पीएम केअर्स फंड से बनेंगे 50 हजार वेंटिलेटर, 2000 करोड़ जारी

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नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए बनाए गए पीएम केअर्स फंड से 2000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. मंगलवार को सरकार के द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इन 2000 करोड़ रुपये से 50 हजार मेड इन इंडिया वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में होगा. पीएम केअर्स की ओर से इसके अलावा 1000 करोड़ रुपये प्रवासी मज़दूरों के लिए भी जारी किए गए हैं.

50 Thousand Ventilators To Be Made From Pm Cares Fund 2000 Crore Released :

कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में इन 50 हजार वेंटिलेटर्स को केंद्र शासित प्रदेश और राज्य सरकारों के सरकारी अस्पतालों को दिया जाएगा, जहां पर कोरोना वायरस मरीज़ों का इलाज जारी है.

पीएमओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इनमें से 30 हजार वेंटिलेटर का निर्माण भारत इलेक्ट्रोनिक्स के द्वारा किया जाएगा. जबकि बाकी 20 हजार वेंटिलेटर्स को एग्वा हेल्थकेअर्स, AMTZ बेसिक समेत अन्य देसी कंपनियां बनाएंगी.

इन 50 हजार में से अबतक 2923 वेंटिलेटर को बना लिया गया है, जिसमें से 1340 को राज्यों को दिया भी जा चुका है. अभी तक महाराष्ट्र को 275, दिल्ली को 275, गुजरात को 175, बिहार को 100, कर्नाटक को 90 और राजस्थान को 75 वेंटिलेटर दिए जा चुके हैं, जून के अंत तक और 14 हजार वेंटिलेटर राज्यों को दिए जाएंगे.

आपको बता दें कि पीएम केअर्स को लेकर लगातार कांग्रेस पार्टी समेत विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए गए हैं. विपक्ष इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करता रहा है, जबकि इसके जरिए पैसा गरीबों को देने की बात कर रहा है. पीएम केअर्स को लेकर RTI भी दायर की गई थी, हालांकि इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. लेकिन बाद में केंद्र सरकार की ओर से खुद ही इसकी जानकारी दी गई कि पीएम केअर्स का स्वतंत्र ऑडिट किया जाएगा.

नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए बनाए गए पीएम केअर्स फंड से 2000 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है. मंगलवार को सरकार के द्वारा जारी बयान में बताया गया है कि इन 2000 करोड़ रुपये से 50 हजार मेड इन इंडिया वेंटिलेटर खरीदे जाएंगे, जिनका इस्तेमाल कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में होगा. पीएम केअर्स की ओर से इसके अलावा 1000 करोड़ रुपये प्रवासी मज़दूरों के लिए भी जारी किए गए हैं. कोरोना वायरस के खिलाफ जारी लड़ाई में इन 50 हजार वेंटिलेटर्स को केंद्र शासित प्रदेश और राज्य सरकारों के सरकारी अस्पतालों को दिया जाएगा, जहां पर कोरोना वायरस मरीज़ों का इलाज जारी है. पीएमओ की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि इनमें से 30 हजार वेंटिलेटर का निर्माण भारत इलेक्ट्रोनिक्स के द्वारा किया जाएगा. जबकि बाकी 20 हजार वेंटिलेटर्स को एग्वा हेल्थकेअर्स, AMTZ बेसिक समेत अन्य देसी कंपनियां बनाएंगी. इन 50 हजार में से अबतक 2923 वेंटिलेटर को बना लिया गया है, जिसमें से 1340 को राज्यों को दिया भी जा चुका है. अभी तक महाराष्ट्र को 275, दिल्ली को 275, गुजरात को 175, बिहार को 100, कर्नाटक को 90 और राजस्थान को 75 वेंटिलेटर दिए जा चुके हैं, जून के अंत तक और 14 हजार वेंटिलेटर राज्यों को दिए जाएंगे. आपको बता दें कि पीएम केअर्स को लेकर लगातार कांग्रेस पार्टी समेत विपक्ष की ओर से सवाल खड़े किए गए हैं. विपक्ष इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग करता रहा है, जबकि इसके जरिए पैसा गरीबों को देने की बात कर रहा है. पीएम केअर्स को लेकर RTI भी दायर की गई थी, हालांकि इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई. लेकिन बाद में केंद्र सरकार की ओर से खुद ही इसकी जानकारी दी गई कि पीएम केअर्स का स्वतंत्र ऑडिट किया जाएगा.