227.21 करोड़ की परियोजना में धांधली : जल निगम के पूर्व एमडी समेत 32 कर्मचारी फंसे

jalmigam
धांधली में फंसे जल निगम के पूर्व एमडी समेत 32 कर्मचारी, रिटायर अभियंताओं से भी होगी वसूली

लखनऊ। वाराणसी में चल रही 227.21 करोड़ की पेयजल परियोजना में जल निगम के अफसरों ने जमकर लूट की। वर्ष 2010 से शुरू हुई परियोजना में धांधली की शिकायत सीएम योगी तक पहुंची तो उन्होंने जांच कराई। जांच में जल निगम के अफसरों की परत दर परत कलई खुल गई। इसके बाद सीएम ने जल निगम के पूर्व एमडी एके ​श्रीवास्तव समेत 32 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम के आदेश के बाद इस परियोजना में धांधली करने वाले तीन कैशियर व 14 अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पूर्व एमडी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके साथ ही रिटायर हो चुके जल निगम के 12 अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उनसे क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही इस परियोजना में शामिल 125 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया।

32 Employees Including Former Md Of Jal Nigam Trapped In Rigging :

प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने सोमवार को कार्रवाई का आदेश जारी किया। बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ पिछले दिनों वाराणसी पहुंचे थे और पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान पता लगा कि, जल निगम के अभियंताओं ने सांठगांठ करके ठेकेदारों को 227.21 करोड़ का काम बिना टेंडर के ही बांट दिया था। इसके साथ ही सीएम के पास यह भी शिकायत प​हुंची कि पेयजल परियोजनाओं को कई टुकड़ों में बांटते हुए इसमें व्यापक तरीके धांधली की गयी थी। सीएम तक जल निगम के अफसरों की शिकायत पहुंची तो उन्होंने जांच के आदेश दिए, जिसमें सामने आया कि, जल निगम के अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से इस परियोजना में जमकर लूट खसोट किया गया है।

प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव नगर विकास ने तत्कालीन परियोजना प्रबंधक एससी दूबे व एके सिंह, आरपी पांडेय अधीक्षण अभियंता, वीपी मौर्या सहायक परियोजना प्रबंधक, सुरेन्द्र कुमार सिंह अधिशासी अभियंता, एसएस कौशिक, अनूप सिंह, व संजय कुमार (सभी सहायक अभियंता), शत्रुघ्न, नवनीत, जितेन्द्र सिंह, जीआर गुप्ता व डीएन तिवारी, गरिमा कुशवाहा (सभी अवर अभियंता) के अलावा कैशियर रवीन्द्र नाथ सिंह, हरिओम व तृप्ति गुप्ता को निलंबित कर दिया है।

जल निगम के इन अफसरों के खिलाफ FIR
पेयजल परियोजना में धांधली के आरोप में पूर्व एमडी एके श्रीवास्तव, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक आरापी पांडेय व सतीश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इसमें पूर्व एमडी रिटायर हो चुके हैं। वहीं, सतीश कुमार अधिशासी अभियंता के पद पर प्रयागराज में तैनात हैं और उनका तबादला हाल में ही मेरठ के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने वहां कार्यभार नहीं संभाला है।

रिटायर इन अभियंताओं से होगी वसूली
पेयजल परिजना में धांधली करने वाले रिटायर अभियंताओं से भी वसूली की जायेगी। रिटायर होने वाले अभियंताओं में तत्कालीन जीएम रमेश सिंह, परियोजना प्रबंधक कन्हैया राम, परियोजना अभियंता गजानंद वर्मा, मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी व केके सिंह, राजेश श्रीवास्तव, सतीश अधीक्षण, अशोक कुमार श्रीवास्तव, अनूप सक्सेना व एसएल सिंह कुशवाहा (सभी अधीक्षण अभियंता), मुस्तफा अंसारी सहायक अभियंता व एमएन सिद्दकी अवर अभियंता शामिल हैं।

