48 घंटे में 31 जिलों के डीएम समेत 47 आईएएस जाएंगे ट्रेनिंग पर

47 Ias Of Up Cadre Suppose To Leave For Training

लखनऊ: यूपी में नई सरकार बनने के साथ इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि सूबे की नौकरशाही में बड़े फेरबदल नज़र आएंगे। इस बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि यूपी के 47 आईएएस अफसर अगले 48 घंटों में यानि कि 9 अप्रैल तक ट्रेनिंग पर जाएंगे। जिसमें सूबे के 31 जिलाधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में शासन के सामने इन अधिकारियों के विकल्प को लेकर एक समस्या उत्पन्न हो गई है। जानकारों की माने तो कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग को ट्रेनिंग पर जाने वाले अधिकारियों की सूची मुख्यमंत्री से अनुमोदित करा लेनी चाहिए थी लेकिन अभी तक कोई ऐसी सूची फाइनल नहीं की गई है।




आपको बता दें कि आईएएस अधिकारियों की ट्रेनिंग एक नियमित प्रक्रिया है। आईएएस अफसर को अपनी नौकरी के हर सात से 10 साल के बीच उन्हें फेज तीन की दो महीने की ट्रेनिंग के लिए मसूरी जाना होता है। जहां से वह ट्रेनिंग के लिए कुछ दिन विदेश भी जाते हैं। जिसके बाद 17 से 20 साल की नौकरी पूरी होने के बाद पुन: चौथे फेज की ट्रेनिंग के लिए भेजे जाते हैं, अंतिम चरण की ट्रेनिंग नौकरी के 28 से 30 साल बाद होती है जिसे पांचवे फेज की ट्रेनिंग कहा जाता है। हर आईएएस ये ट्रेनिंग्स अनिवार्य होती है। हर ट्रेनिंग को करने के लिए उन्हें 3 साल का समय दिया जाता है इस दौरान वह किसी भी समय अपनी ट्रेनिंग पूरी कर सकते हैं।

ट्रेनिंग पर जाने वाले आईएएस अफसरों में 2003 बैच के आईएएस भगेलू राम शास्त्री और सत्येंद्र कुमार सिंह, 2004 बैच के आईएएस वीरेंद्र कुमार सिंह, रोशन जैकब, राज शेखर, 2005 बैच के आईएएस शमीम अहमद खान, नरेंद्र शंकर पाण्डे, अजय शंकर पाण्डेय, दिग्विजय सिंह , जितेन्द्र बहादुर सिंह, योगेश्वर राम मिश्रा, दिनेश कुमार सिंह, 2006 बैच के आईएएस योगेश कुमार शुक्ला, जुहेर बिन सगीर, कौशल राज शर्मा, प्रांजल यादव, ऋषिकेश भास्कर यशोद, 2007 बैच के आईएएस नवीन कुमार जी.एस, प्रभु नारायण सिंह, सुहास एल.वाई, अभय, आदर्श सिंह, 2008 बैच के आईएएस सरोज कुमार, किंजल सिंह, के. विजयेन्द्र पांडियन, कुमार रविकान्त सिंह, पवन कुमार, अमृत त्रिपाठी, राजेश कुमार, बी. चन्द्रकला, अनिल ढींगरा, 2009 बैच के आईएएस बाल कृष्ण त्रिपाठी, सुभ्रा सक्सेना, सूर्यपाल गंगवार, अदिति सिंह, विजय किरन आनन्द, भानु चन्द्र गोस्वामी, अनुज कुमार झा, माला श्रीवास्तव, नितिन बंसल, रुपेश कुमार, मासूम अली सरवर, विवेक, भूपेन्द्र एस. चौधरी, प्रकाश बिन्दु, एस. राजालिंगम और वैभव श्रीवास्तव का नाम शामिल है।




कामरान रिजवी प्रमुख सचिव कार्मिक एवं नियुक्ति ने बताया है कि कुछ आईएएस अपनी निजी समस्याएं बताकर ट्रेनिंग पर नहीं जाना चाहते हैं। न जाने के लिए जिन अधिकारियों ने आवेदन किया है उनमें से किसी के परिवार में कोई बीमार है या परिवार से जुड़ी अन्य समस्याएं है। इनके पास अभी तीन साल का समय है कभी भी अपनी ट्रेनिंग प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

लखनऊ: यूपी में नई सरकार बनने के साथ इस बात के कयास लगाए जाने लगे थे कि सूबे की नौकरशाही में बड़े फेरबदल नज़र आएंगे। इस बीच ऐसी खबरें आ रही हैं कि यूपी के 47 आईएएस अफसर अगले 48 घंटों में यानि कि 9 अप्रैल तक ट्रेनिंग पर जाएंगे। जिसमें सूबे के 31 जिलाधिकारी भी शामिल हैं। ऐसे में शासन के सामने इन अधिकारियों के विकल्प को लेकर एक समस्या उत्पन्न हो गई है। जानकारों की माने तो कार्मिक…