नेपाल में फंसे 43 भारतीय नागरिकों को लाया गया सोनौली

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सोनौली । भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के नेपाली सीमा में फंसे सौ भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया। यह सभी भारतीय नागरिक बीते चार दिनों से नेपाल के सीमा में फंसे हुए थे। इस दौरान उन्हें खाने, पीने, रहने सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। भारतीय नागरिकों के फंसने की जानकारी जनपद महराजगंज जिला प्रशासन को हुई तो उच्चाधिकारियों से वार्ता कर एसडीएम नौतनवा और क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में सभी को नेपाल से लाकर भारतीय सीमा सोनौली के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन ने उनके रहने खाने की पूरी व्यवस्था की।

43 Indian Citizens Stranded In Nepal Brought To Sonoli :

बीते 22 मार्च से भारत नेपाल की सीमा सील होने के बाद सभी यात्री नेपाल में फंस गए थे। इस दौरान में भी कोरोना वायरस को लेकर नेपाल सरकार ने भी लॉकडाउन लागू कर दिया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे एसडीएम नौतनवा जसधीर सिंह यादव और क्षेत्राधिकारी नौतनवा राजू कुमार साव और एसएसबी सहायक सेनानायक संजय प्रसाद के नेतृत्व में नेपाल में फंसे 43 भारतीय नागरिकों को नेपाल से निकाल कर अपने वतन लाया गया।

जिसमें महिला पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। यह सभी लोग भारत और नेपाल में लॉकडाउन के बाद से परेशान थे। खाने पीने और रहने में  समस्या हो रही थी l जिन्हें सोनौली बॉर्डर के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है।

नेपाल से आये लोगो से मिलने शानिवार दोपहर को जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान सोनौली गेस्ट हाउस पहुचे और लोगो से मिले व आवश्यक जानकारी लिया।

इस संबंध में जिलाधिकारी महराजगंज डॉ उज्ज्वल कुमार ने बताया कि सभी भारतीय यात्रियों को नेपाल से लाकर भारतीय सीमा में सोनौली के गेस्ट हाउस मे शिफ्ट कर दिया गया है। यहां इनके रहने खाने पीने की सभी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चेन्नई, गोरखपुर, बस्ती सहित कई प्रदेश के भारतीय नागरिक हैं। जिनकी जांच के बाद इन्हें रहने की सुविधा दी गई है l

महराजगंज ब्यूरो प्रभारी -विजय चौरसिया

सोनौली । भारत नेपाल सीमा सोनौली बॉर्डर के नेपाली सीमा में फंसे सौ भारतीय नागरिकों को वापस लाया गया। यह सभी भारतीय नागरिक बीते चार दिनों से नेपाल के सीमा में फंसे हुए थे। इस दौरान उन्हें खाने, पीने, रहने सहित कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। भारतीय नागरिकों के फंसने की जानकारी जनपद महराजगंज जिला प्रशासन को हुई तो उच्चाधिकारियों से वार्ता कर एसडीएम नौतनवा और क्षेत्राधिकारी के नेतृत्व में सभी को नेपाल से लाकर भारतीय सीमा सोनौली के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। साथ ही प्रशासन ने उनके रहने खाने की पूरी व्यवस्था की। बीते 22 मार्च से भारत नेपाल की सीमा सील होने के बाद सभी यात्री नेपाल में फंस गए थे। इस दौरान में भी कोरोना वायरस को लेकर नेपाल सरकार ने भी लॉकडाउन लागू कर दिया। शुक्रवार रात करीब 12 बजे एसडीएम नौतनवा जसधीर सिंह यादव और क्षेत्राधिकारी नौतनवा राजू कुमार साव और एसएसबी सहायक सेनानायक संजय प्रसाद के नेतृत्व में नेपाल में फंसे 43 भारतीय नागरिकों को नेपाल से निकाल कर अपने वतन लाया गया। जिसमें महिला पुरुष और बच्चे भी शामिल हैं। यह सभी लोग भारत और नेपाल में लॉकडाउन के बाद से परेशान थे। खाने पीने और रहने में  समस्या हो रही थी l जिन्हें सोनौली बॉर्डर के एक गेस्ट हाउस में शिफ्ट कर दिया गया है। नेपाल से आये लोगो से मिलने शानिवार दोपहर को जिलाधिकारी डॉ उज्जवल कुमार पुलिस अधीक्षक रोहित सिंह सजवान सोनौली गेस्ट हाउस पहुचे और लोगो से मिले व आवश्यक जानकारी लिया। इस संबंध में जिलाधिकारी महराजगंज डॉ उज्ज्वल कुमार ने बताया कि सभी भारतीय यात्रियों को नेपाल से लाकर भारतीय सीमा में सोनौली के गेस्ट हाउस मे शिफ्ट कर दिया गया है। यहां इनके रहने खाने पीने की सभी व्यवस्था कर दी गई है। उन्होंने बताया कि चेन्नई, गोरखपुर, बस्ती सहित कई प्रदेश के भारतीय नागरिक हैं। जिनकी जांच के बाद इन्हें रहने की सुविधा दी गई है l महराजगंज ब्यूरो प्रभारी -विजय चौरसिया