राजीव गांधी के भारत रत्न पर AAP में घमासान, अलका लांबा बर्खास्त

alka lamba
राजीव गांधी के भारत रत्न पर AAP में घमासान, अलका लांबा बर्खास्त

दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव पर हुए विवाद में पार्टी की नेता अलका लांबा की छुट्टी कर दी गई है। अलका लांबा ने इस प्रस्ताव को पास होने की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। जिसके बाद यह कदम उठाया गया।

Aap Alka Lamba Somnath Bharti Rajiv Gandhi Bharat Ratna Arvind Kejriwal :

पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सोमनाथ भारती को पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है। भारती ने दावा किया था कि उन्होंने ही यह प्रस्ताव दिया था। हालांकि आप पार्टी ने कहा है कि मूल प्रस्ताव में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की बात शामिल ही नहीं थी। इसे हाथ से जोड़ा गया।

सवालों से बचकर निकल गए केजरीवाल

इस पूरे विवाद पर आम आदमी पार्टी और केजरीवाल सरकार, दोनों सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जब मीडिया ने इस प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष जानने की कोशिश की, तो वह बिना कुछ बोले ही निकल गए।

सरकार के दावों पर विधानसभा के विडियो से सवाल

विधानसभा की कार्यवाही का जो विडियो मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया जा रहा है, उसके मुताबिक सदन में पढ़े गए प्रस्ताव में भी राजीव गांधी का जिक्र था। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विधानसभा में पारित नहीं हुआ है। इस पर वोटिंग भी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर हाथ से जरनैल सिंह ने कुछ लिखा था, लेकिन यह मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था।

उन्होंने भावावेश में आकर लिखा था, लेकिन उन्होंने खुद अपने भाषण में नहीं कहा था कि मेरे प्रस्ताव में यह जोड़ दिया जाए। यही नहीं गोयल ने अलका लांबा के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने प्रस्ताव के विरोध में विधानसभा से वॉकआउट किया था। हालांकि अलका लांबा ने ट्वीट में प्रस्ताव की जो कॉपी ट्वीट की है, उसमें दिखता है कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव प्रिंटेड है।

आम आदमी पार्टी का यू टर्न

इस मामले में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा प्रस्ताव मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने वाला हिस्सा सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था। उन्होंने कहा, “मूल प्रस्ताव में हमने 1984 के नरसंहार के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की थी। राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा अमेंडमेंट सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था। सदन में मूल प्रस्ताव पास हुआ लेकिन भारती का प्रस्ताव पास नहीं किया गया।”

हालांकि अलका लांबा ने बाद में इस संबंध में ट्वीट किया है, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा हाथ से लिखा हुआ नहीं बल्कि प्रिंटेड नजर आ रहा है। विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया, ‘दिल्ली सरकार को गृह मंत्रालय को कड़े शब्दों में यह लिख कर देना चाहिए कि राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास के सर्वाधिक वीभत्स जनसंहार के पीड़ितों के परिवार और उनके अपने न्याय से वंचित हैं।’

सदन ने सरकार को निर्देश दिए कि वह गृह मंत्रालय से कहे कि वह भारत के घरेलू आपराधिक कानूनों में मानवता के खिलाफ अपराध और जनसंहार को खासतौर पर शामिल करने के लिए सभी महत्वपूर्ण और जरूरी कदम उठाए। सिख दंगा मामले में हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार और अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

आप विधायक जरनैल सिंह ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार ने सिख समुदाय के वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए यह कदम उठाया है।

दिल्ली विधानसभा में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने के प्रस्ताव पर हुए विवाद में पार्टी की नेता अलका लांबा की छुट्टी कर दी गई है। अलका लांबा ने इस प्रस्ताव को पास होने की खबर सोशल मीडिया पर शेयर की थी। जिसके बाद यह कदम उठाया गया। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सोमनाथ भारती को पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया गया है। भारती ने दावा किया था कि उन्होंने ही यह प्रस्ताव दिया था। हालांकि आप पार्टी ने कहा है कि मूल प्रस्ताव में राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने की बात शामिल ही नहीं थी। इसे हाथ से जोड़ा गया।

सवालों से बचकर निकल गए केजरीवाल

इस पूरे विवाद पर आम आदमी पार्टी और केजरीवाल सरकार, दोनों सीधे तौर पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। शनिवार सुबह मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जब मीडिया ने इस प्रस्ताव पर सरकार का पक्ष जानने की कोशिश की, तो वह बिना कुछ बोले ही निकल गए।

सरकार के दावों पर विधानसभा के विडियो से सवाल

विधानसभा की कार्यवाही का जो विडियो मीडिया रिपोर्ट्स में दिखाया जा रहा है, उसके मुताबिक सदन में पढ़े गए प्रस्ताव में भी राजीव गांधी का जिक्र था। विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल का कहना है कि ऐसा कोई प्रस्ताव विधानसभा में पारित नहीं हुआ है। इस पर वोटिंग भी नहीं हुई। उन्होंने कहा कि प्रस्ताव पर हाथ से जरनैल सिंह ने कुछ लिखा था, लेकिन यह मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था। उन्होंने भावावेश में आकर लिखा था, लेकिन उन्होंने खुद अपने भाषण में नहीं कहा था कि मेरे प्रस्ताव में यह जोड़ दिया जाए। यही नहीं गोयल ने अलका लांबा के उस दावे को भी खारिज कर दिया कि उन्होंने प्रस्ताव के विरोध में विधानसभा से वॉकआउट किया था। हालांकि अलका लांबा ने ट्वीट में प्रस्ताव की जो कॉपी ट्वीट की है, उसमें दिखता है कि राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने का प्रस्ताव प्रिंटेड है।

आम आदमी पार्टी का यू टर्न

इस मामले में आप नेता सौरभ भारद्वाज ने कहा कि राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा प्रस्ताव मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था। उन्होंने कहा कि राजीव गांधी से भारत रत्न छीनने वाला हिस्सा सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था। उन्होंने कहा, "मूल प्रस्ताव में हमने 1984 के नरसंहार के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की मांग की थी। राजीव गांधी के भारत रत्न से जुड़ा अमेंडमेंट सोमनाथ भारती ने अपने हाथ से लिखा था। सदन में मूल प्रस्ताव पास हुआ लेकिन भारती का प्रस्ताव पास नहीं किया गया।" हालांकि अलका लांबा ने बाद में इस संबंध में ट्वीट किया है, जिसमें राजीव गांधी से भारत रत्न वापस लेने वाला हिस्सा हाथ से लिखा हुआ नहीं बल्कि प्रिंटेड नजर आ रहा है। विधानसभा में पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया, 'दिल्ली सरकार को गृह मंत्रालय को कड़े शब्दों में यह लिख कर देना चाहिए कि राष्ट्रीय राजधानी के इतिहास के सर्वाधिक वीभत्स जनसंहार के पीड़ितों के परिवार और उनके अपने न्याय से वंचित हैं।’ सदन ने सरकार को निर्देश दिए कि वह गृह मंत्रालय से कहे कि वह भारत के घरेलू आपराधिक कानूनों में मानवता के खिलाफ अपराध और जनसंहार को खासतौर पर शामिल करने के लिए सभी महत्वपूर्ण और जरूरी कदम उठाए। सिख दंगा मामले में हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार और अन्य को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आप विधायक जरनैल सिंह ने इस प्रस्ताव को पेश किया था। माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार ने सिख समुदाय के वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए यह कदम उठाया है।