काबिलियत के आगे हारी उम्र, 49 वर्षीय नीमा पंत बनी ‘मिसेज यूनिवर्स 2019’

neema pant won the title of mrs universe
काबिलियत के आगे हारी उम्र, 49 वर्षीय नीमा पंत बनी 'मिसेज यूनिवर्स 2019'

लखनऊ। शान-ए-अवध बनी 49 वर्षीय नीमा पंत। उन्होंने मिसेज यूनिवर्स 2019 (एशिया जोन) का खिताब अपने नाम कर लखनऊ का नाम रोशन किया। दिल्ली में आयोजित मिस्टर, मिस एंड मिसेज यूनिवर्स 2019 में नीमा पंत ने देशभर से आईं 17 प्रतिभागियों को पछाड़कर खिताब जीता। इससे पहले 25 मई को अवध जिमखाना क्लब में आयोजित मिस एंड मिसेज नार्थ इंडिया 2019 प्रतियोगिता में मिसेज नार्थ इंडिया विनर का खिताब जीता था।

49 Years Old Neema Pant Won The Title Of Mrs Universe 2019 :

बता दें, 21 मई 1970 को अल्मोड़ा में जन्मीं नीमा पंत ने 1993 में कानपुर से स्कूली शिक्षा पूरी की। कॉलेज ऑफ नर्सिंग से बैचलर ऑफ साइंस ऑनर्स किया। कोर्स के दौरान ही वह एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में सक्रिय रहीं। कोलकाता के बीएम बिड़ला हार्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट से कार्डियक थोरेसिक नर्सिंग में 18 महीने का कोर्स किया। इसके बाद वर्ष 1995 में एसजीपीजीआइ में नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्डियोलॉजी आइसीयू में काम करना शुरू किया। उन्होंने अपने शिक्षण के जुनून को पूरा करने के लिए शहर के दो नर्सिंग कॉलेजों में बच्चों को पढ़ाने का काम भी किया। उन्होंने मधुमेह व उच्च रक्तचाप पर एक पुस्तक भी लिखी है, जो आने वाले समय में एनसीआरटी में बच्चे पढ़ेंगे।

साल 2006 में नीमा पंत की शादी हुई थी। पति सुदीप कुमार एसजीपीजीआइ में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर हैं। उनकी एक बेटी है जो कक्षा पांच में पढ़ रही है। वह कहती हैं इस उम्र में मॉडलिंग करने में परिवार का पूरा सहयोग मिला। मैं कई वर्षों से रनिंग के साथ जुम्बा डांस कर रहीं हूं, इसलिए मुझे आसानी से प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिल गया। अब मैं समाज को स्वस्थ बनाने के लिए और प्रयास करूंगी, लोगों को जागरूक करूंगी।

इतना ही नहीं नीमा पंत का कहना है कि उन्हें समाज की भलाई में बेहद खुशी मिलती है। स्तन कैंसर के प्रति जागरूक कर उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को स्व स्तन परीक्षण के बारे में बताया। साथ ही लघु नाटक के जरिए महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया। अब तक उन्होंने 30 से अधिक बार रक्तदान किया है। साथ ही नीमा पंत कहती हैं कि अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए तो सफलता मिलकर ही रहती है। युवाओं को संदेश देते हुए वह कहती हैं कि मॉडल नहीं, रोल मॉडल बनें। सिर्फ अपने लिए ही नहीं, समाज की भलाई के लिए जिम्मेदारी निभाएं।

लखनऊ। शान-ए-अवध बनी 49 वर्षीय नीमा पंत। उन्होंने मिसेज यूनिवर्स 2019 (एशिया जोन) का खिताब अपने नाम कर लखनऊ का नाम रोशन किया। दिल्ली में आयोजित मिस्टर, मिस एंड मिसेज यूनिवर्स 2019 में नीमा पंत ने देशभर से आईं 17 प्रतिभागियों को पछाड़कर खिताब जीता। इससे पहले 25 मई को अवध जिमखाना क्लब में आयोजित मिस एंड मिसेज नार्थ इंडिया 2019 प्रतियोगिता में मिसेज नार्थ इंडिया विनर का खिताब जीता था। बता दें, 21 मई 1970 को अल्मोड़ा में जन्मीं नीमा पंत ने 1993 में कानपुर से स्कूली शिक्षा पूरी की। कॉलेज ऑफ नर्सिंग से बैचलर ऑफ साइंस ऑनर्स किया। कोर्स के दौरान ही वह एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज में सक्रिय रहीं। कोलकाता के बीएम बिड़ला हार्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट से कार्डियक थोरेसिक नर्सिंग में 18 महीने का कोर्स किया। इसके बाद वर्ष 1995 में एसजीपीजीआइ में नर्सिंग अधिकारी के पद पर कार्डियोलॉजी आइसीयू में काम करना शुरू किया। उन्होंने अपने शिक्षण के जुनून को पूरा करने के लिए शहर के दो नर्सिंग कॉलेजों में बच्चों को पढ़ाने का काम भी किया। उन्होंने मधुमेह व उच्च रक्तचाप पर एक पुस्तक भी लिखी है, जो आने वाले समय में एनसीआरटी में बच्चे पढ़ेंगे। साल 2006 में नीमा पंत की शादी हुई थी। पति सुदीप कुमार एसजीपीजीआइ में कार्डियोलॉजी के प्रोफेसर हैं। उनकी एक बेटी है जो कक्षा पांच में पढ़ रही है। वह कहती हैं इस उम्र में मॉडलिंग करने में परिवार का पूरा सहयोग मिला। मैं कई वर्षों से रनिंग के साथ जुम्बा डांस कर रहीं हूं, इसलिए मुझे आसानी से प्रतियोगिता में शामिल होने का मौका मिल गया। अब मैं समाज को स्वस्थ बनाने के लिए और प्रयास करूंगी, लोगों को जागरूक करूंगी। इतना ही नहीं नीमा पंत का कहना है कि उन्हें समाज की भलाई में बेहद खुशी मिलती है। स्तन कैंसर के प्रति जागरूक कर उन्होंने सैकड़ों महिलाओं को स्व स्तन परीक्षण के बारे में बताया। साथ ही लघु नाटक के जरिए महिलाओं को उनके स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया। अब तक उन्होंने 30 से अधिक बार रक्तदान किया है। साथ ही नीमा पंत कहती हैं कि अगर सही दिशा में प्रयास किया जाए तो सफलता मिलकर ही रहती है। युवाओं को संदेश देते हुए वह कहती हैं कि मॉडल नहीं, रोल मॉडल बनें। सिर्फ अपने लिए ही नहीं, समाज की भलाई के लिए जिम्मेदारी निभाएं।