73 वर्ष पूर्व स्वतंत्रता दिवस के दिन नहीं हुआ था ये काम, जाने क्या है वो खास बातें

15 अगस्त
73 वर्ष पूर्व स्वतंत्रता दिवस के दिन नहीं हुआ था ये काम, जाने क्या है वो खास बातें

लखनऊ। आज से ठीक 73 वर्ष पूर्व, हमे आज के दिन यानि 15 अगस्त को आजादी मिली थी। देश की आजादी के संघर्ष की गाथा बहुत बड़ी है और इसका वर्णन जितना किया जाए कम ही होगा। हर भारतीय के लिए 15 अगस्त का दिन बेहद खास होता है। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए जो योगदान दिया वो कभी भूलाया नहीं जा सकता। स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के कारण ही आज हम आजाद हैं। स्वतंत्रता दिवस न केवल ब्रिटिश राज से भारत की आजादी को दर्शाता है, बल्कि यह इस देश की शक्ति को भी दिखाता है।

73 Years Ago This Work Was Not Done On Independence Day What Are Those Special Things :

आज हम आज़ाद है जिसके पीछे की वजह है हमारे देश को वो वीर सपूत जिन्होंने हस्ते-हस्ते इस देश के लिए अपनी जान गंवा दी। हम उनका जितना शुक्रिया करें कम ही होगा। आज हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है। देश तेजी से तकनीक, शिक्षा, खेल, वित्त, और कई दूसरे क्षेत्रों में विकास कर रहा है जोकि बिना आजादी के संभव नहीं था।

आज हम 15 अगस्त से जुड़ी कुछ खास बातों का ज़िक्र करेंगे जिसके बारें में शायद आपको नहीं मालूम …. बता दें कि भारत की आजादी के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हुए थे. जब भारत को आजादी मिली थी तब महात्मा गांधी बंगाल के नोआखली में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे।

आजादी के के दौरान भारत के पास कोई राष्ट्रगान नहीं था। जिसके बाद साल 1911 में रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे जन गण मन को अधिकारिक तौर पर राष्ट्रगान के रूप में साल 1950 में अपनाया गया।

इसके अलावा जैसा कि हम सब जानते हैं कि हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 15 अगस्त को नहीं बल्कि 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था। देश की आज़ादी याद करते हुए कुछ पंक्तियां याद आ रही है जो ये है….

गूँज रहा है,दुनिया में भारत का नगाडा,
चमक रहा है,आसमान में देश का सितारा,
आज़ादी के दिन आओ मिलके करें दुआ यही,
की बुलंदीयों पर लहराता रहे तिरंगा हमारा।

जय हिन्द! वन्दे मातरम!

लखनऊ। आज से ठीक 73 वर्ष पूर्व, हमे आज के दिन यानि 15 अगस्त को आजादी मिली थी। देश की आजादी के संघर्ष की गाथा बहुत बड़ी है और इसका वर्णन जितना किया जाए कम ही होगा। हर भारतीय के लिए 15 अगस्त का दिन बेहद खास होता है। स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए जो योगदान दिया वो कभी भूलाया नहीं जा सकता। स्वतंत्रता सेनानियों के प्रयासों के कारण ही आज हम आजाद हैं। स्वतंत्रता दिवस न केवल ब्रिटिश राज से भारत की आजादी को दर्शाता है, बल्कि यह इस देश की शक्ति को भी दिखाता है। आज हम आज़ाद है जिसके पीछे की वजह है हमारे देश को वो वीर सपूत जिन्होंने हस्ते-हस्ते इस देश के लिए अपनी जान गंवा दी। हम उनका जितना शुक्रिया करें कम ही होगा। आज हमारा देश तेजी से विकास कर रहा है। देश तेजी से तकनीक, शिक्षा, खेल, वित्त, और कई दूसरे क्षेत्रों में विकास कर रहा है जोकि बिना आजादी के संभव नहीं था। आज हम 15 अगस्त से जुड़ी कुछ खास बातों का ज़िक्र करेंगे जिसके बारें में शायद आपको नहीं मालूम .... बता दें कि भारत की आजादी के जश्न में महात्मा गांधी शामिल नहीं हुए थे. जब भारत को आजादी मिली थी तब महात्मा गांधी बंगाल के नोआखली में हिंदुओं और मुस्लिमों के बीच हो रही सांप्रदायिक हिंसा को रोकने के लिए अनशन कर रहे थे। आजादी के के दौरान भारत के पास कोई राष्ट्रगान नहीं था। जिसके बाद साल 1911 में रविंद्रनाथ टैगोर द्वारा लिखे जन गण मन को अधिकारिक तौर पर राष्ट्रगान के रूप में साल 1950 में अपनाया गया। इसके अलावा जैसा कि हम सब जानते हैं कि हर साल 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा फहराते हैं, लेकिन 15 अगस्त 1947 को ऐसा नहीं हुआ था। लोकसभा सचिवालय के एक शोध पत्र के मुताबिक नेहरू ने 15 अगस्त को नहीं बल्कि 16 अगस्त, 1947 को लाल किले से झंडा फहराया था। देश की आज़ादी याद करते हुए कुछ पंक्तियां याद आ रही है जो ये है.... गूँज रहा है,दुनिया में भारत का नगाडा, चमक रहा है,आसमान में देश का सितारा, आज़ादी के दिन आओ मिलके करें दुआ यही, की बुलंदीयों पर लहराता रहे तिरंगा हमारा। जय हिन्द! वन्दे मातरम!