सीएम योगी के दावों के बाद भी गोशालाओं की हालत खस्ताहाल, पिछले 3 दिनों में 73 पशुओं की मौत!

up gaushala
सीएम योगी के दावों के बाद भी गोशालाओं की हालत खस्ताहाल, पिछले 3 दिनों में 73 पशुओं की मौत!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोशालाओं को लेकर तमाम दावे कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यूपी में जगह—जगह खुलवाई गई अस्थायी गोशालाओं में दुर्व्यवस्था और बीमारी की चपेट में आकर मवेशियों की मौत हो रही है। लेकिन सरकार सिर्फ दावों में मशगूल है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले दिन दिनों में 73 पशुओं की मौत हुई है। इसमें सबसे अधिक जौनपुर में 40 पशुओं की मौत हुई है। इसमें सबसे ज्यादा गाय हैं।

73 Cattle Deaths In Three Days In Up Goshalas :

जौनपुर के डोभी क्षेत्र के उमरी गांव की अस्थाई गोशाला में 143 पशु रखे गए थे। गोशालय में बढ़ती दुर्व्यवस्था और बीमारी के कारण तीन दिन के अंदर यहां 24 पशु मर चुके हैं। इसके अलावा करंजाकला क्षेत्र के जगदीशपुर अकबर गांव में चार, मड़ियाहूं में एक, सतहरिया में चार पशुओं की मौत हो चुकी है और पांच बीमार हैं। प्रशासन 25 पशुओं की मौत की बात को स्वीकार कर रहा है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि मृत पशुओं की संख्या 40 से अधिक है।

इसके साथ ही आजमगढ़ के किशनपुर गोवंश आश्रय स्थल में पशुओं के ऊपर झोपड़ी गिर गई, जिसमें आठ पशुओं की दबकर मौत हो गयी। वहीं दर्जनभर घायल हो गए। शुक्रवार को इनमें से पांच और शनिवार को भी सात मवेशियों ने दम तोड़ दिया। तीन दिन में कुल 20 पशुओं की मौत हो चुकी है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि यहां सिर्फ 25 पशुओं को रखने की जगह है लेकिन यहां पर 150 पशु हैं। ऐसी स्थिति में और पशुओं को यहां नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि, इसके अलावा मिर्जापुर के टांडा में पांच, वाराणसी, गाजीपुर में दो—दो और बलिया, मऊ, भदोही, चंदौली में एक-एक मवेशी की मौत हो चुकी है।

पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं
सीएम योगी के आदेश के बाद भी गोशालाओं में पशुओं को खाने के लिए चारे तक नहीं मिल रहे हैं। यह हाल एक नहीं ज्यादातर गोशालाओं का हैं। कई पशु तो भूख से तम तोड़ दे रहे हैं, जबकि कई पशु वहां फैली दुर्व्यवस्था और बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके अधिकारी गोशालाओं में सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं।

अधिकारी नहीं ले रहे हैं रूचि
गोशालाओं में पशुओं की देख रेख के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कई निर्देश ​दे चुके हैं। लेकिन सीएम के निर्देश का संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण गोशालाओं में दुर्व्यवस्था और बीमारी फैल रही है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोशालाओं को लेकर तमाम दावे कर रहे हैं लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। यूपी में जगह—जगह खुलवाई गई अस्थायी गोशालाओं में दुर्व्यवस्था और बीमारी की चपेट में आकर मवेशियों की मौत हो रही है। लेकिन सरकार सिर्फ दावों में मशगूल है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में पिछले दिन दिनों में 73 पशुओं की मौत हुई है। इसमें सबसे अधिक जौनपुर में 40 पशुओं की मौत हुई है। इसमें सबसे ज्यादा गाय हैं। जौनपुर के डोभी क्षेत्र के उमरी गांव की अस्थाई गोशाला में 143 पशु रखे गए थे। गोशालय में बढ़ती दुर्व्यवस्था और बीमारी के कारण तीन दिन के अंदर यहां 24 पशु मर चुके हैं। इसके अलावा करंजाकला क्षेत्र के जगदीशपुर अकबर गांव में चार, मड़ियाहूं में एक, सतहरिया में चार पशुओं की मौत हो चुकी है और पांच बीमार हैं। प्रशासन 25 पशुओं की मौत की बात को स्वीकार कर रहा है, जबकि ग्रामीणों का दावा है कि मृत पशुओं की संख्या 40 से अधिक है। इसके साथ ही आजमगढ़ के किशनपुर गोवंश आश्रय स्थल में पशुओं के ऊपर झोपड़ी गिर गई, जिसमें आठ पशुओं की दबकर मौत हो गयी। वहीं दर्जनभर घायल हो गए। शुक्रवार को इनमें से पांच और शनिवार को भी सात मवेशियों ने दम तोड़ दिया। तीन दिन में कुल 20 पशुओं की मौत हो चुकी है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि यहां सिर्फ 25 पशुओं को रखने की जगह है लेकिन यहां पर 150 पशु हैं। ऐसी स्थिति में और पशुओं को यहां नहीं रखा जा सकता है। बता दें कि, इसके अलावा मिर्जापुर के टांडा में पांच, वाराणसी, गाजीपुर में दो—दो और बलिया, मऊ, भदोही, चंदौली में एक-एक मवेशी की मौत हो चुकी है। पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था नहीं सीएम योगी के आदेश के बाद भी गोशालाओं में पशुओं को खाने के लिए चारे तक नहीं मिल रहे हैं। यह हाल एक नहीं ज्यादातर गोशालाओं का हैं। कई पशु तो भूख से तम तोड़ दे रहे हैं, जबकि कई पशु वहां फैली दुर्व्यवस्था और बीमारी के शिकार हो रहे हैं। बावजूद इसके अधिकारी गोशालाओं में सब कुछ ठीक होने का दावा कर रहे हैं। अधिकारी नहीं ले रहे हैं रूचि गोशालाओं में पशुओं की देख रेख के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ कई निर्देश ​दे चुके हैं। लेकिन सीएम के निर्देश का संबंधित अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिसके कारण गोशालाओं में दुर्व्यवस्था और बीमारी फैल रही है।