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गोमती रिवरफ्रंट घोटाला मामले में सीबीआई की 40 टीमों का लखनऊ सहित 17 शहरों में छापेमारी जारी

सीबीआई की 40 टीमों की गोमती रिवरफ्रंट घोटाला मामले में लखनऊ, गाजियाबाद और देहरादून सहित 17 जिलों व शहरों में छापेमारी जारी है। सीबीआई ने यूपी के साथ पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी छापेमारी की है।

By संतोष सिंह 
Updated Date

40 Teams Of Cbi Continue Raids In 17 Cities Including Lucknow In Riverfront Scam Case

लखनऊ। सीबीआई की 40 टीमों की गोमती रिवरफ्रंट घोटाला मामले में लखनऊ, गाजियाबाद और देहरादून सहित 17 जिलों व शहरों में छापेमारी जारी है। सीबीआई ने यूपी के साथ पश्चिम बंगाल और राजस्थान में भी छापेमारी की है। बता दें कि सीबीआई लखनऊ की एंटी करप्शन विंग ने रिवर फ्रंट घोटाले में करीब दर्जनों लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी।

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यूपी में लखनऊ के अलावा, नोएडा, गाजियाबाद, बुलंदशहर, रायबरेली, सीतापुर, इटावा और आगरा में छापेमारी की है। सपा सरकार में हुए रिवरफ्रंट घोटाला मामले में छापेमारी शुरू की है। बता दें कि रिवरफ्रंट घोटाले के आरोप समाजवादी पार्टी सरकार पर लगते रहे हैं। रिवरफ्रंट सपा सरकार में गोमती नदी के किनारे बनवाया गया था जिसका सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव प्रचार करते रहे हैं।

प्रदेश में 2017 में भाजपा सरकार आने पर मामले की जांच की बात कही गई थी जिसके बाद से कई अफसरों के खिलाफ अब तक एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। मामले में अब फिर से छापेमारी का दौर शुरू हो चुका है। करीब 1500 करोड़ रुपये के इस घोटाले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है। प्रवर्तन निदेशालय भी मनी लांड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच कर रहा है। राज्य सरकार ने चार साल पहले घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की संस्तुति की थी। उससे पहले अप्रैल 2017 में प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट घोटाले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे।

जांच के बाद गोमती नगर थाने में कई अधिकारियों के खिलाफ कमेटी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। उसी एफआईआर को आधार बनाकर सीबीआई ने रिपोर्ट दर्ज की थी। एक इंजीनियर रूप सिंह यादव की गिरफ्तारी इस मामले में कुछ ही दिन पहले की गई थी। रिवर फ्रंट परियोजना के तहत अकेले सिंचाई विभाग ने 800 से अधिक टेंडर जारी किए थे। इनमें नियमों को दरकिनार कर ठेकेदारों को काम दिया था। उस समय लखनऊ खंड शारदा नहर के अधिशासी अभियंता रूप सिंह के खिलाफ सीबीआई को पर्याप्त सुबूत मिले थे।

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