भोपाल: बच्ची से दुष्कर्म और हत्या का आरोपी खंडवा से गिरफ्तार, पीड़ित परिवार को मुआवज़ा

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नई दिल्ली। भोपाल में दो दिन पहले 9 साल की बच्ची से रेप और हत्या का आरोपी पकड़ा गया है। आरोपी का नाम विष्णु है। विष्णु मूलत: खंडवा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद वह भाग गया था। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पीड़ित परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

9 Year Old Girl Was Raped Then Murdered By Police Even Inhumanity Of The Family :

एएसपी अखिल पटेल ने भी आरोपी की गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस 48 घंटे के अंदर चालान पेश कर देगी। ताकि एक महीने के अंदर आरोपी को सज़़ा दिलाने का रास्ता साफ हो सके। पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगी ताकि मामले की जल्द सुनवाई कर फैसला हो सके। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। भोपाल के नेहरू नगर में रहने वाली बच्ची शनिवार से लापता थी। रविवार सुबह पास की बस्ती के नाले में उसकी लाश मिली थी।

क्या है पूरा मामला: बच्ची शनिवार रात करीब 8.00 बजे लापता हुई थी और रविवार तड़के घर के पास एक नाले में उसका शव मिला। बच्ची के चेहरे पर ब्लेड के निशान थे। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का भी अमानवीय चेहरा सामने आया है। बच्ची के पिता रात 9:30 बजे कमला नगर थाने पहुंचे थे।

वहां मौजूद एएसआई देव सिंह ने उनकी मदद करना तो दूर, गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। एएसआई देव सिंह इन सभी पुलिसकर्मियों के साथ रात करीब 10:30 बजे बच्ची के घर पहुंचे। कुछ देर रुके और बिना सर्चिंग किए वापस आ गए। इस दौरान सिपाही रूप सिंह ने बच्ची के पिता से कहा कि वह किसी के साथ भाग गई होगी।

लापरवाही में सात पुलिसकर्मी निलंबित: रात करीब 11.30 बजे स्थानीय पार्षद और कुछ अन्य लोगों ने वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी, तब पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची की तलाश में जुटी। सुबह करीब 5.15 बजे परिजनों ने बच्ची का शव उनके घर के पास नाले में मिला। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की गला घोंटकर हत्या की गई। लापरवाही बरतने वाले एएसआई सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया।

किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बच्ची को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। – कमलनाथ, मुख्यमंत्री

कब तक जिंदा रहेंगे ये दरिंदे: पिछली सरकार ने 4 दिसंबर 2017 में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को फांसी की सजा का कानूनी प्रावधान किया था। कानून बनने के बाद अब तक 26 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन सभी मामले अब हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के पास लंबित हैं।

नई दिल्ली। भोपाल में दो दिन पहले 9 साल की बच्ची से रेप और हत्या का आरोपी पकड़ा गया है। आरोपी का नाम विष्णु है। विष्णु मूलत: खंडवा का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, वारदात को अंजाम देने के बाद वह भाग गया था। जनसंपर्क मंत्री पीसी शर्मा ने पीड़ित परिवार को 5 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। एएसपी अखिल पटेल ने भी आरोपी की गिरफ़्तारी की जानकारी देते हुए कहा कि पुलिस 48 घंटे के अंदर चालान पेश कर देगी। ताकि एक महीने के अंदर आरोपी को सज़़ा दिलाने का रास्ता साफ हो सके। पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश करेगी ताकि मामले की जल्द सुनवाई कर फैसला हो सके। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अफसरों पर भी कार्रवाई की जाएगी। भोपाल के नेहरू नगर में रहने वाली बच्ची शनिवार से लापता थी। रविवार सुबह पास की बस्ती के नाले में उसकी लाश मिली थी। क्या है पूरा मामला: बच्ची शनिवार रात करीब 8.00 बजे लापता हुई थी और रविवार तड़के घर के पास एक नाले में उसका शव मिला। बच्ची के चेहरे पर ब्लेड के निशान थे। इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस का भी अमानवीय चेहरा सामने आया है। बच्ची के पिता रात 9:30 बजे कमला नगर थाने पहुंचे थे। वहां मौजूद एएसआई देव सिंह ने उनकी मदद करना तो दूर, गुमशुदगी की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की। एएसआई देव सिंह इन सभी पुलिसकर्मियों के साथ रात करीब 10:30 बजे बच्ची के घर पहुंचे। कुछ देर रुके और बिना सर्चिंग किए वापस आ गए। इस दौरान सिपाही रूप सिंह ने बच्ची के पिता से कहा कि वह किसी के साथ भाग गई होगी। लापरवाही में सात पुलिसकर्मी निलंबित: रात करीब 11.30 बजे स्थानीय पार्षद और कुछ अन्य लोगों ने वरिष्ठ अफसरों को जानकारी दी, तब पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची की तलाश में जुटी। सुबह करीब 5.15 बजे परिजनों ने बच्ची का शव उनके घर के पास नाले में मिला। पोस्टमार्टम में खुलासा हुआ कि दुष्कर्म के बाद बच्ची की गला घोंटकर हत्या की गई। लापरवाही बरतने वाले एएसआई सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा: दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। बच्ची को वापस तो नहीं ला सकते, लेकिन परिवार को न्याय दिलाने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। - कमलनाथ, मुख्यमंत्री कब तक जिंदा रहेंगे ये दरिंदे: पिछली सरकार ने 4 दिसंबर 2017 में 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से दुष्कर्म के मामलों में आरोपियों को फांसी की सजा का कानूनी प्रावधान किया था। कानून बनने के बाद अब तक 26 लोगों को फांसी की सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन सभी मामले अब हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट और राष्ट्रपति के पास लंबित हैं।