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6255 करोड़ की परियोजनाओं की मंजूरी का मामला: ईएसआईसी के पूर्व डीजी पर CBI ने दर्ज की FIR

6255 Crore Projects Approval Case Cbi Registers Fir On Former Dg Of Esic

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पूर्व डीजी पीसी चतुर्वेदी पर सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सीबीआई ने सीवीसी की गाइड लाइंस की अवहेलना कर कर्मचारी राज्य बीमा निगम द्वारा 6255 करोड़ रुपये के 14 चिकित्सा कॉलेजों का काम एजेंसियों को आवंटित करने के मामले में मुकदमा दर्ज किया है।

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सीबीआई का आरोप है कि कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) के पूर्व महानिदेशक पीसी चतुर्वेदी ने साजिश के तहत 2007 से 2009 के बीच 14 मेडिकल कालेजों की परियोजनाओं को मंजूरी दी थी। वहीं, इस दौरान केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के नियमों को दरकिनार कर दिया गया था।

सीबीआई के मुताबिक, ईएसआईसी अधिनियम के मुताबिक पीसी चतुर्वेदी को मेडिकल कालेज के निर्माण को मंजूरी देने का अधिकार नहीं था। नियमों के मुताबिक, पीसी चतुर्वेदी सिर्फ 25 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दे सकते थे। बावजूद इसके उन्होंने नियमों को किनारे करके काम किया।

इनके खिलाफ दर्ज हुई FIR
पीसी चतुर्वेदी के अलावा तत्कालीन वित्त आयुक्त राजीव दीक्षित, मुख्य अभियंता पी आर रॉय, निदेशक (वित्त) ए के सिन्हा, कार्यकारी अभियंता राजीव कुमार, संयुक्त निदेशक वी सुब्रमण्यन, सलाहकार जे सरूप और हिंदुस्तान लेटेक्स लिमिटेड के सलाहकार डी कुमार को संदिग्ध के तौर पर नामजद किया गया है।

इन्हें आवंटित की गईं परियोजना
जांच में आया कि 2007 से 2009 के बीच ईएसआईसी ने नोएडा के डिजाइन असोसिएट्स को करीब 3755 करोड़ की 20 परियोजनाएं आवंटित की थी। इसके साथ ही लखनऊ के स्काईलाइन आर्किटेक्ट को 2158 करोड़ की पांच और मुकेश असोसिएट्स को 1528 करोड़ की आठ परियोजनाएं आवंटित की गयीं थीं।

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निजी वास्तुकार सलाहकारों के चयन में अनदेखी
इन पर आरोप लगा है कि उस दौरान निजी वास्तुकार सलाहकारों के चयन के समय अनदेखी की गयी थी। सीबीआई ने जांच में पाया कि पूर्व महानिदेशक नामांकन के आधार पर निर्माण एजेंसियों के जरिए चिकित्सा उपकरण खरीदे और सीवीसी के ​नियमों की अनदेखी की। इसके साथ ही 789 करोड़ की धनराशि मंजूर की। इसके साथ ही पीआर राय की नियुक्ति बिना विज्ञापन और यूपीएससी परामर्श के बिना की गयी थी।

 

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