तीन तलाक की मार झेल रही इस मुस्लिम महिला ने लिखा पीएम को खत

लखनऊ। तीन तलाक को लेकर देश भर में बहस जारी है, समाज के बुद्धजीवी लोग इस मसले पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियायेँ दे रहे है। क्या सही और क्या गलत, इस बात को लेकर हर ओर चर्चायें देखने की मिल रही है लेकिन जो महिलाएं इसकी मार झेल रही है उनके दर्द को बयां नहीं किया जा सकता। कौन समझेगा कि मामूली सी बात पर कैसे बसी-बसाई ज़िंदगी बेरंग हो जाती है। बातों-बातों में पति के तीन बार तलाक कहते ही ज़िंदगानी कैसे अर्श से फर्श पर आ जाती है।



इस मसले को गंभीरता से लेकर बीजेपी ने दावा किया था कि यूपी में बीजेपी सरकार आते ही इस समस्या पर लगाम लगाया जाएंगा, लेकिन अभी भी इस वजह से आए दिन घर उजड़ रहे है। यूपी में सरकार बनने के बाद मुस्लिम महिलाओं को योगी से बड़ी अपेक्षाएं हैं अब तक कई जिंदगियों को बर्बाद कर चुकी तीन तलाक कुप्रथा के खिलाफ मुस्लिम महिलाएं खुलकर सामने आने लगी हैै। नया मामला नगर कोतवाली के चिलबिला का है जहां 2013 में रबिया का निकाह बड़ी धूमधाम से पट्टी कोतवाली के सरायमधई निवासी मोह नईम से हुआ था।। निकाह के बाद ससुराल पहुंची रबिया का दहेज़ को लेकर देवर से मामूली विवाद क्या हुआ मानो रबिया की जिंदगी में तूफ़ान आ गया।



बताया जा रहा है कि देवर से विवाद और दहेज़ की लालच में आकर नाराज़ पति नईम उसे लेकर चिलबिला स्थित मायके में छोड़कर चला गया और एक सप्ताह बाद फोन पर रबिया को तलाक दे दिया। तलाक के बाद से ही रबिया अपने दूध मुहे बेटी के साथ मायके में ही किसी तरह से घुट घुट कर जीने पर मजबूर है। सूबे में योगी सरकार बनने के बाद उसे कुछ उम्मीद जगी है और अब वह प्रधानमंत्री मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगायी है। रबिया की मांग है कि ऐसी कुप्रथा को समाप्त किया जाए और तीन तलाक देना है तो वह कानूनी प्रक्रिया के तहत दी जाए जिससे मुस्लिम महिला भी समाज में इज्जत के साथ जी सके।।

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