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लद्दाख सीमा पर 40,000 भारतीय सैनिक तैनात, पीछे नहीं हटा चीन: सूत्र

40000 Indian Soldiers Deployed On Ladakh Border China Not Backtracked

By टीम पर्दाफाश 
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नई दिल्ली: भारत और चीन (India-China) के बीच जारी तनाव और विवाद लगातार बना हुआ है. चीन भारतीय इलाक़ों में अब भी अपनी सेना के साथ डटा हुआ है और वहां से वापस जाने का नाम नहीं ले रहा है. तकरीबन ढाई महीने से ज़्यादा हो गया है. मेजर जनरल स्तर (Major General Level Meetings) की दर्जनों बैठकें हो चुकी हैं, कोर कमांडर स्तर (Corps Commander Level Meeting) की भी चार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन जमीन पर अब भी ठोस बदलाव नहीं आया है. चीन अभी भी भारतीय सीमा में मौजूद है. जानकारी मिली है कि लद्दाख मोर्चे पर अब भी 40,000 चीनी सैनिकों की तैनाती जारी है.

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14 जुलाई को भारत चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की चौथी बातचीत में अगले फ़ेज़ को शुरू करने पर सहमति बनी थी लेकिन सूत्रों की मानें तो चीन की सेना पहले फ़ेज़ के बाद एक क़दम भी पीछे नहीं हटी है. पहले फ़ेज़ में गलवान (Galwan), हॉट स्प्रिंग गोगरा (Hot Spring Gogra) से 1 से 2 किलोमीटर तक चीन और भारतीय सेना (Indian Army) पीछे हटी थीं. यही नहीं दशकों से विवाद का सबसे बड़ा कारण रही पैंगोंग झील (Pangong Tso Lake) से भी चीन ने अपनी सेना को फ़िंगर 4 (Finger 4) से फ़िंगर 5 (Finger 5) तक पीछे किया था लेकिन उसके बाद कोई भी क़दम चीन की तरफ से नहीं उठाया गया.

पिछले हफ्ते ही रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (Defence Minister Rajnath Singh) ने लेह (Leh) दौरे में अपने बयान में ये इशारा कर दिया था कि चीन इतनी आसानी से जाने वाला नहीं है. रक्षा मंत्री ने कहा था कि अब तक जो भी बातचीत की प्रगति हुई है उससे मामला हल होना चाहिए, कहां तक हल होगा इसकी गारंटी नहीं दे सकता. लेकिन हम किसी भी हालात से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. माना जा रहा है कि जल्द दोनों देशों के बीच कोर कमांडर फिर से बातचीत की मेज पर आ सकते है लेकिन जब तक दूसरे फ़ेज़ की प्रगति नहीं होती तब तक उम्मीद कम ही है.

सूत्रों की मानें तो चीन पहले दिन से ही एलएसी (LAC) से सेना पीछे करने को तैयार नहीं था. 15 जून को गलवान में हुई हिंसक झड़प के बाद चीन पर चौतरफ़ा दबाव बनाया गया तो जाकर उसने डिस्एंगेजमेंट की प्रक्रिया की शुरूआत की. लेकिन डी एस्किलेशन के लिए तो अब भी चीन मान नहीं रहा है. हालांकि चीन की हर एक हरकत पर भारत लगातार नजर बनाए हुए है.

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