क्या योगी सरकार के नौकरशाहों की एक चूक के कारण ठिठुरेंगे 1.76 लाख नौनिहाल..?

क्या योगी सरकार के नौकरशाहों की एक चूक के कारण ठिठुरेंगे 1.76 लाख नौनिहाल..?

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निकाय चुनावों के चलते आचार सहिंता लागू है। इसी दौरान बेसिक शिक्षा विभाग को परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को सरकार की ओर से स्वेटर देने के लिए किया गया वादा याद आया। विभाग ने अधिकारियों ने सीएम साहब के वादे और बढ़ती सर्दी का हवाला देते हुए नवंबर के अंतिम सप्ताह तक 1.76 लाख छात्रों को स्वेटर वितरित करने का फरमान जारी कर दिया, लेकिन निर्वाचन आयोगी की मंजूरी लेना भूल गए।

सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जारी किए गए निर्देश के आधार पर टेंडरिंग की प्रक्रिया शुरू हो गई। एक ओर टेंडर जारी हुए तो दूसरी ओर निर्वाचन आयोग ने टें​डरिंग की प्रक्रिया के लिए मंजूरी न लिए जाने को विषय बनाते हुए आपत्ति दर्ज करवा दी। एक ओर बेसिक शिक्षा विभाग से चूक हुई थी तो दूसरी ओर विभाग की उप निदेशक ललिता प्रदीप ने टेंडरिंग की प्रक्रिया के लिए निर्वाचन आयोग की मंजूरी को गैर जरूरी करार देते हुए यह बयान भी दे दिया कि योजना पहले से ही तैयार हो चुकी थी, इसलिए मंजूरी नहीं ली गई।

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अब गेंद निर्वाचन आयोग के पाले में है। आयोग की ओर से अपर मुख्य सचिव ​बेसिक शिक्षा को भेजे गए नोटिस में विभाग से 10 नवंबर तक अपना पक्ष रखने को कहा गया है और ललिता प्रदीप के बयान पर भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिसके बाद 1.76 लाख नौनिहालों पर एकबार फिर सर्दी से बिना स्वेटर दो दो हाथ करने का खतरा मंडराने लगा है।

उम्मीद की जा रही है कि निर्वाचन आयोग बदलते मौसम और बच्चों के लिए स्वेटर की आवश्यकता को देखते हुए मानवीय आधार पर टें​डरिंग की प्रक्रिया को हरी झंड़ी दे देगा, लेकिन इसके साथ ही जो चूक विभागीय अधिकारियों से हुई है, उसके लिए भी सीख जरूर दी जाएगी।

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