विकास दुबे पर घोषित हुआ ढाई लाख का इनाम, CO ने SSP को पत्र लिखकर जताई थी बड़ी घटना की आंशका

vikash dube
विकास दुबे पर घोषित हुआ ढाई लाख रुपये का इनाम, CO ने SSP को पत्र लिखकर जताई थी बड़ी घटना की आंशका

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर का मुख्य आरोपी विकास दुबे वारदात के बाद से अभी तक फरार है। विकास दुबे का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस की 40 टीमें विकास दुबे की धर पकड़ के लिए लगी हुई हैं लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। वहीं, इस बीच विकास दुबे पर ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है।

A Reward Of Two And A Half Million Rupees Was Announced On Vikas Dubey Co Wrote A Letter To The Ssp Predicting A Big Incident :

इस बीच शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का शिकायत पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें बताया गया था कि निलंबित थानेदार विनय तिवारी और विकास दुबे के बीच करीबी संबंध थे। इसके साथ ही सीओ ने एसएसपी को लिखे हुए पत्र में बताया था कि थानेदार विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे को संरक्षण दे रहे हैं, जो एक दिन बड़ी घटना का कारण बन सकता है।

सीओ ने एसएसपी को लिखे पत्र में कहीं थी यह बातें
सीओ बिल्हौर रहे देवेंद्र मिश्र ने 14 मार्च 2020 को चौबेपुर थाने का निरीक्षण किया था। इस दौरान पता चला कि 13 मार्च को विकास दुबे के खिलाफ वसूली के लिए धमकी, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी की एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच चौबेपुर थाने के दरोगा अजहर इशरत को सौंपी गई। अगले ही दिन विवेचक अजहर ने मुकदमे से वसूली के लिए जान से मारने की धमकी देने की धारा 386 हटा दी।

सीओ ने पूछा तो दरोगा ने बताया कि थानेदार के कहने पर हटाई गई। इसी दिन सीओ ने चौबेपुर थानेदार रहे विनय तिवारी के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट भेजी। इसमें लिखा कि एक दबंग कुख्यात अपराधी के विरुद्ध थानाध्यक्ष द्वारा सहानुभूति रखना अब तक कार्रवाई न करना सत्य निष्ठा को संदिग्ध करता है।

सीओ की रिपोर्ट के मुताबिक निलंबित थानेदार विनय तिवारी का विकास दुबे के घर आना जाना था। यदि थानेदार के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो कोई गंभीर घटना हो सकती है। यह रिपोर्ट पुलिस कार्यालय आई और फाइलों में दब गई। नतीजा यह निकला कि विकास दुबे बेखौफ हो गया तो सीओ समेत 8 पुलिस कर्मचारियों की हत्या कर दी।

कानपुर। कानपुर एनकाउंटर का मुख्य आरोपी विकास दुबे वारदात के बाद से अभी तक फरार है। विकास दुबे का अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस की 40 टीमें विकास दुबे की धर पकड़ के लिए लगी हुई हैं लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका है। वहीं, इस बीच विकास दुबे पर ढाई लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। इस बीच शहीद सीओ देवेंद्र मिश्रा का शिकायत पत्र वायरल हो रहा है। जिसमें बताया गया था कि निलंबित थानेदार विनय तिवारी और विकास दुबे के बीच करीबी संबंध थे। इसके साथ ही सीओ ने एसएसपी को लिखे हुए पत्र में बताया था कि थानेदार विनय तिवारी अपराधी विकास दुबे को संरक्षण दे रहे हैं, जो एक दिन बड़ी घटना का कारण बन सकता है। सीओ ने एसएसपी को लिखे पत्र में कहीं थी यह बातें सीओ बिल्हौर रहे देवेंद्र मिश्र ने 14 मार्च 2020 को चौबेपुर थाने का निरीक्षण किया था। इस दौरान पता चला कि 13 मार्च को विकास दुबे के खिलाफ वसूली के लिए धमकी, बलवा, मारपीट, जान से मारने की धमकी की एफआईआर दर्ज हुई थी। जांच चौबेपुर थाने के दरोगा अजहर इशरत को सौंपी गई। अगले ही दिन विवेचक अजहर ने मुकदमे से वसूली के लिए जान से मारने की धमकी देने की धारा 386 हटा दी। सीओ ने पूछा तो दरोगा ने बताया कि थानेदार के कहने पर हटाई गई। इसी दिन सीओ ने चौबेपुर थानेदार रहे विनय तिवारी के खिलाफ एसएसपी को रिपोर्ट भेजी। इसमें लिखा कि एक दबंग कुख्यात अपराधी के विरुद्ध थानाध्यक्ष द्वारा सहानुभूति रखना अब तक कार्रवाई न करना सत्य निष्ठा को संदिग्ध करता है। सीओ की रिपोर्ट के मुताबिक निलंबित थानेदार विनय तिवारी का विकास दुबे के घर आना जाना था। यदि थानेदार के खिलाफ कार्रवाई न की गई तो कोई गंभीर घटना हो सकती है। यह रिपोर्ट पुलिस कार्यालय आई और फाइलों में दब गई। नतीजा यह निकला कि विकास दुबे बेखौफ हो गया तो सीओ समेत 8 पुलिस कर्मचारियों की हत्या कर दी।