उपद्रवियों ने महिलाओं को बनाया ढाल, सेना की टुकड़ियों में शामिल होंगी Woman Soldier

कश्मीर। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि युवाओं को भ्रामक जानकारियां देने से उनमे हीन भावना पैदा होती है जिससे यही आगे आक्रोश पैदा करता है। इतना ही नहीं कश्मीर में ऑपरेशन के दौरान कुछ उपद्रवी महिलाओं को अपनी ढाल बना लेते हैं, जिसके बाद ऑपरेशन के दौरान कई बार महिलाएं सामने आ जाती है और पुरुष जवान महिलाओं पर कार्यवाही करने से पीछे हट जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुये महिला पुलिस( woman soldier) की जरूरत है। इस बात पर गौर करते हुये अब जवानो वाले रैंक में महिलाओं को भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है।



Ab Mahilaon Ko Apni Tukdiyon Mein Shamil Karegi Sena :

लड़ाकू भूमिकाओं में नहीं रखी जाती थी महिलाएं—

अभी तक महिलाओं की नियुक्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही होती थी। इनमें मेडिकल, लीगल, शिक्षा, सिग्नल और इंजीनियरिंग विंग हैं। ऑपरेशनल चुनौतियों और लॉजिस्टिकल इशूज़ के चलते महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं में नहीं रखा जाता है। पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुये सेना प्रमुख का कहना है कि अब वो महिलाओं की सेना में नियुक्ति करने के लिए तैयार है। इस सिलसिले में सरकार से भी बात की जा रही है। अब महिलाओं को अपनी ताकत और दृढ़ता के बल पर विपक्षी के द्वारा बनाई गयी रूढ़ियों को तोड़ना होगा।




आतंक से लड़ने के लिए तकनीकी की जरूरत—

वहीं कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शनो को देखते हुये जनरल रावत ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को सोशल मीडिया के चलते चल रही फर्जी खबरों को लेकर भड़काया जा रहा है। रावत ने कहा कि अब इन सब को देखते हुये हमारे पास आधुनिक टेक्नोलॉजी हो और सही तरह से उसे इस्तेमाल किया जाए, तो हम भी सक्षम होंगे और आवाम को भी इतनी तकलीफ नहीं होगी।

कश्मीर। सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने शनिवार को कहा कि युवाओं को भ्रामक जानकारियां देने से उनमे हीन भावना पैदा होती है जिससे यही आगे आक्रोश पैदा करता है। इतना ही नहीं कश्मीर में ऑपरेशन के दौरान कुछ उपद्रवी महिलाओं को अपनी ढाल बना लेते हैं, जिसके बाद ऑपरेशन के दौरान कई बार महिलाएं सामने आ जाती है और पुरुष जवान महिलाओं पर कार्यवाही करने से पीछे हट जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुये महिला पुलिस( woman soldier) की जरूरत है। इस बात पर गौर करते हुये अब जवानो वाले रैंक में महिलाओं को भी शामिल करने की योजना बनाई जा रही है। लड़ाकू भूमिकाओं में नहीं रखी जाती थी महिलाएं---अभी तक महिलाओं की नियुक्ति कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में ही होती थी। इनमें मेडिकल, लीगल, शिक्षा, सिग्नल और इंजीनियरिंग विंग हैं। ऑपरेशनल चुनौतियों और लॉजिस्टिकल इशूज़ के चलते महिलाओं को लड़ाकू भूमिकाओं में नहीं रखा जाता है। पर सामने आ रही समस्याओं को देखते हुये सेना प्रमुख का कहना है कि अब वो महिलाओं की सेना में नियुक्ति करने के लिए तैयार है। इस सिलसिले में सरकार से भी बात की जा रही है। अब महिलाओं को अपनी ताकत और दृढ़ता के बल पर विपक्षी के द्वारा बनाई गयी रूढ़ियों को तोड़ना होगा। आतंक से लड़ने के लिए तकनीकी की जरूरत---वहीं कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शनो को देखते हुये जनरल रावत ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को सोशल मीडिया के चलते चल रही फर्जी खबरों को लेकर भड़काया जा रहा है। रावत ने कहा कि अब इन सब को देखते हुये हमारे पास आधुनिक टेक्नोलॉजी हो और सही तरह से उसे इस्तेमाल किया जाए, तो हम भी सक्षम होंगे और आवाम को भी इतनी तकलीफ नहीं होगी।