इस राज्य में प्राइवेट नौकरियों में मिलेगा 75 फीसदी युवाओं को आरक्षण, डिप्टी सीएम ने पेश किया मसौदा

jobs

चंडीगढ़। हरियाण सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यह कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राज्य ​मंत्रिमंडल के समक्ष एक अहम मसौदा पेश किया। इस मसौदे में हरियाणा के युवाओं के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया।

75 Youth Will Get Reservation In Private Jobs In This State Deputy Cm Presented Draft :

बता दें कि, कोरोना से लड़ाई के बीच हरियाणा सरकार आत्मनिर्भर बनने का खाका खींच लिया है। नए उद्योगों की स्थापना और आत्मनिर्भर भारत अभियान का फायदा उठाने की पूरी तैयारी है। केंद्र सरकार के चार लाख करोड़ के पैकेज में से आत्मनिर्भर हरियाणा के लिए 20 हजार करोड़ लाने की योजना है।

इसके तहत एमएसएमई को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में चार नए उद्योगों की स्थापना करके 11 से 15 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। दुष्यंत ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर उद्योग विभाग का एक-एक अधिकारी तैनात किया है, जो नई यूनिट लगाने वालों को बैंकों से लोन दिलाने में मदद करेगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के साथ एफपीओ को जोड़ा जा रहा है। इस साल एमएसएमई की तरफ उद्यमियों का रुझान दिख रहा है।

चंडीगढ़। हरियाण सरकार ने आज कैबिनेट बैठक की। मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में यह कैबिनेट बैठक हुई। कैबिनेट बैठक में डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने राज्य ​मंत्रिमंडल के समक्ष एक अहम मसौदा पेश किया। इस मसौदे में हरियाणा के युवाओं के लिए निजी क्षेत्र की नौकरियों में 75 प्रतिशत आरक्षण का प्रस्ताव रखा गया। बता दें कि, कोरोना से लड़ाई के बीच हरियाणा सरकार आत्मनिर्भर बनने का खाका खींच लिया है। नए उद्योगों की स्थापना और आत्मनिर्भर भारत अभियान का फायदा उठाने की पूरी तैयारी है। केंद्र सरकार के चार लाख करोड़ के पैकेज में से आत्मनिर्भर हरियाणा के लिए 20 हजार करोड़ लाने की योजना है। इसके तहत एमएसएमई को बढ़ावा दिया जाएगा। पहले चरण में चार नए उद्योगों की स्थापना करके 11 से 15 हजार युवाओं को रोजगार मुहैया कराया जाएगा। दुष्यंत ने कहा कि एमएसएमई को बढ़ावा देने के लिए जिला स्तर पर उद्योग विभाग का एक-एक अधिकारी तैनात किया है, जो नई यूनिट लगाने वालों को बैंकों से लोन दिलाने में मदद करेगा। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के साथ एफपीओ को जोड़ा जा रहा है। इस साल एमएसएमई की तरफ उद्यमियों का रुझान दिख रहा है।