बंगाल में झंडे हटाने को लेकर हिंसा, TMC के 1 और BJP के 3 कार्यकर्ताओं की मौत

bangal
बंगाल में झंडे हटाने को लेकर हिंसा, TMC के 1 और BJP के 3 कार्यकर्ताओं की मौत

बंगाल। लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha election 2019) चुनाव के बाद से लगातार पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है। राज्य में कई नेताओं की हत्या हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में शनिवार रात सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई।

3 Killed As Trinamool Bjp Workers Clash In Bengals :

बासिरहाट शहर के संदेशखाली में पार्टियों के झंडे हटाने के बाद दोनों के भी हिंसा भड़क उठी। यह घटना नजत इलाके में हुई, जिसमें 4 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इनमें से तीन भाजपा और एक टीएमसी के बताए जा रहे हैं।

हालांकि पुलिस ने इन मौतों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। भाजपा के सूत्रों ने दावा किया है कि संबंधित इलाके से पार्टी के झंडे हटाने पर हिंसा की शुरुआत हुई।

भाजपा नेता सायंतन बसु ने बताया कि उनकी पार्टी के तीन कार्यकर्ता (सुकांता मंडल, प्रदीप मंडल और शंकर मंडल) की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह टीएमसी कार्यकर्ताओं को भाजपा के झंडे हटाने से रोक रहे थे।

बसु ने बताया, “हमें अपने तीन कार्यकर्ताओं का शव मिला है। हमने सुना है कि दो और कार्यकर्ताओं की भी मौत हो गई है लेकिन अभी उनके शव नहीं मिले हैं। वो हमारी पार्टी के झंडे और पोस्टर हटाने की कोशिश कर रहे थे, जब हमने विरोध किया तो हमारे कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई।”

तृणमूल ने भी एक कार्यकर्ता की हत्या का दावा किया है। पार्टी के वरिष्ठ राज्य मंत्री ज्योतिप्रियो मलिक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपहरण के बाद तृणमूल समर्थक कयूम मुल्ला की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त कयूम तृणमूल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।

बंगाल। लोकसभा चुनाव 2019 (Loksabha election 2019) चुनाव के बाद से लगातार पश्चिम बंगाल में हिंसा हो रही है। राज्य में कई नेताओं की हत्या हो चुकी है। पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना जिले में शनिवार रात सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। बासिरहाट शहर के संदेशखाली में पार्टियों के झंडे हटाने के बाद दोनों के भी हिंसा भड़क उठी। यह घटना नजत इलाके में हुई, जिसमें 4 कार्यकर्ताओं के मारे जाने का दावा किया जा रहा है। इनमें से तीन भाजपा और एक टीएमसी के बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने इन मौतों पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है। पुलिस का कहना है कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या पुलिस दल को घटनास्थल पर भेजा गया था। भाजपा के सूत्रों ने दावा किया है कि संबंधित इलाके से पार्टी के झंडे हटाने पर हिंसा की शुरुआत हुई। भाजपा नेता सायंतन बसु ने बताया कि उनकी पार्टी के तीन कार्यकर्ता (सुकांता मंडल, प्रदीप मंडल और शंकर मंडल) की उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह टीएमसी कार्यकर्ताओं को भाजपा के झंडे हटाने से रोक रहे थे। बसु ने बताया, "हमें अपने तीन कार्यकर्ताओं का शव मिला है। हमने सुना है कि दो और कार्यकर्ताओं की भी मौत हो गई है लेकिन अभी उनके शव नहीं मिले हैं। वो हमारी पार्टी के झंडे और पोस्टर हटाने की कोशिश कर रहे थे, जब हमने विरोध किया तो हमारे कार्यकर्ताओं को गोली मार दी गई।" तृणमूल ने भी एक कार्यकर्ता की हत्या का दावा किया है। पार्टी के वरिष्ठ राज्य मंत्री ज्योतिप्रियो मलिक ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपहरण के बाद तृणमूल समर्थक कयूम मुल्ला की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के वक्त कयूम तृणमूल की बैठक में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।