मू व कश्मीर के लोग इन सेवाओं का लाभ उठा पाएंगे। अभी जम्मू संभाग में मोबाइल इंटरनेट सेवा का लाभ केवल पोस्टपेड उपभोक्ता ही उठा पाएंगे। वहीं कश्मीर में शुरू होने वाले प्रीपेड मोबाइल से भी उपभोक्ता केवल कॉलिंग व एसएमएस ही कर पाएंगे। जम्मू-कश्मीर में सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल ने बताया कि इस संबंध में सभी मोबाइल कंपनियों को लिखित निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अलावा कश्मीर के जिन जिलों में प्रीपेड मोबाइल सेवा शुरू नहीं हुई थी, वहां भी यह सेवा बहाल कर दी गई है। परंतु प्रीपेड उपभोक्ता कॉलिंग व एसएमएस सेवा का लाभ ही उठा पाएंगे। इंटरनेट सेवा अभी नहीं मिल पाएगी। हालांकि घाटी में पोस्टपेड मोबाइल सेवा गत वर्ष 14 अक्टूबर से बहाल कर दी गई थी। परंतु कश्मीर में शांति बहाली के लिए सरकार ने वहां पोस्टपेड मोबाइल सेवा शुरू करने की स्वीकृति नहीं दी। अब हालात सामान्य होने पर प्रशासन ने कश्मीर के बांडीपोरा और कुपवाड़ा इलाकों में पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए भी 2-जी स्पीड के साथ मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू कर दी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर में स्थिति की समीक्षा करते हुए राज्य प्रशासन से मोबाइल इंटरनेट सेवा शुरू करने को कहा था। इस आदेश के बाद ही प्रशासन ने पहले चरण में मकर संक्रांति के दिन जम्मू के पांच जिलों में 2-जी स्पीड के साथ पोस्टपेड मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल की थी। उपभोक्ता इस सेवा के जरिए केवल बैंकिग आदि सेवाओं का लाभ ही उठा पा रहे हैं। मोबाइल कंपनियों को यह सख्त हिदायत दी गई है कि सेवा शुरू होने पर जम्मू-कश्मीर के उपभोक्ता मोबाइल पर किसी भी तरह की सोशल मीडिया साइट्स न खोल पाएं। ऐसा होने पर फिर अफवाहों का बाजार गरम होगा और राज्य की शांति को नुकसान पहुंचेगा। यदि किसी तरह की भी सोशल साइट्स के जरिए राज्य में फिर से अशांति का माहौल पैदा होता है तो राज्य प्रशासन संबंधित मोबाइल कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। अनुच्छेद 370 हटने के बाद से बंद थी सेवा बता दें कि पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर तथा लद्दाख में विभाजित करने के फैसले से पहले कानून और व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देकर प्रशासन ने संचार की सभी लाइनों- लैंडलाइन टेलीफोन सेवा, मोबाइल फोन सेवा और इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया था। करीब दो महीने बाद लैंडलाइन सेवा को बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद 14 अक्टूबर को कश्मीर में मोबाइल पोस्टपेड सेवा को बहाल किया गया। 27 दिसंबर को लद्दाख के कारगिल और द्रास में मोबाइल इंटरनेट सेवा को शुरू कर दिया गया। कश्मीर के कुछ सरकारी दफ्तरों और कारोबारी प्रतिष्ठानों को छोड़कर समूची घाटी में अभी भी इंटरनेट सेवा बंद चल रही है।