हैरतअंगेज: आखिर मतगणना में कैसे निकल आए मतदान से ज्यादा वोट

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हैरतअंगेज: आखिर मतगणना में कैसे निकल आए मतदान से ज्यादा वोट

नई दिल्ली। देश में हाल ही सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद एक चीज जो निकलकर सामने आई उसने सभी के होश उड़ा दिए। दरअसल हुआ ये कि चुनाव के बाद रिटर्निंग आफिसर्स ने कुल मतदान के जो आंकडे भारत निर्वाचन आयोग को दिए थे, मतगणना के वक्त वोट उससे कहीं ज्यादा निकले। अब सवाल ये उठता है कि जब मतदान के बाद ईवीएम मशीने स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा हो गई, तब इनमें छेड़छाड़ कैसे हो गई।

Aakhir Mataganana Mein Kaise Nikal Aae Matadaan Se Jyaada Vot :

जिन निर्वाचन छेत्रों में ये वोटों में जो अंतर देखने को मिला, उनमे से तीन हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं – पटना साहिब, जहानाबाद और बेगूसराय। बता दें कि जहानाबाद में, मतदान किए गए वोट मतगणना के दौरान निकले कुल मतों से 23,079 अधिक हैं। अब ऐसे में दो चीजे ही निकलकर सामने आती हैं कि या तो यहां मतदानकर्मियों द्वारा वोटों का सहीं हिसाब नहीं किया गया, ​या फिर मशीने जमा होने के बाद उनमें छेड़छाड़ की गई। बता दें कि इस सीट पर जनता दल-यूनाइटेड के उम्मीदवार की जीत का अंतर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रतिद्वंद्वी से सिर्फ 1,751 वोटों का था। जिससे कयास लगाए जा रहे है कि यदि ये अंतर न होता तो यहां के परिणाम बदल सकते थे।

vote diffrence
हैरतअंगेज: आखिर मतगणना में कैसे निकल आए मतदान से ज्यादा वोटा

इसी तरह पटना साहिब सीट पर कुल 920961 वोट पड़े, लेकिन जब वोटों की गिनती कराई गई तब यहां कुल मत 982939 निकले। वहीं बिहार की ही बेगुसराय सीट पर 1210734 वोट पड़े थे, लेकिन गिनती की गई तो 1226503 वोट निकले। यहां मतदान से 15769 वोट ज्यादा निकले। बता दें कि इस सीट पर भाजपा के गिरीराज सिंह चुनाव मैदान मे थे।

वहीं यूपी में भी दो सीटों पर ऐसा ही देखने को मिला। यहां बदायूं सीट पर 1071744 वोट पड़े थे, लेकिन जब गिनती हुई तो कुल मत 1081108 वोट निकले। यहां वोटो का डिफरेंस 9364 था। बता दें कि यहां से समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव इस बार चुनाव हार गए हैं। वहीं फर्रूखाबाद में 1000563 वोट पड़े, जबकि वोटों ​की गिनती में 1002953 मत निकले।

नई दिल्ली। देश में हाल ही सम्पन्न हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई। चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद एक चीज जो निकलकर सामने आई उसने सभी के होश उड़ा दिए। दरअसल हुआ ये कि चुनाव के बाद रिटर्निंग आफिसर्स ने कुल मतदान के जो आंकडे भारत निर्वाचन आयोग को दिए थे, मतगणना के वक्त वोट उससे कहीं ज्यादा निकले। अब सवाल ये उठता है कि जब मतदान के बाद ईवीएम मशीने स्ट्रांग रूम में कड़ी सुरक्षा के बीच जमा हो गई, तब इनमें छेड़छाड़ कैसे हो गई। जिन निर्वाचन छेत्रों में ये वोटों में जो अंतर देखने को मिला, उनमे से तीन हाई-प्रोफाइल लोग शामिल हैं - पटना साहिब, जहानाबाद और बेगूसराय। बता दें कि जहानाबाद में, मतदान किए गए वोट मतगणना के दौरान निकले कुल मतों से 23,079 अधिक हैं। अब ऐसे में दो चीजे ही निकलकर सामने आती हैं कि या तो यहां मतदानकर्मियों द्वारा वोटों का सहीं हिसाब नहीं किया गया, ​या फिर मशीने जमा होने के बाद उनमें छेड़छाड़ की गई। बता दें कि इस सीट पर जनता दल-यूनाइटेड के उम्मीदवार की जीत का अंतर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रतिद्वंद्वी से सिर्फ 1,751 वोटों का था। जिससे कयास लगाए जा रहे है कि यदि ये अंतर न होता तो यहां के परिणाम बदल सकते थे। [caption id="attachment_326203" align="aligncenter" width="640"]vote diffrence हैरतअंगेज: आखिर मतगणना में कैसे निकल आए मतदान से ज्यादा वोटा[/caption] इसी तरह पटना साहिब सीट पर कुल 920961 वोट पड़े, लेकिन जब वोटों की गिनती कराई गई तब यहां कुल मत 982939 निकले। वहीं बिहार की ही बेगुसराय सीट पर 1210734 वोट पड़े थे, लेकिन गिनती की गई तो 1226503 वोट निकले। यहां मतदान से 15769 वोट ज्यादा निकले। बता दें कि इस सीट पर भाजपा के गिरीराज सिंह चुनाव मैदान मे थे। वहीं यूपी में भी दो सीटों पर ऐसा ही देखने को मिला। यहां बदायूं सीट पर 1071744 वोट पड़े थे, लेकिन जब गिनती हुई तो कुल मत 1081108 वोट निकले। यहां वोटो का डिफरेंस 9364 था। बता दें कि यहां से समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव इस बार चुनाव हार गए हैं। वहीं फर्रूखाबाद में 1000563 वोट पड़े, जबकि वोटों ​की गिनती में 1002953 मत निकले।