सरकारी बैंकों में हड़ताल आज, इन बातों का रखें ध्‍यान तो नहीं होगी परेशानी

22 अगस्‍त को सरकारी बैंकों के लगभग 10 लाख क्‍लर्क और अधिकारी हड़ताल पर हैं. बैंक कर्मचारी यूनियनों के संगठन यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकिंग यूनियन्स (UFBU) ने इस देशव्यापी हड़ताल का फैसला किया है. हड़ताल से बैंक ब्रांचों में कैश ट्रांजैक्‍शन और चेक क्‍लीयरिंग जैसे फाइनेंशियल सर्विसेज तो प्रभावित होंगे, लेकिन इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग सर्विसेज, पीओएस मशीनों और एटीएम आदि के कारण कस्‍टमर पर ये असर सीमित ही होंगे

आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस और कोटक महिंद्रा बैंक जैसे प्राइवेट बैंकों में कामकाज सामान्य रहने की उम्‍मीद है. हालांकि इन बैंकों में भी चेक क्‍लीयरिंग में देरी हो सकती है. चूंकि महानगरों के साथ ही दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में भी प्राइवेट बैंकों का ऑपरेशन मजबूत होता जा रहा है. ऐसे में उम्‍मीद है कि कस्‍टमर को अधिक मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ेगा.

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हड़ताल का सीधा असर बैंकों की ब्रांचों पर होगा. जबकि यह डिजिटल ट्रांजैक्‍शन का जमाना है. खासकर नोटबंदी के कारण डिजिटल ट्रांजैक्‍शन में अच्‍छा इजाफा हुआ है. आरबीआई द्वारा जारी प्रोविजनल डाटा के अनुसार, जुलाई, 2017 में डिजिटल ट्रांजैक्‍शन की संख्‍या बढ़कर 85.92 करोड़ हो गई. जुलाई में इसमें हालांकि 2 फीसदी का इजाफा हुआ.

एसोसिएशन की मांगें
एसोसिएशन की खास मांगों में बैंक चार्ज में वृद्धि की वापसी, एनपीए की सख्ती से वसूली नहीं करना, संसदीय समितियों की अनुशंसाओं को लागू करना, एफआरडीआई बिल वापस लेना, सभी संवर्गों में समुचित भर्ती, बोर्ड-ब्यूरो को खत्म करना, बड़े बकायेदारों को अपराधी घोषित करना और जीएसटी का बोझ ग्राहकों पर नहीं डालना आदि हैं. UFBU ने बैंकों के डूबते कर्ज (NPA) के बढ़ते आंकड़ों पर भी चिंता जताई और कहा कि सरकारी बैंकों का करीब 6.83 करोड़ रुपये NPA घोषित हो चुका है, जो बैंकिंग सेक्टर के लिए चिंता का विषय है.

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ऐसे बचे परेशानी से
हड़ताल का असर बैंक ब्रांचों में कैश ट्रांजैक्‍शन और चेक क्‍लीयरिंग जैसे फाइनेंशियल सर्विसेज पर दिखेगा, लेकिन इंटरनेट, मोबाइल बैंकिंग सर्विसेज, पीओएस मशीनों और एटीएम आदि के कारण कस्‍टमर पर ये असर सीमित ही होंगे. इसलिए कस्‍टमर इन सुविधाओं का उपयोग करके परेशानी से बच सकते हैं.