राजस्थान: 10-15 साल की उम्र के 366 बच्चे हैं तलाकशुदा, 3 हजार से ज्यादा बच्चियां विधवा

जयपुर| दुनिया इक्कीसवीं सदी में पहुंच गई है लेकिन आज भी लोग पुरानी परंपरा रीति-रिवाज छोड़ नहीं रहे हैं| भारत में बालविवाह व जबरन विवाह कराने की परंपरा आज भी प्र​चलित है| राजस्थान की एक ताजा रिपोर्ट के अनुसार वहां 366 बच्चे तलाकशुदा है तो तीन हजार से भी अधिक बच्चियां विधवा जीवन जीने को मजबूर हैं|




राजस्थान में दंपतियों के अलगाव की समस्या को लेकर हुए सर्वे के मुताबिक, यहां 14 वर्ष से 15 वर्ष की उम्र के 366 बच्चे तलाकशुदा हैं| करीब 3,506 लड़कियां विधवा जीवन जी रही है तो वही 2,855 लड़कियां घर से अलग रहकर अपना जीवन व्यतीत कर रही है| इसके अलावा 10 वर्ष से लेकर 14 वर्ष की उम्र के तकरीबन 2.5 लाख लोग विवाहित है और 15 से 19 वर्ष के बीच इनकी संख्या 13.62 लाख है| इस रिपोर्ट के अनुसार मिश्रित विवाहित लोगों की कुल संख्या 3.29 करोड़ है जबकि इसमें 4.95 लाख लोग नाबालिग हैं|

राजस्थान यूनिवर्सिटी के सोशियॉलजी ​विभाग क पूर्व प्रमुख राजीव गुप्ता ने बताया कि तलाक व अलगाव के प्रमुख कारण के पीछे दहेज, बेटे-बेटी में फर्क, अवैध संबंध होने जैसी समस्याएं जिम्मेदार है| उन्होंने बताया कि नाबालिग शादी-शुदा बेटियों का तलाक होने के बाद उनकी जिन्दगी नर्क हो जाती है जिसके कारण उन्हें पूरी जिन्दगी अकेले गुजारना पड़ता है| राजस्थान में कई जगह पर अक्षय तृतीया अखा तीज के ​मौके पर भारी मात्रा में बालविवाह होता हैं| इस पुरानी परंपरा को जड़ से समाप्त करने के लिए राजस्थान सरकार तमाम पहल कर रही हैं लेकिन इस ताजा सर्वे ने सरकार की पोल खोल कर रख दी है|