बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास रॉकेट से हमला, इलाके को सुरक्षाबलों ने घेरा

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बगदाद में अमेरिकी दूतावास के पास रॉकेट से हमला, इलाके को सुरक्षाबलों ने घेरा

नई दिल्ली। इराक की राजधानी बगदाद में रविवार देर रात एक रॉकेट से हमला करने की कोशिश की गई। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। रॉकेट जिस जगह पर गिरा है वह काफी सुरक्षित क्षेत्र बताया जाता है और यहां से अमेरिकी दूतावास काफी नजदीक है।

A Rocket Dropped Near Us Embassy In Baghdad Over Iran Us Tension :

ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इराक की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या रसूल का कहना है कि कात्युशा रॉकेट ग्रीन जोन में गिरा है। इसकी खबर मिलते ही सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और जांच तेज कर दी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि रॉकेट पूर्वी बगदाद से दागे गए हैं। पूर्वी बगदाद ईरान समर्थित शिया लोगों का गढ़ है।

अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इराक से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियो को भी वापस बुला लिया है। इससे पहले गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि उनका देश ईरान के साथ युद्ध नहीं करेगा।

उन्होंने कहा था, “मुझे ऐसी उम्मीद नहीं है।” दरअसल ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप के दो शीर्ष सलाहकार ईरान के साथ युद्ध के पक्ष में हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ईरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की ट्रंप सरकार की मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं।

नई दिल्ली। इराक की राजधानी बगदाद में रविवार देर रात एक रॉकेट से हमला करने की कोशिश की गई। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। रॉकेट जिस जगह पर गिरा है वह काफी सुरक्षित क्षेत्र बताया जाता है और यहां से अमेरिकी दूतावास काफी नजदीक है। ये हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इराक की सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या रसूल का कहना है कि कात्युशा रॉकेट ग्रीन जोन में गिरा है। इसकी खबर मिलते ही सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया और जांच तेज कर दी है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि रॉकेट पूर्वी बगदाद से दागे गए हैं। पूर्वी बगदाद ईरान समर्थित शिया लोगों का गढ़ है। अमेरिका ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच इराक से अपने गैर-जरूरी कर्मचारियो को भी वापस बुला लिया है। इससे पहले गुरुवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि उनका देश ईरान के साथ युद्ध नहीं करेगा। उन्होंने कहा था, "मुझे ऐसी उम्मीद नहीं है।" दरअसल ऐसा माना जा रहा है कि ट्रंप के दो शीर्ष सलाहकार ईरान के साथ युद्ध के पक्ष में हैं। अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जॉन बोल्टन और विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो ईरान के खिलाफ अधिकतम दबाव की ट्रंप सरकार की मुहिम की अगुवाई कर रहे हैं।