मुंबई की दहलीज पर पहुंचा किसानों का आक्रोश, 12 मार्च को करेंगे महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव

मुंबई की दहलीज पर पहुंचा किसानों का आक्रोश, 12 मार्च को करेंगे महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव
मुंबई की दहलीज पर पहुंचा किसानों का आक्रोश, 12 मार्च को करेंगे महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव

मुंबई। ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने निकले क़रीब 35 हज़ार किसान अब मुंबई के क़रीब पहुंच चुके हैं। नासिक से शुरू हुई किसानों की ये रैली कल रात वासिंद में रुकी और आज ये किसान वासिंद से आगे बढ़ ठाणे पहुंच चुके हैं। 12 मार्च को ये किसान महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करेंगे. इन किसानों की मांगों में क़र्ज़मुक्ति, फसलों का उचित भाव, स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करने और पेंशन के मुद्दे शामिल हैं।

35 Farmers Marching Towards Mumbai For Demand Of Complete Loan Waiver :

ये हैं किसानों की मांग

आंदोलन कर रहे किसानों की पहली मांग पूरे तरीके से कर्जमाफी है. बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है। मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है. ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले।

किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं। इसलिए उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाए।

फसलों के सही दाम न मिलने से भी वो नाराज है ।  सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है।

किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें भी लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं।

मुंबई। ऑल इंडिया किसान सभा के बैनर तले महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करने निकले क़रीब 35 हज़ार किसान अब मुंबई के क़रीब पहुंच चुके हैं। नासिक से शुरू हुई किसानों की ये रैली कल रात वासिंद में रुकी और आज ये किसान वासिंद से आगे बढ़ ठाणे पहुंच चुके हैं। 12 मार्च को ये किसान महाराष्ट्र विधानसभा का घेराव करेंगे. इन किसानों की मांगों में क़र्ज़मुक्ति, फसलों का उचित भाव, स्वामीनाथन आयोग की सिफ़ारिशों को लागू करने और पेंशन के मुद्दे शामिल हैं।ये हैं किसानों की मांगआंदोलन कर रहे किसानों की पहली मांग पूरे तरीके से कर्जमाफी है. बैंकों से लिया कर्ज किसानों के लिए बोझ बन चुका है। मौसम के बदलने से हर साल फसलें तबाह हो रही है. ऐसे में किसान चाहते हैं कि उन्हें कर्ज से मुक्ति मिले।किसान संगठनों का कहना है कि महाराष्ट्र के ज्यादातर किसान फसल बर्बाद होने के चलते बिजली बिल नहीं चुका पाते हैं। इसलिए उन्हें बिजली बिल में छूट दी जाए।फसलों के सही दाम न मिलने से भी वो नाराज है ।  सरकार ने हाल के बजट में भी किसानों को एमएसपी का तोहफा दिया था, लेकिन कुछ संगठनों का मानना था कि केंद्र सरकार की एमएसपी की योजना महज दिखावा है।किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें भी लागू करने की मांग किसान कर रहे हैं।