5 साल की मासूम IG से बोली- मेरे गुल्लक के सारे पैसे ले लो लेकिन मम्मी को इंसाफ दिला दो

मेरठ। यूपी के मेरठ से मंगलवार को एक ऐसा मार्मिक दृश्य देखने को मिला जिसे देख किसी का भी कलेजा पसीज सकता है। दरअसल, कुछ दिनों पूर्व यहां एक विवाहिता ने पति व ससुरालजनों के उत्पीड़न से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी जिसके बाद मृतका के मायके पक्ष के लोगों ने पुलिस के समक्ष न्याय की गुहार लगाई थी लेकिन यहां पुलिस के कान पर जू तक नहीं रेंगी।  जिसके बाद मृतका की पांच वर्षीय बेटी ने अपनी मां को इंसाफ दिलाने की ठानी। हालांकि  मासूम अब भी पुलिस-प्रशासन के चक्कर काट रही है।

हैरान करने वाली बात  है कि न्याय की आश में भटक रही  मासूम के हाथ में एक गुल्लक है जिसमे कुछ सिक्के खनक रहे हैं। यह 5 वर्षीय मासूम अपनी मां को न्याय दिलाने के बदले गुल्लक के सारे पैसे देने को तैयार है। मंगलवार को बिलख रही मासूम ने आईजी से मुलाक़ात कर कहा- ‘मेरे सारे पैसे ले लो लेकिन मेरी मां के हत्यारों को सजा दिला दो अंकल।’

इस दृश से शर्मनाक बात और क्या हो सकती  है कि  एक 5 साल की मासूम को भी सरकारी मशीनरी की कमजोरियों का ज्ञान है। साफ जाहीर है कि  बिना पैसे दिये इस सिस्टम के साथ नहीं लड़ा जा सकता और वो अपनी मां के हत्यारों को सज़ा दिलाने के लिए अपनी पूरी जमा पूंजी रिश्वत के रूप में देने को तैयार है।

दरअसल, मेरठ के गंगानगर आई ब्लॉक के मकान नंबर-323 में रहने वाले शांतिस्वरूप शर्मा की बेटी सीमा कौशिक का विवाह कपसाड़ निवासी संजीव के साथ हुआ था। शादी के बाद दोनों को एक बेटी मानवी हुई, जो इस वक्त 5 साल की है। परिजनों के मुताबिक, अपने पति से विवाद के चलते सीमा अपनी बेटी मानवी के साथ करीब 4 साल से अपने मायके में ही रह रही थी। उसने अपने पति संजीव के खिलाफ कोर्ट में केस किया था। पुलिस की ओर से जब उसके पति और ससुराल वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई, तब उसने 29 अप्रैल 2017 को घर में सुसाइड कर लिया था।

आरोप है कि मरने से 3 दिन पहले वो अपने पति की गिरफ्तारी की मांग को लेकर थाना सरधना पुलिस के पास भी गई थी। वहां उसे दारोगा ने मजाक में कह दिया था- “जाओ फांसी लगा लो, तब जरूर तुम्हारा पति गिरफ्तार हो जाएगा।” सुसाइड के बाद परिजनों ने उसके पति समेत 5 लोगों को नामजद करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। नामजद लोगों में दो संजीव के भाइयों के अलावा पिता-मां शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में आरोपी पति को तो गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन अन्य चार को गिरफ्तार नहीं किया है।