3 माह में बरामद हुईं 760 लाशें, सिर्फ 61 की ही शिनाख्त, लखनऊ और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा शव मिले

dead body
3 माह में बरामद हुए 760 लाशें, सिर्फ 61 की ही शिनाख्त, लखनऊ और गाजियाबाद में सबसे ज्यादा शव मिले

लखनऊ। तीन महीने के अंदर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 760 लाशें बरामद हुईं। इनमें 699 शवों की शिनाख्त तक नहीं हो पाई, जिसके कारण इनके वारिस भी नहीं मिले। शवों की शिनाख्त के लिए न तो पुलिस के पास कोई ठोस रणनीति है और न प्रशासन इसको लेकर कोई योजना बना रही है। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते इन शवों के साथ इनका राज भी दफन हो जाता है। ऐसे में इन शवों के वारिश उनके घर पहुंचने के लिए आज भी राह तक रहे होंगे।

760 Bodies Recovered In 3 Months Identified Only In 61 Found Most Bodies In Lucknow And Ghaziabad :

राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की माने तो प्रदेश में जनवरी से मार्च तक 760 लाशें बरामद हुई हैं। इनमें 608 पुरुष और 152 शव महिलाओं के थे। इनमें से करीब 699 शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, जबकि 61 शवों की ​शिनाख्त हुई है। इनमें 47 पुरूष और 14 महिलाओं के शव थे। सबसे ज्यादा शव 65 शव गाजियाबाद ​में मिले। इनमें 57 पुरुष और 8 महिलाओं की लाशें थीं। सात पुरूष और एक महिला के शव की शिनाख्त हुई है, जबकि 39 लाशों का वारिश पुलिस खोज नहीं पाई।

वहीं लखनऊ में 64 लाशें बरामद हुईं। इनमें 49 पुरूष और 15 महिलाओं के शव थे। इनमें सिर्फ एक पुरूष की शिनाख्त हुई, जबकि 64 शवों के वारिश नहीं मिले, जिसके कारण उनका ऐसे ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीआईजी कानून—व्यवस्था विजय भूषण ने बतातें हैं कि अज्ञात शवों के शिनाख्त की पुलिस पूरी कोशिश करती है। शिनाख्त नहीं होने पर उनका डीएनए सैंपल रखा जाता है। अगर कोई क्लेम करता है तो डीएनए मिलान फॉरेंसिक लैब से मिलाया जाता है। इसके साथ ही अज्ञात शवों का पोस्टमार्टम कराया जाता है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाती है।

रेलवे लाइन पर सबसे ज्यादा मिलते हैं शव
रेलवे लाइन, प्लेटफार्म और ट्रेनों में सबसे अधिक लाशें बरामद होती हैं। इनमें से कई आपसी विवाद, ट्रेन से गिरना, धक्का देना और जहर खुरानी के शिकार हुए लोगों के शव होते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच की खानापूर्ति करती है। हालांकि शवों की शिनाख्त नहीं होने के कारण पुलिस भी इन मामलों में शुरू से ही लापरवाही शुरू कर देती है।

रेलवे के इलाहाबाद सेक्टर में मिलीं सबसे अधिक लाशें
रेलवे के कुछ छह सेक्टर में इलाहाबाद सेक्टर में सबसे अधिक 66 लाशें बरामद की गई हैं। वहीं लखनऊ सेक्टर में 60, आगरा में 52, गोरखपुर में 51 लाशें मिलीं हैं। वहीं इनमें केवल 27 शवों की ही शिनाख्त हो सकी है।

लखनऊ। तीन महीने के अंदर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में 760 लाशें बरामद हुईं। इनमें 699 शवों की शिनाख्त तक नहीं हो पाई, जिसके कारण इनके वारिस भी नहीं मिले। शवों की शिनाख्त के लिए न तो पुलिस के पास कोई ठोस रणनीति है और न प्रशासन इसको लेकर कोई योजना बना रही है। पुलिस और प्रशासन की लापरवाही के चलते इन शवों के साथ इनका राज भी दफन हो जाता है। ऐसे में इन शवों के वारिश उनके घर पहुंचने के लिए आज भी राह तक रहे होंगे। राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों की माने तो प्रदेश में जनवरी से मार्च तक 760 लाशें बरामद हुई हैं। इनमें 608 पुरुष और 152 शव महिलाओं के थे। इनमें से करीब 699 शवों की शिनाख्त नहीं हो पाई है, जबकि 61 शवों की ​शिनाख्त हुई है। इनमें 47 पुरूष और 14 महिलाओं के शव थे। सबसे ज्यादा शव 65 शव गाजियाबाद ​में मिले। इनमें 57 पुरुष और 8 महिलाओं की लाशें थीं। सात पुरूष और एक महिला के शव की शिनाख्त हुई है, जबकि 39 लाशों का वारिश पुलिस खोज नहीं पाई। वहीं लखनऊ में 64 लाशें बरामद हुईं। इनमें 49 पुरूष और 15 महिलाओं के शव थे। इनमें सिर्फ एक पुरूष की शिनाख्त हुई, जबकि 64 शवों के वारिश नहीं मिले, जिसके कारण उनका ऐसे ही अंतिम संस्कार कर दिया गया। डीआईजी कानून—व्यवस्था विजय भूषण ने बतातें हैं कि अज्ञात शवों के शिनाख्त की पुलिस पूरी कोशिश करती है। शिनाख्त नहीं होने पर उनका डीएनए सैंपल रखा जाता है। अगर कोई क्लेम करता है तो डीएनए मिलान फॉरेंसिक लैब से मिलाया जाता है। इसके साथ ही अज्ञात शवों का पोस्टमार्टम कराया जाता है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई भी की जाती है। रेलवे लाइन पर सबसे ज्यादा मिलते हैं शव रेलवे लाइन, प्लेटफार्म और ट्रेनों में सबसे अधिक लाशें बरामद होती हैं। इनमें से कई आपसी विवाद, ट्रेन से गिरना, धक्का देना और जहर खुरानी के शिकार हुए लोगों के शव होते हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच की खानापूर्ति करती है। हालांकि शवों की शिनाख्त नहीं होने के कारण पुलिस भी इन मामलों में शुरू से ही लापरवाही शुरू कर देती है। रेलवे के इलाहाबाद सेक्टर में मिलीं सबसे अधिक लाशें रेलवे के कुछ छह सेक्टर में इलाहाबाद सेक्टर में सबसे अधिक 66 लाशें बरामद की गई हैं। वहीं लखनऊ सेक्टर में 60, आगरा में 52, गोरखपुर में 51 लाशें मिलीं हैं। वहीं इनमें केवल 27 शवों की ही शिनाख्त हो सकी है।