अब घर बैठे मोबाइल नंबर को आधार से करें लिंक, जानें तरीका

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आधार को मोबाइल के नंबर से जोड़ने के लिए वन टाइम पासवर्ड (ओटीपी) समेत तीन नए तरीके शुरू किए हैं। केंद्रीय संचार मंत्री मनोज सिन्हा ने बताया कि इसके माध्यम से आधार को अपने व्यक्तिगत नंबर से जोड़ने की प्रक्रिया आसान होगी। दूरसंचार विभाग (डीओटी) ने तीन नए नियमों को शुरू किया है। वन टाइम पासवर्ड, एप आधारित और इंटरेक्टिव वॉयस रेस्पांस (आईवीआरएस)। इन तीनों सुविधा के जरिए अपने आधार नंबर को मोबाइल नंबर के साथ जोड़ा सकता है।

इसके साथ अब ग्राहक दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के स्टोरों पर गए बिना अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर को आधार से जोड़ सकते हैं। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग और गंभीर बीमारी से ग्रस्त लोगों की आसानी के लिए दूरसंचार विभाग ने उपभोक्ताओं के दरवाजे पर पुन: सत्यापन के लिए भी सिफारिश की है।
केंद्र ने बुधवार को सर्वोच्च न्यायालय से कहा कि आधार योजना को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए 31 मार्च, 2018 तक का समय दिया जाए।

{ यह भी पढ़ें:- कंपनियां मोबाइल से आधार जोड़ने की अंतिम तिथि बताएं: सुप्रीम कोर्ट }

नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, दूरसंचार ऑपरेटरों को ऐसी सेवा का अनुरोध करने वाले लोगों के लिए एक ऑनलाइन तंत्र उपलब्ध कराया जाना चाहिए और इसकी उपलब्धता समय-सीमा पर आधारित हो, जिसे समय के मुताबिक पूरा किया जाए। उन्होंने कहा, आधार संख्या प्रणाली देश के सभी निवासियों को महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं तक पहुंच और समय-समय पर उनकी महत्वपूर्ण जानकारी की अनुमति देने के लिए बनाई गई थी।

इस समस्या से निजात दिलाने के लिए अब ऐसे लोगों की आंखों की पुतलियों के निशान ही लिए जाएंगे। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों से पर्याप्त संख्या में विभिन्न आउटलेट्स पर आइरिश डिवाइस लगाने को कहा गया है, ताकि लोगों को अपने घर से ज्यादा दूर न जाना पड़े।

{ यह भी पढ़ें:- 2020 तक भारत में लांच होगी 5G मोबाइल नेटवर्क सेवा }

दूरसंचार विभाग ने अगस्त माह में एक परिपत्र में आधार के लिए आईरिस या फिंगरप्रिंट आधारित प्रमाणीकरण प्रदान करने के लिए दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिए थे। नए नियमों में यह बताया गया था कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं को इस उद्देश्य के लिए आईरिस जानकारों को एक उचित भौगोलिक क्षेत्र में तैनात करना होगा।

Loading...