‘नो हेलमेट नो एंट्री और पे फाइन देन एंट्री’ अभियान के तहत कटे 3500 चालान

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'नो हेलमेट नो एंट्री और पे फाइन देन एंट्री' अभियान के तहत कटे 3500 चालान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुरक्षित यातायात को मद्देनजर रखते हुए सोमवार को ‘नो हेलमेट नो एंट्री और पे फाइन देन एंट्री’ अभियान चलाया गया। जिसकी अगुवाई एसएसपी कलानिधि नैथानी ने स्वयं की। हजरतगंज समेत दस चौराहों पर यह अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 35 सौ लोगों का चालान काटा गया। एक लाख 60 हजार शमन शुल्क वसूला गया।

3500 Invoices Cut Under No Helmet No Entry And Pay Fine Day Entry Campaign :

दरअसल, राजधानी में बीते पांच माह में 740 सड़क हादसे हुए। जिनमें 240 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। यह आंकड़े बयां करते हैं कि खुद राजधानी में लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर कितने लापरवाह हैं। यही वजह है कि अब खुद राजधानी पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए सड़क सुरक्षा के तहत अभियान चला रही है। इस अभियान में लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह ज्यादा ज्यादा ट्रैफिक नियमों का पालन करें।

वहीं, सोमवार को इस अभियान के तहत करीब 3500 चालान काटे गए और जो नियमों को तोड़ते दिखाई दिए उन्हें जागरूक भी किया गया। लखनऊ के एसएसपी भी मान रहे हैं कि इस अभियान से लोगों में अपने जीवन की रक्षा के प्रति जागरूकता आएगी। एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्दु सिंह ने बताया कि, करीब एक लाख 60 हजार 500 रूपए शमन शुल्क यातायात उलंघन करने वालों से वसूला गया।

बता दें, राजधानी लखनऊ के दस ऐसे रूटों पर पूरी तरह से हेलमेट पहनना लागू कर दिया गया है। इन रूटों पर आज से बिना हेलमेट के कोई भी वाहन एंट्री नहीं कर पाएगा। बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहनों को भी एंट्री नहीं मिलेगी। बहराल देखना होगा इस अभियान का आने वाले वक्त में राजधानी में कितना असर दिखाई देता है। लेकिन यह तय है कि जिस तरह से सड़क हादसों के आंकड़े सामने आए हैं, उनमें कहीं न कहीं जरूर कमी आएगी। साथ ही लोग भी ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक होंगे।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सुरक्षित यातायात को मद्देनजर रखते हुए सोमवार को 'नो हेलमेट नो एंट्री और पे फाइन देन एंट्री' अभियान चलाया गया। जिसकी अगुवाई एसएसपी कलानिधि नैथानी ने स्वयं की। हजरतगंज समेत दस चौराहों पर यह अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात नियमों को तोड़ने वालों पर कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान 35 सौ लोगों का चालान काटा गया। एक लाख 60 हजार शमन शुल्क वसूला गया। दरअसल, राजधानी में बीते पांच माह में 740 सड़क हादसे हुए। जिनमें 240 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। यह आंकड़े बयां करते हैं कि खुद राजधानी में लोग ट्रैफिक नियमों को लेकर कितने लापरवाह हैं। यही वजह है कि अब खुद राजधानी पुलिस ट्रैफिक नियमों का पालन कराने के लिए सड़क सुरक्षा के तहत अभियान चला रही है। इस अभियान में लोगों को जागरूक किया जा रहा है कि वह ज्यादा ज्यादा ट्रैफिक नियमों का पालन करें। वहीं, सोमवार को इस अभियान के तहत करीब 3500 चालान काटे गए और जो नियमों को तोड़ते दिखाई दिए उन्हें जागरूक भी किया गया। लखनऊ के एसएसपी भी मान रहे हैं कि इस अभियान से लोगों में अपने जीवन की रक्षा के प्रति जागरूकता आएगी। एसपी ट्रैफिक पूर्णेन्दु सिंह ने बताया कि, करीब एक लाख 60 हजार 500 रूपए शमन शुल्क यातायात उलंघन करने वालों से वसूला गया। बता दें, राजधानी लखनऊ के दस ऐसे रूटों पर पूरी तरह से हेलमेट पहनना लागू कर दिया गया है। इन रूटों पर आज से बिना हेलमेट के कोई भी वाहन एंट्री नहीं कर पाएगा। बिना सीट बेल्ट के चार पहिया वाहनों को भी एंट्री नहीं मिलेगी। बहराल देखना होगा इस अभियान का आने वाले वक्त में राजधानी में कितना असर दिखाई देता है। लेकिन यह तय है कि जिस तरह से सड़क हादसों के आंकड़े सामने आए हैं, उनमें कहीं न कहीं जरूर कमी आएगी। साथ ही लोग भी ट्रैफिक नियमों को लेकर जागरूक होंगे।