PM मोदी को ‘डिवाइडर इन चीफ’ बताने वाले आतिश तासीर की भारतीय नागरिक रद्द

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PM मोदी को 'डिवाइडर इन चीफ' बताने वाले आतिश तासीर की भारतीय नागरिक रद्द

नई दिल्ली। ब्रिटेन में जन्मे लेखक आतिश अली तासीर (Aatish Ali Taseer) का ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड (Overseas Citizen of India Card) गृह मंत्रालय की ओर से रद्द कर दिया गया है। दरअसल, उन्होंने कथित तौर पर यह तथ्य छुपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं क्योंकि ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों और उन्होंने यह बात छिपा कर रखी।

Aatish Ali Taseer Oci Card Home Ministry Modi Government Tavleen Singh :

पिता हैं पाकिस्‍तानी नागरिक

गृह मंत्रालय की तरफ से इस ट्वीट में बताया गया है, ‘सिटीजनशिप एक्‍ट 1955 के तहत आतिश अली तासीर अब ओसीआई कार्ड के योग्‍य नहीं हैं। वह स्‍पष्‍ट तौर पर आधारभूत योग्‍यताओं का पालन नहीं किया और जरूरी जानकारियों को छिपाया है।’ गृह मंत्रालय ने बताया है कि तासीर ने यह जानकारी छिपाई है कि उनके पिता एक पाकिस्‍तानी नागरिक है। ओसीआई कार्ड के तहत भारतीय मूल के किसी भी विदेशी नागरिक को पहचान दी जाती है और उसे भारत में दाखिल होने के लिए फिर किसी तरह के वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है।

जहां सभी देशों में बसे भारतीय मूल के लिए यह कार्ड मान्‍य है तो सिर्फ पाकिस्‍तानी और बांग्‍लादेश में बसे भारतीय इसके योग्‍य नहीं है। ओसीआई कार्ड को दोहरी नागरिकता के लिए जारी मांग के तहत जारी किया गया था जो भारतीय नागरिकता कानून के तहत अमान्‍य है। गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि तासीर को अपने केस का प्रतिनिधित्‍व करने का मौका दिया गया था लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे।

जवाब के लिए 24 घंटे दिए गए थे

गृह मंत्रालय के प्रवक्ता प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि मोदी सरकार टाइम पत्रिका में आलेख लिखने के बाद से तासीर के ओसीआई कार्ड को रद्द करने पर विचार कर रही थी। गृह मंत्रालय के बयान पर तासीर ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें जवाब देने के लिए 21 दिन नहीं, बल्कि 24 घंटे दिए गए थे।

टाइम मैगजीन में क्या था?

टाइम मैगजीन के उस अंक में कवर पेज पर दो आर्टिकल की सूचना थी। एक आर्टिकल आतिश तासीर ने लिखा ‘डिवाइडर इन चीफ’ और दूसरा पॉलिटिकल साइंटिस्ट इयान ब्रेमर ने लिखा था ‘मोदी द रिफॉर्मर’। ब्रेमर ने अपने आर्टिकल में पीएम मोदी की आर्थिक नीतियों की जमकर तारीफ की थी और उन्हें भारत के लिए सर्वोत्तम उम्मीद बताया है, लेकिन आतिश तासीर के लेख में मोदी को डिवाइडर इन चीफ यानी देश को बांटने वाला बोलकर उनकी आलोचना की गई थी। ये शब्द यहां नकारात्मक संदर्भ में इस्तेमाल किए गए हैं।

नई दिल्ली। ब्रिटेन में जन्मे लेखक आतिश अली तासीर (Aatish Ali Taseer) का ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया कार्ड (Overseas Citizen of India Card) गृह मंत्रालय की ओर से रद्द कर दिया गया है। दरअसल, उन्होंने कथित तौर पर यह तथ्य छुपाया कि उनके पिता पाकिस्तानी मूल के थे। गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बताया कि नागरिकता अधिनियम 1955 के अनुसार, तासीर ओसीआई कार्ड के लिए अयोग्य हो गए हैं क्योंकि ओसीआई कार्ड किसी ऐसे व्यक्ति को जारी नहीं किया जाता है जिसके माता-पिता या दादा-दादी पाकिस्तानी हों और उन्होंने यह बात छिपा कर रखी। पिता हैं पाकिस्‍तानी नागरिक गृह मंत्रालय की तरफ से इस ट्वीट में बताया गया है, 'सिटीजनशिप एक्‍ट 1955 के तहत आतिश अली तासीर अब ओसीआई कार्ड के योग्‍य नहीं हैं। वह स्‍पष्‍ट तौर पर आधारभूत योग्‍यताओं का पालन नहीं किया और जरूरी जानकारियों को छिपाया है।' गृह मंत्रालय ने बताया है कि तासीर ने यह जानकारी छिपाई है कि उनके पिता एक पाकिस्‍तानी नागरिक है। ओसीआई कार्ड के तहत भारतीय मूल के किसी भी विदेशी नागरिक को पहचान दी जाती है और उसे भारत में दाखिल होने के लिए फिर किसी तरह के वीजा की जरूरत नहीं पड़ती है। जहां सभी देशों में बसे भारतीय मूल के लिए यह कार्ड मान्‍य है तो सिर्फ पाकिस्‍तानी और बांग्‍लादेश में बसे भारतीय इसके योग्‍य नहीं है। ओसीआई कार्ड को दोहरी नागरिकता के लिए जारी मांग के तहत जारी किया गया था जो भारतीय नागरिकता कानून के तहत अमान्‍य है। गृह मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि तासीर को अपने केस का प्रतिनिधित्‍व करने का मौका दिया गया था लेकिन वह ऐसा करने में असफल रहे। जवाब के लिए 24 घंटे दिए गए थे गृह मंत्रालय के प्रवक्ता प्रवक्ता ने इस बात से भी इनकार किया कि मोदी सरकार टाइम पत्रिका में आलेख लिखने के बाद से तासीर के ओसीआई कार्ड को रद्द करने पर विचार कर रही थी। गृह मंत्रालय के बयान पर तासीर ने ट्विटर पर कहा कि उन्हें जवाब देने के लिए 21 दिन नहीं, बल्कि 24 घंटे दिए गए थे। टाइम मैगजीन में क्या था? टाइम मैगजीन के उस अंक में कवर पेज पर दो आर्टिकल की सूचना थी। एक आर्टिकल आतिश तासीर ने लिखा 'डिवाइडर इन चीफ' और दूसरा पॉलिटिकल साइंटिस्ट इयान ब्रेमर ने लिखा था 'मोदी द रिफॉर्मर'। ब्रेमर ने अपने आर्टिकल में पीएम मोदी की आर्थिक नीतियों की जमकर तारीफ की थी और उन्हें भारत के लिए सर्वोत्तम उम्मीद बताया है, लेकिन आतिश तासीर के लेख में मोदी को डिवाइडर इन चीफ यानी देश को बांटने वाला बोलकर उनकी आलोचना की गई थी। ये शब्द यहां नकारात्मक संदर्भ में इस्तेमाल किए गए हैं।