यूपी में एक दिन में की गयी रिकार्ड 27,565 सैम्पलों की जांच

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कोरोना का कहर: देश में बीते 24 घंटे में आए 22771 नए मामले, साढ़े छह लाख के करीब पहुंचा आकंड़ा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड 19 से बचाव के लिये राज्य के 75 जिलों में गुरूवार को रिकार्ड 27,565 सैम्पल की जांच की गयी है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने यहा कहा कि राज्य के 75 जिलों में एक दिन में सर्वाधिक 27,565 सैम्पल की जांच की गयी। जो अब तक का एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक कुल 8,10,991 सैम्पल की जांच की गई है।

A Record 27565 Samples Examined In A Single Day In Up :

उन्होंने बताया कि राज्य के 75 जिलों में 7,451 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 17,597 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। पूल टेस्ट के तहत कुल 2457 पूल की जांच की गयी, जिसमें 2140 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 317 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेण्डम आधार पर 5,508 फल, सब्जी बेचने वाले दुकानदारों के सैम्पल की जांच की गयी, जिसमें से मात्र 50 लोग पाॅजिटिव पाये गये, जो कि एक प्रतिशत से भी कम है।

प्रसाद ने बताया कि अब तक 1,57,740 सर्विलांस टीम द्वारा 1,15,33,745 घरों के 5,87,91,219 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 1,02,416 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम के अतिरिक्त 6000 लोगों को सी0एम0 हेल्प लाईन द्वारा भी फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी है।

उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर लोगों का आवागमन अधिक होता हैं, वहां पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे है। समस्त कोविड हेल्प डेस्क पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर एवं सेनेटाइजर उपलब्ध रखे गये है। जिससे आगन्तुकों की जांच की जा सके। प्रदेश के 4,444 पी0एच0सी0, सी0एच0सी0 तथा सरकारी चिकित्सालयों (पी0एच0सी0 एवं सी0एच0सी0), 3,562 निजी चिकित्सालयों, 75 कलेक्ट्रेट पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त गृह विभाग के थानों तथा अन्य कार्यलयों में 1569 कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। पी0ए0सी0 द्वारा 140, कारागारों पर 71, पंचायती राज विभाग द्वारा 08, उद्योग विभाग द्वारा 23 तथा कृषि विभाग द्वारा 38 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करायें गये है।

प्रसाद ने बताया कि मेरठ मण्डल में गत दो जुलाई से वृहद स्तर पर सर्विलांस कार्य चलाया जा रहा है, जो आगामी 12 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सर्विलेंस के कार्य को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है जिसके तहत डोर टू डोर मेडिकल स्क्रीनिंग की जायेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के 17 मण्डलों में भी आगामी पांच जुलाई से 15 जुलाई तक इस अभियान को प्रारम्भ किया जायेगा। इस अभियान के तहत डोर टू डोर सभी घरों का सर्वेक्षण किया जायेगा। इसमें सभी को कोरोना से बचाव तथा सावधानी बरतने के लिए कहा जायेगा। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। फेस कवर करें, मास्क लगायें और दो गज की दूरी बनाकर कर रखें। हाथ को साबुन-पानी से धोते रहे। उन्होंने कहा कि बचाव के तरीके सरल हैं इसलिए इसका पालन करें।

अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित की गयी है। जिसमें कोई भी व्यक्ति कोरोना से बचाव एवं नियंत्रण के लिये 60 सेकेण्ड का वीडियों बनाकर अपनी प्रविष्टि स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा सकता है। सर्वश्रेष्ठ 100 प्रविष्टियों को 10,000-10,000 रूपये का ईनाम दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त 150 शब्द तक का आईडिया भी कोरोना के सम्बन्ध में उपलब्ध कराये जा सकते है। सर्वश्रेष्ठ 10 आईडिया को 10,000-10,000 रूपये का ईनाम दिया जायेगा।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि वैश्विक महामारी कोविड 19 से बचाव के लिये राज्य के 75 जिलों में गुरूवार को रिकार्ड 27,565 सैम्पल की जांच की गयी है। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने यहा कहा कि राज्य के 75 जिलों में एक दिन में सर्वाधिक 27,565 सैम्पल की जांच की गयी। जो अब तक का एक रिकार्ड है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में टेस्टिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है। अब तक कुल 8,10,991 सैम्पल की जांच की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य के 75 जिलों में 7,451 कोरोना के मामले एक्टिव हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 17,597 मरीज पूरी तरह से उपचारित हो चुके हैं। पूल टेस्ट के तहत कुल 2457 पूल की जांच की गयी, जिसमें 2140 पूल 5-5 सैम्पल के तथा 317 पूल 10-10 सैम्पल की जांच की गयी। स्वास्थ्य विभाग द्वारा रेण्डम आधार पर 5,508 फल, सब्जी बेचने वाले दुकानदारों के सैम्पल की जांच की गयी, जिसमें से मात्र 50 लोग पाॅजिटिव पाये गये, जो कि एक प्रतिशत से भी कम है। प्रसाद ने बताया कि अब तक 1,57,740 सर्विलांस टीम द्वारा 1,15,33,745 घरों के 5,87,91,219 लोगों का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि आरोग्य सेतु ऐप से अलर्ट जनरेट आने पर कन्ट्रोल रूम द्वारा निरन्तर फोन किया जा रहा है। अलर्ट जनरेट होने पर अब तक 1,02,416 लोगों को कन्ट्रोल रूम द्वारा फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के कंट्रोल रूम के अतिरिक्त 6000 लोगों को सी0एम0 हेल्प लाईन द्वारा भी फोन कर जानकारी प्राप्त की गयी है। उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर लोगों का आवागमन अधिक होता हैं, वहां पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये जा रहे है। समस्त कोविड हेल्प डेस्क पर इन्फ्रारेड थर्मामीटर, पल्स ऑक्सीमीटर एवं सेनेटाइजर उपलब्ध रखे गये है। जिससे आगन्तुकों की जांच की जा सके। प्रदेश के 4,444 पी0एच0सी0, सी0एच0सी0 तथा सरकारी चिकित्सालयों (पी0एच0सी0 एवं सी0एच0सी0), 3,562 निजी चिकित्सालयों, 75 कलेक्ट्रेट पर कोविड हेल्प डेस्क स्थापित किये गये है। इसके अतिरिक्त गृह विभाग के थानों तथा अन्य कार्यलयों में 1569 कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की गयी है। पी0ए0सी0 द्वारा 140, कारागारों पर 71, पंचायती राज विभाग द्वारा 08, उद्योग विभाग द्वारा 23 तथा कृषि विभाग द्वारा 38 कोविड हेल्प डेस्क स्थापित करायें गये है। प्रसाद ने बताया कि मेरठ मण्डल में गत दो जुलाई से वृहद स्तर पर सर्विलांस कार्य चलाया जा रहा है, जो आगामी 12 जुलाई तक चलेगा। उन्होंने बताया कि सर्विलेंस के कार्य को बड़े स्तर पर चलाया जा रहा है जिसके तहत डोर टू डोर मेडिकल स्क्रीनिंग की जायेगी। उन्होंने बताया कि इसके बाद प्रदेश के 17 मण्डलों में भी आगामी पांच जुलाई से 15 जुलाई तक इस अभियान को प्रारम्भ किया जायेगा। इस अभियान के तहत डोर टू डोर सभी घरों का सर्वेक्षण किया जायेगा। इसमें सभी को कोरोना से बचाव तथा सावधानी बरतने के लिए कहा जायेगा। उन्होंने कहा कि लोग अनावश्यक घरों से बाहर न निकलें। फेस कवर करें, मास्क लगायें और दो गज की दूरी बनाकर कर रखें। हाथ को साबुन-पानी से धोते रहे। उन्होंने कहा कि बचाव के तरीके सरल हैं इसलिए इसका पालन करें। अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक प्रतियोगिता आयोजित की गयी है। जिसमें कोई भी व्यक्ति कोरोना से बचाव एवं नियंत्रण के लिये 60 सेकेण्ड का वीडियों बनाकर अपनी प्रविष्टि स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध करा सकता है। सर्वश्रेष्ठ 100 प्रविष्टियों को 10,000-10,000 रूपये का ईनाम दिया जायेगा। इसके अतिरिक्त 150 शब्द तक का आईडिया भी कोरोना के सम्बन्ध में उपलब्ध कराये जा सकते है। सर्वश्रेष्ठ 10 आईडिया को 10,000-10,000 रूपये का ईनाम दिया जायेगा।