लखनऊ। वाराणसी में चल रही 227.21 करोड़ की पेयजल परियोजना में जल निगम के अफसरों ने जमकर लूट की। वर्ष 2010 से शुरू हुई परियोजना में धांधली की शिकायत सीएम योगी तक पहुंची तो उन्होंने जांच कराई। जांच में जल निगम के अफसरों की परत दर परत कलई खुल गई। इसके बाद सीएम ने जल निगम के पूर्व एमडी एके ​श्रीवास्तव समेत 32 कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए। सीएम के आदेश के बाद इस परियोजना में धांधली करने वाले तीन कैशियर व 14 अभियंताओं को निलंबित कर दिया गया। इसके साथ ही पूर्व एमडी समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कराया गया। इसके साथ ही रिटायर हो चुके जल निगम के 12 अभियंताओं के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उनसे क्षतिपूर्ति वसूलने का आदेश दिया गया। इसके साथ ही इस परियोजना में शामिल 125 ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया गया। प्रमुख सचिव मनोज कुमार ने सोमवार को कार्रवाई का आदेश जारी किया। बता दें कि, सीएम योगी आदित्यनाथ पिछले दिनों वाराणसी पहुंचे थे और पेयजल परियोजनाओं की समीक्षा की थी। इस दौरान पता लगा कि, जल निगम के अभियंताओं ने सांठगांठ करके ठेकेदारों को 227.21 करोड़ का काम बिना टेंडर के ही बांट दिया था। इसके साथ ही सीएम के पास यह भी शिकायत प​हुंची कि पेयजल परियोजनाओं को कई टुकड़ों में बांटते हुए इसमें व्यापक तरीके धांधली की गयी थी। सीएम तक जल निगम के अफसरों की शिकायत पहुंची तो उन्होंने जांच के आदेश दिए, जिसमें सामने आया कि, जल निगम के अफसरों और ठेकेदारों की मिलीभगत से इस परियोजना में जमकर लूट खसोट किया गया है। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रमुख सचिव नगर विकास ने तत्कालीन परियोजना प्रबंधक एससी दूबे व एके सिंह, आरपी पांडेय अधीक्षण अभियंता, वीपी मौर्या सहायक परियोजना प्रबंधक, सुरेन्द्र कुमार सिंह अधिशासी अभियंता, एसएस कौशिक, अनूप सिंह, व संजय कुमार (सभी सहायक अभियंता), शत्रुघ्न, नवनीत, जितेन्द्र सिंह, जीआर गुप्ता व डीएन तिवारी, गरिमा कुशवाहा (सभी अवर अभियंता) के अलावा कैशियर रवीन्द्र नाथ सिंह, हरिओम व तृप्ति गुप्ता को निलंबित कर दिया है। जल निगम के इन अफसरों के खिलाफ FIR पेयजल परियोजना में धांधली के आरोप में पूर्व एमडी एके श्रीवास्तव, तत्कालीन परियोजना प्रबंधक आरापी पांडेय व सतीश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश हुए हैं। इसमें पूर्व एमडी रिटायर हो चुके हैं। वहीं, सतीश कुमार अधिशासी अभियंता के पद पर प्रयागराज में तैनात हैं और उनका तबादला हाल में ही मेरठ के लिए हुआ था, लेकिन उन्होंने वहां कार्यभार नहीं संभाला है। रिटायर इन अभियंताओं से होगी वसूली पेयजल परिजना में धांधली करने वाले रिटायर अभियंताओं से भी वसूली की जायेगी। रिटायर होने वाले अभियंताओं में तत्कालीन जीएम रमेश सिंह, परियोजना प्रबंधक कन्हैया राम, परियोजना अभियंता गजानंद वर्मा, मुख्य अभियंता आरके द्विवेदी व केके सिंह, राजेश श्रीवास्तव, सतीश अधीक्षण, अशोक कुमार श्रीवास्तव, अनूप सक्सेना व एसएल सिंह कुशवाहा (सभी अधीक्षण अभियंता), मुस्तफा अंसारी सहायक अभियंता व एमएन सिद्दकी अवर अभियंता शामिल हैं।