आये थे गंगा में किसी का शव बहाने खुद ही बह गए

पटना: बिहार में शव को जलाने गये तीन युवक गंगा में डूबे गये। जिसमें दो युवक की मौक पर ही मौत हो गयी। वही एक को स्थानीय लोगों ने बचा लिया। घटना सिमरी की विष के डेरा की बतायी जाती है। दो मृतक सिमरी प्रखंड के पांडेयपुर गांव के रहने वाले मनु कुमार और लाली कुमार बताये जाते है।




मिली जानकारी के अनुसार पांडेयपुर के रहने वाले रामायण दूबे का शव प्रवाह के लिए विष के डेरा पर गंगा घाट पर लाया गया था। शव के प्रवाह के बाद सभी लोगा स्नान करने लगे। इसी बीच गांव के मनु कुमार, लाली कुमार और कमलेश कुमार गंगा में अचानक डूबे गये। कुछ देर बाद लोगों ने देखा कि तीनों गायब है। वहा मौजूद लोगों ने तीनों की खोज करने लगे। जब नही मिले तो उसकी सूचना सिमरी थाने की पुलिस को दिया।

पुलिस गोताखोर के साथ घटनास्थल पहुंचे। गोताखोर ने काफी खोज के बाद एक युवक कमलेश को गंगा से निकला। वह भी जिंदा था। लोगों ने उसे इलाज के लिए पीएचसी में भर्ती कराया। वही काफी खोजबीन के बाद भी दो युवका का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। खबर लिखे जाने तक दो युवक की गोताखोर खोजबीन कर रहे है। सिमरी थानाध्यक्ष सुधीर कुमार ने बताया कि दोनों शवों की खोजबीन चल रही है। एक युवक को जिंदा निकाल लिया गया है। अभी तक खोज चल रही है। वहीं स्थानीय लोगों ने बताया कि मनु कुमार अपने मां एक एकलौता पुत्र था।




उसके पिता की कुछ साल पहले ही मौत हो चुकी है। उसकी मां का रो-रोकर बुरा हाल हुआ है। वहीं दूसरी ओर नावानगर थाना क्षेत्र के बैना गांव स्थित ठोरा नदी में डूबने से एक 10 वर्षीय छात्र की मौत हो गयी। छात्र की पहचान स्थानीय शिवजी बैठा के पुत्र विकास कुमार के रूप में की गई।