देश में अधिकांश मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू हैं : बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव

नई दिल्‍ली: बीजेपी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने सोमवार को संसद में कहा कि देश में अधिकांश मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू थे. लोकसभा में भीड़ द्वारा हिंसा के मसले पर उन्‍होंने कहा कि मुस्लिमों के पूर्वज हिंदू थे. उन्‍होंने कहा, ”इस देश के मुसलमानों को यह जानना चाहिए कि उनके पूर्वज हिंदू थे…और उस वक्‍त हिंदू देवता उनके थे.” इसके साथ ही उन्‍होंने कहा कि हर मुसलमान को हिंदुओं की भावना का सम्‍मान करना चाहिए और हिंदुओं को मुसलमानों का सम्‍मान करना चाहिए. हुकुमदेव नारायण बिहार में मधुबनी से बीजेपी सांसद हैं.

हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा कि हमें हर किसी के चिंतन को बर्दाश्त करना चाहिए. देश में अनेक ऐसे वाकये हैं जहां आर्थिक, सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक अत्याचार हुए है. हिंदुओं के सांस्कृतिक जुलूस को रोकने के कार्य हुए हैं और धार्मिक कर्तव्य करने से रोका गया है. क्या यह भीड़ द्वारा पीट पीट कर हत्या करने के मामलों से छोटी घटना है?

भाजपा सदस्य ने कहा कि आज इस देश में कोई अल्पसंख्यक नहीं है. हिन्दू जात-पात में बंटे हैं. गांधीजी के समय लोग ईश्वर अल्ला तेरे नाम बोलते थे, वंदे मातरम के नारे लगाते थे लेकिन आज इस पर सवाल उठाये जा रहे हैं. यह राष्ट्र के खिलाफ कार्य है. उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आर्थिक क्रांति और राष्ट्रवाद को जोड़ते हुए देश को आगे बढ़ा रहे हैं और इससे कुछ लोग परेशान है.

कालनेमी का किस्‍सा लोकसभा में नियम 193 के तहत मल्लिकार्जुन खड़गे और प्रो. सौगत राय की ओर से पेश देश में अत्याचारों और भीड़ द्वारा हिंसा में जान से मारने की कथित घटनाओं से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए भाजपा सदस्य ने कहा, ”भीड़, भीड़ होती है…. चाहे किसी के नाम पर हो. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कई बार भीड़ द्वारा की गई ऐसी घटनाओं को गलत बता चुके हैं. वे कह चुके हैं कि इन पर कार्रवाई होनी चाहिए. यह कार्य राज्यों को करना है और उन्हें कदम उठाना चाहिए.” उन्होंने सवाल किया कि क्या संविधान में लिखा है कि राज्य में किसी विषय पर पलटन (फौज) भेज दो. कश्मीर में जरूरत है, चीन में जरूरत है…तब वहां फौज भेजी गई है.

हुकुमदेव नारायण यादव ने कहा कि सरकार कदम उठा रही है. आप (विपक्ष) नीतियों की आलोचना कर सकते हैं लेकिन हमारी नीयत पर सवाल नहीं उठा सकते. रामायण काल के पौराणिक चरित्र और वेषबदल कर कार्य करने वाले राक्षस कालनेमी का जिक्र करते हुए भाजपा सांसद ने कहा कि कुछ लोग कालनेमी का रूप धर कर काम कर रहे हैं. आज भी कालनेमी मौजूद है और कल भी ये रहेंगे. कालनेमी एक विचारधारा है, चरित्र है. वो छद्म भेषी लोग है जो वेष बदलकर कालनेमी का रूप लेकर सरकार को बदनाम कर रहे हैं.