74 संगीन आपराधिक मामलों के रिकार्ड गायब, सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से मांगा जवाब

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश में हत्या जैसे कई संगीन मामलों की 74 फाइलें गायब होने के मामले ने सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार को फटकार लगाते हुए जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए यूपी सरकार से पूरा ब्योरा मांगा है। इस मामले में सीबीआई को पक्षकार बनाया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो इस मामले में जिम्मेदार अधिकारियों को सस्पेंड भी किया जाएगा।

जस्टिस अरुण मिश्रा की बेंच ने 74 आपराधिक मामलों के रिकार्ड गायब होने को बेहद गंभीर बताया है। कोर्ट ने जानना चाहा कि आखिरी बार यह फाइलें किन-किन अधिकारियों के पास थीं। सरकार को एक-एक मामले का रिकार्ड बताने के लिए कहा गया है। यह रिकार्ड इलाहाबाद हाईकोर्ट में लंबित अपील के दौरान गायब हुआ था।

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यूपी सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि गायब रिकॉर्ड वाले केस 1981-1991 के बीच के हैं। इस दौरान केसों की संख्या 74 से 162 तक हो सकती है। सरकार ने ये भी कहा कि कुछ मामलों में अभी सुनवाई चल रही है। इनमें से कुछ के रिकॉर्ड गायब होने के चलते आरोपी बरी हो चुके हैं।

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