दोस्ती की मिशाल : औरंगजेब की शहादत का बदला लेने सऊदी से लौटे उसके 50 दोस्त

aurangjeb revenge
दोस्ती की मिशाल : औरंगजेब की शहादत का बदला लेने सऊदी से लौटे उसके 50 दोस्त

नई दिल्ली। कश्मीर के पुलवामा से आतंकियों द्वारा अगवा करके मौत के घाट उतारे गए औरंगजेब उसकी शहादत का बदला लेंगे। यही वजह है कि उसके पचास दोस्त सऊदी अरब में अच्छी नौकरी छोड़कर लौट आए है। अब उनका सिर्फ एक ही मकशत हैं, सेना में भर्ती होना और फिर घाटी से आतंकियों का सफाया करके दोस्त की मौत का बदला लेना।

50 Freinds Of Aurangjeb Return From Saudi To Take Avenge His Murder From Terrerist :

बता दें कि खाड़ी देशो से लौटने वाले सभी पचास युवक औरंगजेब के गांव सलानी के ही रहने वाले हैं, जो वहां से अच्छी-खासी तनख्वाह वाली नौकरियां छोड़कर लौटे हैं। औरंगजेब के दोस्त मोहम्मद किरामत और मोहम्मद ताज ने मीडिया से बात करते हुए बताया उन्हे जैसे ही औरंगजेब की शहादत का पता चला तो वो यहां आने की तैयारी में जुट गए, लेकिन सऊदी में अचानक नौकरी छोड़ने की इजाजत नही है, जिसके चलते उन्हे लौटते में इतना वक्त लग गया। उन लोगों ने कहा कि अब हमारा एक ही मकसद है औरंगजेब की शहादत का बदला।”

सेना में नौकरी कर रहे औरंगजेब के भाई मोहम्मद कासिम ने कहा कि उनके भाई की मौत के लिए आतंकियों से ज्यादा उन्हें घाटी में हिंसा करने का निर्देश देने वाले उनके आका जिम्मेदार हैं। बता दें कि औरंगजेब को आतंकियों ने 14 जून को अगवा किया था और उसकी रात उसके कई गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दी थी। आतंकियों ने उसका वीडियो भी बनाया था। 2014 में आतंकियों ने औरंगजेब के चाचा को अगवा कर उनकी हत्या कर दी थी। पुंछ में औरंगजेब के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग मौजूद थे।

नई दिल्ली। कश्मीर के पुलवामा से आतंकियों द्वारा अगवा करके मौत के घाट उतारे गए औरंगजेब उसकी शहादत का बदला लेंगे। यही वजह है कि उसके पचास दोस्त सऊदी अरब में अच्छी नौकरी छोड़कर लौट आए है। अब उनका सिर्फ एक ही मकशत हैं, सेना में भर्ती होना और फिर घाटी से आतंकियों का सफाया करके दोस्त की मौत का बदला लेना।बता दें कि खाड़ी देशो से लौटने वाले सभी पचास युवक औरंगजेब के गांव सलानी के ही रहने वाले हैं, जो वहां से अच्छी-खासी तनख्वाह वाली नौकरियां छोड़कर लौटे हैं। औरंगजेब के दोस्त मोहम्मद किरामत और मोहम्मद ताज ने मीडिया से बात करते हुए बताया उन्हे जैसे ही औरंगजेब की शहादत का पता चला तो वो यहां आने की तैयारी में जुट गए, लेकिन सऊदी में अचानक नौकरी छोड़ने की इजाजत नही है, जिसके चलते उन्हे लौटते में इतना वक्त लग गया। उन लोगों ने कहा कि अब हमारा एक ही मकसद है औरंगजेब की शहादत का बदला।”सेना में नौकरी कर रहे औरंगजेब के भाई मोहम्मद कासिम ने कहा कि उनके भाई की मौत के लिए आतंकियों से ज्यादा उन्हें घाटी में हिंसा करने का निर्देश देने वाले उनके आका जिम्मेदार हैं। बता दें कि औरंगजेब को आतंकियों ने 14 जून को अगवा किया था और उसकी रात उसके कई गोलियां मारकर मौत की नींद सुला दी थी। आतंकियों ने उसका वीडियो भी बनाया था। 2014 में आतंकियों ने औरंगजेब के चाचा को अगवा कर उनकी हत्या कर दी थी। पुंछ में औरंगजेब के सुपुर्द-ए-खाक के दौरान अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग मौजूद थे।