तबादलों की सरकार : 165 दिन के कार्यकाल में कर डाले 450 आईएएस—आईपीएस के ट्रांसफर

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तबादलों की सरकार : 165 दिन के कार्यकाल में कर डाले 450 आईएएस—आईपीएस के ट्रांसफर

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जैसे तबादलों की बाढ़ से आ गई है। लोकसभा चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता के दौरान ये दौर रूका, लेकिन जैसे ही आचार संहिता समाप्त हुई, फिर से तबादलों का दौर शुरू हो गया है।

450 Ias And Ips Officers Transferred In 165 Days Government In Madhyapradesh :

बता दे कि शनिवार रात 33 आईएएस अधिकारी और इसके ढाई घंटे पहले 37 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बने अभी कुल 165 दिन हुए हैं, लेकिन इतने दिनों की ही सरकार में अभी तक करीब 450 से अधिक आईएएस-आईपीएस अधिकारी को इधर से उधर किया जा चुका है।

वहीं आईएएस और आईपीएस के साथ आईएफएस और निचले स्तर के ट्रांसफर को भी जोड़ लिया जाए तो ये आंकड़ा 15 हजार से अधिक जाएगा। इसे लेकर नौकरशाही में हड़कंप की स्थिति है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार के प्रशासन का जिम्मा संभालने वाले आईएएस अधिकारियों का तो हर दूसरे दिन एक तबादला आदेश निकला। 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ के शपथ लेने के अगले ही दिन से तबादलों की शुरुआत हो गई।

बता दें कि 18 दिसंबर को जारी पहले आदेश में ही रीवा कमिश्नर को हटा दिया गया और 19 दिसंबर के आदेश में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहे विवेक अग्रवाल और हरिरंजन राव की सीएम सचिवालय से विदाई हो गई। तब से लेकर 1 जून तक आईएएस अधिकारियों के 84 ट्रांसफर आदेश निकले हैं, जिनमें 230 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। इसमें से कई का तो तीन-तीन, चार-चार बार ट्रांसफर किया गया है। सभी दस संभाग के कमिश्नर व 52 जिलों के कलेक्टर बदले जा चुके हैं। साथ 48 एसपी भी तबादले के दायरे में आ गए हैं।

नई दिल्ली। मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद जैसे तबादलों की बाढ़ से आ गई है। लोकसभा चुनावों को लेकर लगी आचार संहिता के दौरान ये दौर रूका, लेकिन जैसे ही आचार संहिता समाप्त हुई, फिर से तबादलों का दौर शुरू हो गया है। बता दे कि शनिवार रात 33 आईएएस अधिकारी और इसके ढाई घंटे पहले 37 आईपीएस अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया। बताया जा रहा है कि प्रदेश में कमलनाथ की सरकार बने अभी कुल 165 दिन हुए हैं, लेकिन इतने दिनों की ही सरकार में अभी तक करीब 450 से अधिक आईएएस-आईपीएस अधिकारी को इधर से उधर किया जा चुका है। वहीं आईएएस और आईपीएस के साथ आईएफएस और निचले स्तर के ट्रांसफर को भी जोड़ लिया जाए तो ये आंकड़ा 15 हजार से अधिक जाएगा। इसे लेकर नौकरशाही में हड़कंप की स्थिति है। चौंकाने वाली बात यह है कि सरकार के प्रशासन का जिम्मा संभालने वाले आईएएस अधिकारियों का तो हर दूसरे दिन एक तबादला आदेश निकला। 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ के शपथ लेने के अगले ही दिन से तबादलों की शुरुआत हो गई। बता दें कि 18 दिसंबर को जारी पहले आदेश में ही रीवा कमिश्नर को हटा दिया गया और 19 दिसंबर के आदेश में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव रहे विवेक अग्रवाल और हरिरंजन राव की सीएम सचिवालय से विदाई हो गई। तब से लेकर 1 जून तक आईएएस अधिकारियों के 84 ट्रांसफर आदेश निकले हैं, जिनमें 230 आईएएस अधिकारियों का ट्रांसफर किया गया। इसमें से कई का तो तीन-तीन, चार-चार बार ट्रांसफर किया गया है। सभी दस संभाग के कमिश्नर व 52 जिलों के कलेक्टर बदले जा चुके हैं। साथ 48 एसपी भी तबादले के दायरे में आ गए हैं।