इजरायल में 90% वोटों की गिनती पूरी, 1 सीट से पिछड़े नेतन्याहू

बेंजामिन नेतन्याहू
इजरायल में 90% वोटों की गिनती पूरी, 1 सीट से पिछड़े नेतन्याहू

नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इस वक्त एक सीट से पिछड़ रही है और उसके पास कुल 31 सीटें हैं। वहीं विपक्षी नेता बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन एक सीट आगे यानी कुल 32 सीटों पर कब्जा जमाए हुए हैं।

90 Votes Counted In Israel Back By 1 Seat Netanyahu :

आपको बता दें कि इजरायल में 6 महीने के अंदर दूसरी बार आम चुनाव हो रहे हैं। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इस वक्त एक सीट से पिछड़ रही है। उसके पास कुल 31 सीटें हैं। वहीं विपक्षी नेता बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन एक सीट आगे यानी कुल 32 सीटों पर कब्जा जमाए हुए हैं। हालांकि, वोटों की गिनती अभी भी अंतिम चरण में है और इस वक्त सेना के जवानों के वोट गिने जा रहे हैं।

ध्यान रहे इजरायल में 17 सितंबर को आम चुनाव के लिए मतदान हुआ था। बुधवार दोपहर से वहां पर गिनती शुरू हुई, जो अभी तक जारी है। गुरुवार दोपहर तक जो गिनती हुई है, उसमें अभी तक किसी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है।

इजरायल मीडिया के अनुसार अभी तक कुल 91 फीसदी वोट गिने जा चुके हैं। इजराइल की संसद की कुल 120 सीट में से 32 सीटों पर बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन, 31 सीटों पर बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी आगे चल रही है। अगर गठबंधन की बात करें तो नेतन्याहू की अगुवाई वाला गठबंधन 55 और बैनी गैंट्ज़ के गठबंधन के पास कुल 56 सीटें हैं।

इसके अलावा सेक्युलर यिसराएल बेटेनु पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। यिसरायल बेटेनु पार्टी के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एविगडोर लाइबरमैन इस चुनाव में किंगमेकर बन सकते हैं। एग्जिट पोल में भी ऐसा ही दावा किया गया था।

बता दें कि इससे पहले अप्रैल में भी इज़रायल में आम चुनाव हुए थे, तब भी कुछ ऐसे ही हालात बने थे। बेंजामिन नेतन्याहू तब संसद में बहुमत साबित नहीं करवा पाए थे, यही कार  ण है कि वहां पर 6 महीने के अंदर दोबारा चुनाव हुए हैं।

अगर अब इस बार की बात करें तो अभी तक किसी को बहुमत नहीं मिला है, यहां अगर संयुक्त सरकार यानी पक्ष-विपक्ष की मिलीजुली सरकार बनती है तो फिर बहुमत के मसले पर दिक्कत आ सकती है। अगर चुना गया प्रधानमंत्री बहुमत साबित नहीं कर पाता है तो इजरायल एक बार फिर चुनाव की ओर जा सकता है।

नई दिल्ली। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इस वक्त एक सीट से पिछड़ रही है और उसके पास कुल 31 सीटें हैं। वहीं विपक्षी नेता बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन एक सीट आगे यानी कुल 32 सीटों पर कब्जा जमाए हुए हैं। आपको बता दें कि इजरायल में 6 महीने के अंदर दूसरी बार आम चुनाव हो रहे हैं। मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी इस वक्त एक सीट से पिछड़ रही है। उसके पास कुल 31 सीटें हैं। वहीं विपक्षी नेता बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन एक सीट आगे यानी कुल 32 सीटों पर कब्जा जमाए हुए हैं। हालांकि, वोटों की गिनती अभी भी अंतिम चरण में है और इस वक्त सेना के जवानों के वोट गिने जा रहे हैं। ध्यान रहे इजरायल में 17 सितंबर को आम चुनाव के लिए मतदान हुआ था। बुधवार दोपहर से वहां पर गिनती शुरू हुई, जो अभी तक जारी है। गुरुवार दोपहर तक जो गिनती हुई है, उसमें अभी तक किसी पार्टी को बहुमत मिलता नहीं दिख रहा है। इजरायल मीडिया के अनुसार अभी तक कुल 91 फीसदी वोट गिने जा चुके हैं। इजराइल की संसद की कुल 120 सीट में से 32 सीटों पर बैनी गैंट्ज़ की काहोल लेवन, 31 सीटों पर बेंजामिन नेतन्याहू की लिकुड पार्टी आगे चल रही है। अगर गठबंधन की बात करें तो नेतन्याहू की अगुवाई वाला गठबंधन 55 और बैनी गैंट्ज़ के गठबंधन के पास कुल 56 सीटें हैं। इसके अलावा सेक्युलर यिसराएल बेटेनु पार्टी ने 9 सीटों पर जीत दर्ज की है। यिसरायल बेटेनु पार्टी के नेता और पूर्व रक्षा मंत्री एविगडोर लाइबरमैन इस चुनाव में किंगमेकर बन सकते हैं। एग्जिट पोल में भी ऐसा ही दावा किया गया था। बता दें कि इससे पहले अप्रैल में भी इज़रायल में आम चुनाव हुए थे, तब भी कुछ ऐसे ही हालात बने थे। बेंजामिन नेतन्याहू तब संसद में बहुमत साबित नहीं करवा पाए थे, यही कार  ण है कि वहां पर 6 महीने के अंदर दोबारा चुनाव हुए हैं। अगर अब इस बार की बात करें तो अभी तक किसी को बहुमत नहीं मिला है, यहां अगर संयुक्त सरकार यानी पक्ष-विपक्ष की मिलीजुली सरकार बनती है तो फिर बहुमत के मसले पर दिक्कत आ सकती है। अगर चुना गया प्रधानमंत्री बहुमत साबित नहीं कर पाता है तो इजरायल एक बार फिर चुनाव की ओर जा सकता है।