ईवीएम की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल, गाजीपुर, चंदौली और मऊ में ईवीएम बदलने की अफवाह पर बवाल

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ईवीएम की सुरक्षा को लेकर खड़े हुए सवाल, गाजीपुर, चंदौली और मऊ में ईवीएम बदलने की अफवाह पर बवाल

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में ईवीएम को लेकर विपक्ष सवाल खड़े करता रहा है। वहीं अब चुनाव के बाद उसकी सुरक्षा को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावारा हो गया है। विपक्ष का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। गाजीपुर, मऊ और चंदौली में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर बीती रात बवाल हुआ था। वहीं गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसानी इसको लेकर धरने पर भी बैठे थे।

A Ruckus On The Rumor Of Evm Change In Many Places In Uttar Pradesh :

देर रात तक ईवीएम की सुरक्षा को लेकर बवाल होता रहा। अब चुनाव आयोग ने सफाई जारी की है। आयोग ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभी ईवीएम कड़ी सुरक्षा में हैं।मऊ में ईवीएम को बदलने की अफवाह पर सोमवार रात साढ़े दस बजे मंडी परिषद में बने स्ट्रांगरूम पर पहुंचे सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों के हंगामा करने पर पुलिस ने पीटा और खदेड़ दिया।

घटना की सूचना मिलने पर डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए। डीएम का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा के लिए पार्टी के दो लोगों को बतौर एजेंट रखा गया है। वहीं चंदौली जिले में ईवीएम बदलने की अफवाह पर सोमवार की रात गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय के समर्थक ख्वाजा जहांपुर स्थित मंडी समिति पर पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। वहां हगांमा होता देख पुलिस को लाठियां चलानी पड़ी।

गाजीपुर में महागठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने ईवीएम बदलने का आरोप लगाया था और वह इसको लेकर धरने पर बैठ गए थे। गाजीपुर में मोदी सरकार में मंत्री मनोज सिन्हा बीजेपी की तरफ से मैदान में हैं। देर रात तक अफजाल अंसारी धरने पर बैठे रहे। हालांकि इस मामले में चुनाव आयोग ने सफाई दी है। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि हर काउंटिंग सेंटर पर ईवीएम और VVPAT को राजनीतिक दलों के सामने वीडियोग्राफी कर सुरक्षित रखा गया है।

जिस जगह पर ये सभी हैं, वहां पर सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था है। सुरक्षा में सीआरपीएफ की तैनाती है, प्रत्याशियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम में जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे में किसी तरह का गलत आरोप लगाना निराधार है।

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव में ईवीएम को लेकर विपक्ष सवाल खड़े करता रहा है। वहीं अब चुनाव के बाद उसकी सुरक्षा को लेकर विपक्ष चुनाव आयोग पर हमलावारा हो गया है। विपक्ष का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा में लापरवाही बरती जा रही है। गाजीपुर, मऊ और चंदौली में ईवीएम की सुरक्षा को लेकर बीती रात बवाल हुआ था। वहीं गठबंधन प्रत्याशी अफजाल अंसानी इसको लेकर धरने पर भी बैठे थे। देर रात तक ईवीएम की सुरक्षा को लेकर बवाल होता रहा। अब चुनाव आयोग ने सफाई जारी की है। आयोग ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि सभी ईवीएम कड़ी सुरक्षा में हैं।मऊ में ईवीएम को बदलने की अफवाह पर सोमवार रात साढ़े दस बजे मंडी परिषद में बने स्ट्रांगरूम पर पहुंचे सपा-बसपा गठबंधन प्रत्याशी के समर्थकों के हंगामा करने पर पुलिस ने पीटा और खदेड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर डीएम, एसपी मौके पर पहुंच गए। डीएम का कहना है कि ईवीएम की सुरक्षा के लिए पार्टी के दो लोगों को बतौर एजेंट रखा गया है। वहीं चंदौली जिले में ईवीएम बदलने की अफवाह पर सोमवार की रात गठबंधन प्रत्याशी अतुल राय के समर्थक ख्वाजा जहांपुर स्थित मंडी समिति पर पहुंचे और वहीं धरने पर बैठ गए। वहां हगांमा होता देख पुलिस को लाठियां चलानी पड़ी। गाजीपुर में महागठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी ने ईवीएम बदलने का आरोप लगाया था और वह इसको लेकर धरने पर बैठ गए थे। गाजीपुर में मोदी सरकार में मंत्री मनोज सिन्हा बीजेपी की तरफ से मैदान में हैं। देर रात तक अफजाल अंसारी धरने पर बैठे रहे। हालांकि इस मामले में चुनाव आयोग ने सफाई दी है। वहीं चुनाव आयोग ने कहा है कि हर काउंटिंग सेंटर पर ईवीएम और VVPAT को राजनीतिक दलों के सामने वीडियोग्राफी कर सुरक्षित रखा गया है। जिस जगह पर ये सभी हैं, वहां पर सीसीटीवी कैमरे की भी व्यवस्था है। सुरक्षा में सीआरपीएफ की तैनाती है, प्रत्याशियों को भी स्ट्रॉन्ग रूम में जाने की अनुमति दी गई है। ऐसे में किसी तरह का गलत आरोप लगाना निराधार है।